Political News: धरमू के बाद अब बह्मा भी घोड़ाडोंगरी से उम्मीदवार तय!

Political News: After Dharmu, now Bahama is also a competitor from Ghoradongri!

किसी भी समय नाम की होगी घोषणा, टिकट कटने से गलत संदेश जाता है, इसलिए कांग्रेस ने खेला दाव

Political News: बैतूल। कांग्रेस ने भाजपा की अपेक्षा अभी तक टिकट घोषित न कर अपने पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन अंदरखाने की खबर है कि प्रदेश की 230 विधानसभाओं में से कुछ को छोड़कर अधिकांश पर उम्मीदवार तय कर लिए हैं। जिस तरह दो दिन पहले भैंसदेही के कांग्रेसी प्रतिनिधि मंडल को इशारे ही इशारे में वर्तमान विधायक धरमू सिंह की टिकट फाइनल होने की बात कह दी थी।

इसी तरह घोड़ाडोंगरी के वर्तमान विधायक बह्मा भलावी का नाम भी लगभग तय माना जा रहा है। कांग्रेस के अब तक सर्वे में भले ही बह्मा का नाम काफी पीछे था, लेकिन रिपोर्ट कार्ड की अपेक्षा कांग्रेस यहां भी भला मानुष की सहानूभूति के सहारे सीटिंग एमएल पर ही दाव खेलेगी। यदि कांग्रेस की पहली सूची में बह्मा का नाम आ जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं कही जा सकती।

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सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस से जिले की सबसे बड़ी घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र से वर्तमान में तीन गंभीर दावेदारों के नाम सामने आए हैं। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा कराए गए दो से तीन सर्वे में वर्तमान विधायक बह्मा भलावी, घोड़ाडोंगरी जनपद पंचायत अध्यक्ष राहुल उइके, जिला मुख्यालय के प्रमुख चिकित्सक रमेश काकोड़िया का नाम प्रमुख है। उनके अलावा पूर्व मंत्री प्रताप सिंह उइके और एक जिला पंचायत सदस्य का नाम सामने आया है, लेकिन कांग्रेस सूत्रों की मुताबिक पहले के तीन नामों से किसी एक को उम्मीदवार बनाया जाना तय था।

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सूत्रों की मुताबिक सूची में वैसे राहुल उइके और डॉक्टर रमेश काकोड़िया का नाम वजनदारी से सामने आया था। सर्वे में बह्मा भलावी अब तक तीसरे नंबर पर चलने की जानकारी सामने आई। पिछले दिनों डॉ. काकोड़िया ने लाव- लश्कर के साथ कमलनाथ से भोपाल में अपनी टिकट की दावेदारी की है। उन्होंने क्षेत्र के जिला पंचायत और जनपद सदस्यों के अलावा सरपंचों को लेकर शक्ति प्रदर्शन किया। राहुल उइके पूर्व में अपनी गंभीर दावेदारी जता चुके हैं, लेकिन बह्मा ने न तो भोपाल जाकर किसी से मुलाकात की और न ही अपने किसी समर्थकों को दावेदारी जताने के लिए भोपाल भेजा। बस यही उनके लिए प्लस पाइंट साबित हो रहा है।

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विधायक की छवि पाक-साफ, समर्थकों ने बिगाड़ा खेल

सूत्र बताते हैं कि पांच वर्ष तक घोड़ाडोंगरी के विधायक जनहित समेत जनता से जुड़े मुद्दों पर सबसे सक्रिय रहने वाले विधायकों में से एक है। जानकार बताते हैं कि भाजपा के दिवंगत विधायक सज्जन सिंह उइके जैसी दबंग छवि दिखाते हुए बह्मा ने भी रेत माफियाओं के खिलाफ मोर्चा खोलने में कसर नहीं छोड़ी। जनहित के मुद्दों पर उन्होंने कांग्रेस के शासन काल के पंद्रह माह में भी सरकार के नुमाइंदों को घेरने में पीछे नहीं हटे। धरना प्रदर्शन में भी उनकी सहभागिता घोड़ाडोंगरी, शाहपुर और चिचोली क्षेत्र में देखी गई है।

इतना जरूर है कि उनके पांच वर्ष के कार्यकाल में कुछ समर्थकों ने मलाई खाई और बदनाम कांग्रेस के सीधे-साधे विधायक को होना पड़ा। यही उनकी गले की हड्डी बन गया है। कहा जा रहा है कि बह्मा ने कभी अपने फायदें के लिए कोई प्रयास नहीं किया। इतना जरूर है कि क्षेत्र के कांग्रेसियों के कुछ कारनामें भोपाल तक पहुंच गए। इससे विधायक की छवि खराब हुई है।

कांग्रेस के अपुष्ट सूत्र बताते हैं कि बह्मा भलावी की छवि भी साफ-सुथरी है। पूरे पांच वर्ष उन पर कोई दाग नहीं लगा। वर्ष 2018 में सरकार के गठन के समय बह्मा को भाजपा द्वारा प्रलोभन भी दिए जाने की बात सामने आई। इस बात का वे खुद बार-बार उल्लेख करते रहते हैं।

कुछ दिनों पहले ही उन्होंने बैतूल में भी भाजपा द्वारा पचास करोड़ में खरीदने की बात दोहरा कर सनसनी फैला दी। सूत्र बताते हैं कि यदि कांग्रेस उन्हें दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाती है तो आदिवासी समाज का अपमान और अन्य मुद्दें कांग्रेस को भारी पड़ सकते हैं। खुद भलावी टिकट कटने पर अपने आपने आप को असहज महसूस कर खरीदे जाने का मुद्दा भी उठा सकते हैं।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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