Betul News : डॉ. राय ने तलाशी मुंह की बीमारी की नई तकनीक
Betul News: Dr. Rai discovered new technology for oral disease

ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस बीमारी के इलाज में मददगार होगी। पूर्व विधायक अलकेश के दामाद है अंशुल
Betul News : (बैतूल)। तम्बाकू सुपारी के सेवन से मुंह कम खुलने की परेशानी होती है। मेडिकल साइंस में इसे ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस बीमारी कहते हैं। इस बीमारी में मरीज का मुंह खुलना बंद हो जाता है या बहुत कम खुलता है। ऐसे मरीजों के लिए बैतूल के पूर्व विधायक, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अलकेश आर्य के दामाद डॉ.अंशुल राय ने नई तकनीक ईजाद की है। यह तकनीक सफल भी हो रही है, कई मरीजों के इलाज के बाद अच्छे परिणाम सामने आए हैं।
डॉ.अंशुल राय ने बताया खाने के बाद सौंफ, लौंग, इलायची का सेवन अच्छा माना जाता है। इनमें ऐसे कई तत्व पाए जाते हैं जो भोजन को पचाने में मदद करते हैं, लेकिन कुछ लोगों को खाने के बाद गुटखा चबाने की लत होती है। कुछ तो सुबह उठते ही चाय से पहले गुटखे का सेवन करने लगते हैं। धीरे-धीरे वह इसके इतने आदि हो जाते हैं कि अपनी इस लत पर कंट्रोल ही नहीं कर पाते। उन्होंने बताया कि मुंह नहीं खुलने या कम खुलने का इलाज सर्जरी या अन्य तरीके से होता है।
मेडिकली लैग्वेंज में इसे ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस कहते है। इस ट्रीटमेंट में मुंह खुलने और बंद होने जैसी क्रियाओं पर काम किया जाता है। मुंह के अंदर का म्यूकस सिकुड़ने से यह (मुंह कम खुलने) समस्या होती है। इसकी सर्जरी काफी महंगी होती है। इस समस्या से राहत के लिए मरीज केवल तरल पदार्थ का ही सेवन कर पाता है। वह कुछ चबा भी नहीं सकता, यहां तक कि दांतों को भी ठीक तरह से साफ नहीं कर पाता है ठीक से भोजन न कर सकने से वह कमजोरी महसूस करता है और उसकी इम्युनिटी भी काफी कमजोर हो जाती है।
दस प्रतिशत लोगों में मुंह का कैंसर डेवलप
लगभग दस प्रतिशत लोगों में मुंह का कैंसर भी डेवलप हो सकता है। ज्यादा बढ़ जाने पर इसका एक मात्र इलाज ऑपरेशन ही बचता है, और वह भी अधिक प्रभावी नहीं रहता है। इस परेशानी से निजाद दिलाने एम्स के डॉ.अंशुल राय ने इसके उपचार हेतु एक नई तकनीक का विकास किया है। बीमारी ठीक करने कीतु नई तकनीक में गाल के अंदर की स कड़क चमड़ी को सर्जरी के द्वारा हटा कर पेट के साइड की खल और बक्कल फैट पैड के कॉम्बिनेशन का मरीजों में उपयोग किया गया। जिसके परिणाम काफी अच्छे रहे।
एम्स के दन्त चिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. अंशुल राय को उनके शोध के द्वारा विकसित तकनीक को इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी इंडिया के रूप में भारत सरकार वाणिज्यएवं उद्योग मंत्रालय, औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग ने कॉपीरइट प्रदान किया है।
आयुष्मान कार्ड धारकों को मुफ्त ईलाज
डॉ. अंशुल राय ने बताया कि इस नई तकनीक से इलाज करने पर मरीजों का मुंह पूरे चार ऊंगली तक खुल सकेगा।आयुष्मान कार्ड धारको को ये सुविधा एम्स के दन्त चिकित्सा विभाग में मुफ्त दी जाएगी. पिछले 10 सालों से तम्बाकू, सुपारी खाने वाले मरीजों के ऊपर अध्ययन कर उनका इलाज कर रहे हैं। इस दौरान 3 शोध पत्र भी प्रकाशित कर चुके हैं। बीमारी के इलाज में उपयोग होने वाला एक मॉडिफाइड इंस्ट्रूमेंट बना चुके हैं।
बीमारी के लक्षण
- मुंह खुलना बंद हो जाना या कम खुलना
- मुंह में मिर्ची लगना
- बारबार मुंह में छाले होना
- खाना ठीक से नहीं चबा पाना
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