Betul Samachar: 33 वार्डों की नाली सफाई के लिए नपा के पास गाडिय़ों का टोटा
Betul Samachar: NAPA has shortage of vehicles for drain cleaning of 33 wards.

सडक़ों पर बज-बजा रहा नालियों का कचरा, टेंडर में लेटलतीफी से बिगड़े शहर के हालात
Betul Samachar: बैतूल। जिला मुख्यालय की नगर पालिका को कचरा गाडिय़ों की कमी से जूझना पड़ रहा है। नालियों से निकलने वाले मलबे को उठाने और कूड़े तक पहुंचाने के लिए उपयोग की जाने वाली गाडिय़ों का टोटा होने से सफाई कामगारों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालत यह हैं कि अब छोटी कचरा गाडिय़ों की जगह नपा को नालियों से निकलने वाला बदबूदार मलबा ट्रेक्टर की सहायता लेकर उठवाना पड़ रहा है। अधिकारी भी यह मान रहे हैं कि दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन कुछ ही दिनों में कचरा गाडिय़ों की सप्लाई को क्लियरेंस मिल जाएगा।
33 वार्ड पर एक भी गाड़ी नहीं, गलियों में सबसे ज्यादा दिक्कत
नगर पालिका के भरोसे शहर के सभी 33 वार्डों में नालियों की सफाई की जिम्मेदारी करीब 150 सफाईकर्मी निभा रहे हैं। इनमें से कुछ कर्मियों को ट्रैक्टरों पर तैनात किया गया है और कुछ सडक़ों की सफाई में लगे हुए हैं। सफाई कामगारों की सबसे ज्यादा तैनाती नालियों की सफाई के लिए की गई है। कामगार नालियों की सफाई तो पूरी ईमानदारी से कर रहे हैं, लेकिन नालियों से निकलने वाले मलबे को ढोने के लिए गाडिय़ां ही नहीं है। लिहाजा नालियों से निकल रहे मलबे के ढेर सडक़ के किनारे पड़े-पड़े बदबू मार रहे हैं। इससे वार्डों में गंदगी का माहौल भी निर्मित हो रहा है। कुछ वार्डों में नालियों से निकला मलबा ट्रैक्टरों की सहायता से ठिकाने लगाया जा रहा है, लेकिन संकरी गली और मोहल्लों में ट्रैक्टरों के न जा पाने से आम जनता मलबे से उठ रही बदबू से परेशान हैं।
सफाईकर्मियों की मजबूरी कैसे उठाएं मलबा
सफाईकर्मियों द्वारा रोस्टर के हिसाब से वार्डों में निरंतर नालियों की सफाई की जा रही है, लेकिन संसाधनों की कमी के चलते मजबूरी भी जाहिर कर रहे हैं। सफाईकर्मियों का कहना है कि आमतौर पर नालियों से निकलने वाला मलबा गाडिय़ों में भरकर कूड़े पर डाल दिया जाता है। यहां ट्रेक्टर की सहायता से मलबा सीधे ट्रेचिंग ग्राउंड पहुंच जाता है, लेकिन कचरा गाडिय़ां ना होने से मलबा कूड़े तक पहुंचाने में ज्यादा दिक्कतें हो रही है। नपा के अधिकारी भी नहीं चाहते कि मलबा लोगों के घरों के सामने ही पड़ा रहे, लेकिन कचरा गाड़ी की व्यवस्था जब तक नहीं हो जाती, तब तक दिक्कतें झेलना हमारी भी मजबूरी है।
100 गाडिय़ों के लगे टेंडर अभी तक नहीं हुए क्लियर
शहर के सभी वार्डों में कचरा गाड़ी ना होने का विपरित असर देखने को मिल रहा है। ऐसा भी नहीं है कि इस समस्या के समाधान का रास्ता नहीं निकाला जा रहा है। नपा ने कचरा गाडिय़ों की खरीदी के लिए टेंडर लगा दिए है, लेकिन क्लियरेंस नहीं होने के कारण सफाईकर्मियों समेत आमजन को समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। अधिकारियों के मुताबिक नपा ने 33 वार्डों के हिसाब से लगभग 100 कचरा गाडिय़ों की खरीदी के लिए टेंडर लगा दिए हैं, लेकिन प्रक्रिया में समय लगने के कारण अभी तक सप्लाई नहीं हो पाई है। प्रयास किए जा रहे हैं कि जल्द कचरा गाडिय़ों की सप्लाई मिल जाएं, ताकि समस्या का शीघ्र समाधान निकल सकें।
इनका कहना…
यह सही है कि कचरा गाडिय़ां न होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मलबा उठाने ट्रैक्टरों की सहायता ली जा रही हैं। 100 कचरा वाहनों की खरीदी के लिए टेंडर लगाए हैं। प्रयास कर रहे हैं कि अगले एक सप्ताह में सप्लाई मिल जाएं।
संतोष दनेलिया, स्वच्छता निरीक्षक नपा बैतूल




