Betul News: बबला के नाम पर पेंच आया तो सुधाकर का अध्यक्ष बनना तय!
Betul News: If there is a problem in the name of Babla, then Sudhakar is sure to become the president!

भाजपा में अचानक बदले समीकरण, देर रात तक हो सकती है घोषणा
Betul News: बैतूल। भाजपा में अध्यक्ष को लेकर चल रही कवायद के बीच नए समीकरण सामने आ रहे हैं। अब तक जिला अध्यक्ष की दौड़ में सामान्य वर्ग का प्रतिनिधित्व करने वाले वर्तमान अध्यक्ष आदित्य बबला शुक्ला का नाम तय सा माना जा रहा था, लेकिन उनका चार साल का कार्यकाल और सामान्य वर्ग से होने के कारण पेंच आने पर बैतूल बाजार के परिषद पूर्व के अध्यक्ष सुधाकर पवार का नाम तेजी से सामने आया है। वे पिछड़ा वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं। यदि ऐसा हुआ तो बबला का उत्ताराधिकारी के रूप में सुधाकर का नाम पर मोहर लग जाएगी।
भाजपा से जुड़े सूत्र बताते हैं कि जिला अध्यक्ष के लिए पूर्व में हुई रायशुमारी में आदित्य बबला शुक्ला का नाम पहले पायदान पर था। हालांकि भाजपा की गाइड लाइन के अनुसार पैनल में भोपाल तक पांच नाम भेजे जाने थे। जिनमें बबला के अलावा जिला पंचायत उपाध्यक्ष हंसराज धुर्वे, नप के पूर्व अध्यक्ष सुधाकर पवार, महिला मोर्चा की पूर्व अध्यक्ष रश्मि साहू और मधु पाटनकर का नाम पैनल में गया था। सूत्र बताते हैं कि भाजपा में राजधानी भोपाल में तीन दिन पहले हुई रायशुमारी में नई दिल्ली तक वर्तमान जिला अध्यक्ष बबला के अलावा सुधाकर पवार और हंसराज धुर्वे का नाम गया है।
इन तीन नाम के पैनल में से किसी एक को अध्यक्ष चुना जाना है। हालांकि भाजपा में बनते बिगड़ते समीकरण के बीच नाम काम ज्यादा होने का सिलसिला जा रही है इसी वजह कोई खुलकर नहीं कर पा रहा है कि भाजपा का अगला जिला अध्यक्ष कौन होगा? लेकिन शनिवार की रात से रविवार दोपहर तक जिस तरह भोपाल से लेकर नई दिल्ली तक बैतूल जिला अध्यक्ष के लिए समीकरण बदले है, इससे खलबली में अच्छी हुई है।
बबला के नाम पर इसलिए संशय
भाजपा से जुड़े सूत्र बताते हैं कि रायशुमारी में सामान्य वर्ग से आदित्य बबला शुक्ला का नाम सबसे आगे था। उनका जिला अध्यक्ष चुना जाना भी लगभग तय माना जा रहा है, लेकिन पार्टी हाईकमान ने चार वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले जिला अध्यक्ष को दूसरी बार मौका न देने की रणनीति बनाई है।
इसी के चलते बबला के नाम पर संशय बरकरार है। वैसे जिले के सांसद और पांचों विधायकों सहित मंडल अध्यक्षों ने बबला के नाम पर सहमति जताई थी, लेकिन भाजपा की गाइडलाइन का नियम सामने आने के बाद रविवार को उनकी दावेदारी थोड़ी कमजोर हो गई है। वैसे उन्हें अध्यक्ष बनाने के लिए पार्टी के वरिष्ठ और कनिष्ठ कार्यकर्ताओं की दिली इच्छा है।
पिछड़ा वर्ग से सुधाकर का नाम अचानक आया
भाजपा के एक सूत्र ने बताया कि सामान्य वर्ग से बबला का नाम लगभग तय होने के बाद हाईकमान विकल्प के तौर पर दूसरा नाम यदि मांगता है तो पिछड़ा वर्ग का प्रतिनिधित्व करने वाले और अधिवक्ता के साथ नप बैतूल बाजार की अध्यक्षी संभालने वाले सुधाकर पवार का नाम अचानक सामने आया है। उनकी छवि निर्विवाद होने और जिले के जनप्रतिनिधियों के साथ अच्छा तालमेल होने का फायदा उनको मिलने के आसार है।
इसी वजह जिला अध्यक्ष के अन्य दावेदार रश्मि साहू, मधु पाटनकर और हंसराज धुर्वे का नाम रविवार को एक दम चला गया। यदि पार्टी पिछड़ा वर्ग का प्रतिनिधित्व करने वाले सुधाकर पवार पर भरोसा जताए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। वैसे भी सुधाकर के बारे में कहा जाता है कि वे जिला महामंत्री रहते हुए भी अच्छी छाप छोड़ी है, इसलिए उनको जिला अध्यक्ष बनाने पर शायद ही किसी को आपत्ति होगी।




