Betul News : सुरक्षा राशि के लिए भटक रही जननी, 54 पंचायतों की 4 सैकड़ा महिलाएं लाभ से वंचित
Betul News: Mother is wandering for security money, 4 hundred women of 54 panchayats deprived of benefits.

भीमपुर संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने की योजना फिसड्डी, अधिकारियों ने लगाया पलीता
Betul News : (बैतूल/भीमपुर)। संस्थागत प्रसव के माध्यम से सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जिले में जननी सुरक्षा योजना चलाई जा रही है, लेकिन आदिवासी अंचलों में सरकार की योजनाओं को जमकर पलीता लगाया जा रहा है। भीमपुर आदिवासी अंचल की 54 पंचायतों में 4 सैकड़ा महिलाएं पिछले डेढ़ साल से जननी सुरक्षा योजना की राशि के लिए भटक रही है। सूत्रों के अनुसार जिला स्तर से लगभग 20 लाख की राशि जारी होने के बावजूद महिलाएं सुरक्षा राशि के लाभ से वंचित है।
गौरतलब है कि प्रसव के दौरान होने वाली मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए इस योजना के माध्यम से महिलाओं को प्रोत्साहन राशि देकर सरकारी अस्पतालों पर संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस योजना के तहत ग्रामीण एवं शहरी दोनों प्रकार की गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने पर अलग-अलग प्रोत्साहन राशि सरकार द्वारा प्रदान की जा रही है, जिसमें ग्रामीण इलाके की गर्भवती महिलाओं को 1400 रुपए एवं शहरी क्षेत्र की महिलाओं को 1000 रुपए दिए जाते हैं।
साथ ही इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए सरकारी अस्पतालों पर संदर्भित करने के लिए आशाओं को भी प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है, जिसमें प्रति प्रसव ग्रामीण क्षेत्रों में 600 रुपये एवं शहरी क्षेत्रों के लिए प्रति प्रसव 400 रुपए आशाओं को दिए जाते हैं। इस योजना के तहत संस्थागत प्रसव पर आम लोगों के बीच जागरुकता बढ़ी है, लेकिन, भीमपुर क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की लचर कार्य प्रणाली के चलते सरकार की मंशा धूमिल होती नजर आ रही है।
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470 महिलाएं लाभ से वंचित
भीमपुर में मार्च की स्थिति में 600 से ऊपर महिलाएं इन योजनाओं के लिए पात्र थी, जिसमें से 200 को लाभ भी मिल गया है परंतु आज भी 470 महिलाएं शेष है जो भीमपुर स्वास्थ्य केंद्र के डेढ़ सालों से सतत चक्कर लगा रही है, जिसके कारण मैदानी अमले को परेशानी हो रही है। आए दिन महिलाएं शासन से मिलने वाली राशि के लिए गुहार लगाते नजर आ रही है।
बताया जा रहा है कि शासन स्तर से जिले के माध्यम से 20 लाख का आवंटन दिया गया था, परंतु यह राशि भी अकाउटेंट की चतुराई से मार्च में वित्त से हटाकर रोगी कल्याण समिति में हस्तांतरित की गई है। जो राशि का भुगतान जननी सुरक्षा व प्रसव सुरक्षा योजना में हुआ है, वह वित्त की राशि से किया गया, यह राशि आज भी रोकस में है।
महिलाओं ने चर्चा में बताया कि डेढ़ साल हो गए कार्यालय के चक्कर लगाते कई बार बैंक पास बुक और समग्र आईडी आशाओं के माध्यम से भेज चुके हैं। व्यक्तिगत रूप से भीमपुर आकर भी जमा कर चुके हैं और उन योजनाओं का हमें लाभ नहीं मिला गांव में 2 सालों से एलटीटी जिन्होंने करवाई है, वह भी राशि के लिए भटक रही है। रोगी कल्याण समिति से डिजिटल भुगतान होना है पर आए दिन कुछ न कुछ पेच लगा रहे हैं।
पूरे ब्लॉक में यही आलम
जानकारी के अनुसार सभी उप स्वास्थ्य केंद्र में 10-12 प्रकरण है जिनको राशि नहीं दी गई। कभी बोलते हसेंटर से अमोल पर एंट्री नहीं है, 470 महिलाओं को मिलने वाली सहायता राशि जननी सुरक्षा योजना व प्रसव सुरक्षा योजना को अधिकारी पलीता लगा रहे हैं।
चांदू, रंभा, चिल्लोर, खैरा दामजीपुरा, केकड़िया बाटलाखुर्द, देसली सहित तमाम गांव में यही आलम है, मैदानी अमला भी चुप्पी साधे हुए है। बीएमओ ने पूरे ब्लॉक में शासन की योजनाओं को ब्रेक कर रखा है। कांग्रेस के विधायक तो रोगी कल्याण समिति के पदेन सदस्य है, उन्होंने भी आदिवासी महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना व प्रसव सुरक्षा योजना, महिला नसबंदी का लाभार्थियों को लाभ दिलाने का कोई प्रयास नहीं किया जिससे महिलाओं में रोष है।
जिले में बैठकर एकॉउंटेट कर रहा कामकाज
बताया जा रहा है कि भीमपुर बीएमओ द्वारा शासन की राशि रोगी कल्याण समिति में केवल शोपीस बनाकर रखी है। राशि दूसरे खर्चर् में उपयोग कर रहे हैं। हितग्राहियों को राशि समय पर वितरण से परेहज करते हैं। इनका अकाउंटेंट जिले में बैठकर पिछले 2 सालों से पूरा काम निपटा रहा है, जिसके चलते दूर दराज से लोग व कर्मचारी आते भी है तो उनका कोई काम नहीं होता। उन्हें बोल दिया जाता है कि एकॉउंटेट नहीं है, आएगा तो आपका काम हो जाएगा।
एकॉउंटेट निलेश दवंडे जिले में रहकर शासन की योजनाओं को बीएमओ के मुताबिक चला रहे हैं, जबकि उनको भीमपुर ब्लॉक में रहकर काम करना चाहिए। वित्तीय मामलों को लेकर 400 कर्मचारियों का मैदानी अमला परेशान है।




