Administrative Corner: प्रशासनिक कोना: कौन है पिंटू, जिसका तथाकथित करवा चौथ उपवास चर्चा में है?? किस साहब के मुर्गा प्रेम ने आफिस से दूरी बनाने पर मजबूर किया??? तहसील में आखिर साहब की धमाकेदार चर्चा के किस्से आखिर क्यों है चर्चा में???? पढ़िए विस्तार से हमारे चर्चित कॉलम प्रशासनिक कोना में……..

Administrative Corner: Administrative Corner: Who is Pintu, whose so-called Karva Chauth fast is in discussion??

चर्चा में पिंटू का करवा चौथ

कुछ आरक्षक और प्रधान आरक्षक थोड़ी मनमानी और थोड़ी सी अतिरिक्त आय के लिए अपने टीआई के खास बनने के लिए किसी भी स्तर तक चले जाते है। वे कभी टीआई के लिए ड्रायवर बन जाते है तो कभी आया बनने से भी परहेज नहीं करते। हरिराम नाई वाला रोल प्ले करना भी उनकी आदत में शुमार हो गया है। यही वजह है कि उनसे डांट डपट तक खाते रहते है।

चर्चा है कि टीआई का हिसाब-किताब मेंटेन करने में भी यह माहिर है। ऐसे ही एक पुलिस कर्मी को लेकर सोमवार को चार पुलिसकर्मी एक कॉफी हाउस में चुहलबाजी करते नजर आए। उनकी बातचीत का केंद्र बिंदू कोई पिंटू पुलिस था, जो फिलहाल आवाजाही वाली शाखा में पदस्थ है, पर एक अन्य थाने के टीआई का कृपा पात्र बताया जा रहा है। इसकी टीआई के लिए सेवा भावना देखकर उक्त पुलिसकर्मी मजा ले रहे थे कि पिंटू ने साहब के लिए करवाचौथ रखा कि नही..? इसके साथ पिंटू जैसे और भी कुछ पुलिसकर्मियों के नाम लेकर मनोरंजन किया जा रहा था, इसकी चर्चा अब कॉफी हाउस से निकलकर बाहर आ पहुंची है।

साहब के मुर्गा प्रेम ने दफ्तर से किया दूर

एक निकाय के इंजीनियर साहब का मुर्गा प्रेम उनका पीछा नहीं छोड़ रहा है। जहां मुर्गा दिखा उनकी लार टपक जाती है। युवा इंजीनियर हाल ही में चतुर्भुज होने की प्रक्रिया के लिए अवकाश पर गए थे। लौटने के बाद एक बार फिर उनकी तबीयत नासाज हुई। खबर आई कि साहब की पाचन क्रिया उक्त निकाय में पदस्थ होने के बाद से ही बहुत नाजुक है। दुबले-पतले यह साहब पाईल्स की समस्या से भी जूझ रहे है।

डॉक्टरों ने उन्हें मसालेदार चीजों से दूरी बनाने के लिए कहा है, लेकिन मुर्गा देखते ही अपनी जीभ पर नियंत्रण नहीं रख पाते और हाजमा परेशान कर अपने साथ निकाय का भी नुकसान कर बैठते है। सप्ताह में दो दिन मुर्गा खाने से हाजमा गड़बड़ होने पर निकाय में काम करने ही नहीं जाते है। इसी वजह से इस निकाय में उनको दी जिम्मेदारी पूरी नहीं हो पा रही। नतीजा यह है कि इंजीनियर बहाने बताकर जिम्मेदारी से बच रहे है।

साहब की धमाकेदार वापसी फिर चर्चा में

तहसील में पदस्थ एक साहब को पिछले दिनों भाजपा नेताओं की नाराजगी का कोपभाजन कर जिला मुख्यालय से करीब 35 किमी दूर एक तहसील में पदस्थ कर लिया था, उन पर भाजपा से जुड़े कॉलोनाइजरों ने काम ना करने पर शिकायत की थीं। जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर बड़े साहब ने उन्हें दूर भेज दिया, लेकिन हाल ही में यहां पदस्थ एक ईमानदार साहब को पटरी पर चलने के कारण कॉलोनाइजरों के साथ पटवारी लॉबी ने शिकायत कर लूपलाइन भेज दिया।

बड़े साहब ने आखिर फिर पुराने वाले साहब की पदस्थापना की तो पटवारी के साथ पटवारी के साथ कॉलोनाइजरों के तोते उड़ने लगे। यह साहब भी नियमों के पक्के होने के साथ पूरी फाइल देखने के बाद ही चिड़िया उड़ाते हैं। चर्चा चल रही है कि एक ईमानदार साहब से पीछा छूटा तो दूसरे साहब की धमाकेदार वापसी हो गई। इससे कॉलोनाइजर लॉबी परेशान है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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