Betul Samachar: डीआरएम के आने से पहले ही ट्रेनों से भूमिगत हुए अवैध वेंडर
Betul Samachar: Even before the arrival of DRM, illegal vendors went underground from trains.

स्टेशनों पर अवैध वेंडर भी वर्दी पर नजर आए, डीआरएम के जाते ही
Betul Samachar: बैतूल। मध्य रेल्वे के डीआरएम मनीष अग्रवाल घोड़ाडोंगरी बैतूल एवं आमला के दौरे पर हैं बताया जा रहा है कि रविवार कलेक्ट्रेट में मीटिंग के बाद वह घोड़ाडोंगरी रवाना हुए थे, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनकी वापसी नहीं हो पाई थी। हालांकि डीआरएम के सोमवार बैतूल होकर गुजरने को लेकर स्टेशन पर व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखी गई। डीआरएम के नागपुर औऱ घोड़ाडोंगरी के बीच रहने का सबसे ज्यादा असर ट्रेनों में चलने वाले सैकड़ों वेंडरों पर देखने को मिला है। ट्रेनों में वेंडरों की संख्या काफी कम नजर आ रही थी।
रेल यात्री संघर्ष समिति के अध्यक्ष रमेश भाटिया के मुताबिक डीआरएम के दौरे के दरम्यान सबसे महत्वपूर्ण बात यह सामने आई कि नागपुर से इटारसी तक विभिन्न ट्रेनों में नागपुर के कुछ ठेकेदारों के अवैध वेंडरों का काफिला जिनकी टीशर्ट पर ईटी से एनजीपी लिखा हुआ है, यह सभी वेंडर रेलवे स्टेशन पर टाइम पास करते नजर आ रहे थे। आरोप है कि पिछले एक वर्ष से रेलवे के जवाबदार अधिकारियों की मिली भगत से वेंडर लगातार आम यात्रियों को कई प्रकार की सामग्री बेच रहे हैं। जैसे ही डीआरएम का दौरा हुआ यह अवैध वेंडर ट्रेनों से गायब हो गए हैं। सवाल है कि यदि वेंडर वैध हैं तो टे्रनों में क्यों नहीं दिख रहे?

दाल में काला नहीं पूरी दाल ही काली है
भाजपा नेता रमेश भाटिया ने ट्रेनों में ठेकेदारी की आड़ में चल रही अवैध वेंडर को लेकर अधिकारियों पर गम्भीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ट्रेनों में ठेकेदारी की आड़ में अवैध वेंडरों की फौज उतार दी गई है। इससे अधिकारियों की काली कमाई उजागर हो रही है। ट्रेनों में अवैध व्यापार करने वाले नागपुर के रामू भदौरिया, विवेक भदौरिया एवं इटारसी के गौरव भदौरिया और गोलू भदौरिया तथा पांढुर्णा के लखन सिंग, कल्लन भदौरिया ने नागपुर से इटारसी तक रेलवे के सभी विभागों में सैटिंग कर लगभग 200 वेंडर ट्रेनों में उतार रखे हैं, जो यात्रियों को विभिन्न प्रकार की सामग्रियां बेचकर भारी भरकम मुनाफा कमा रहे हैं, लेकिन यह वेंडर लाइसेंसी हैं या फिर गैर लाइसेंसी इसकी जांच या धरपकड़ नहीं किए जाने से सवाल खड़े हो रहे हैं। जिस तरह से रविवार दिन भर वेंडरों की फौज स्टेशन पर टाइम पास करती नजर आई, उससे ऐसा प्रतीत हो रहा है की ट्रेनों में हो रही अवैध वेंडर को लेकर उच्च अधिकारियों को भी गुमराह किया जा रहा है।




