Betul News: एकलव्य के अस्थाई कर्मचारी अपात्रों के घरों की कर रहे अर्दली!
Betul News: Eklavya's temporary employees are orderly in the houses of ineligible people!

बाहर का रास्ता दिखाए जाने के डर से कर्मचारी मजबूरी में कर रहे काम
Betul News: बैतूल। जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत आने वाले एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शाहपुर में अपात्रों का रसूख इस कदर सिर चढ़कर बोल रहा है कि विद्यालय में काम करने वाले अस्थाई कर्मचारियों को अपात्रों की अर्दली बजाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। वित्तीय अनियमितताओं सहित मनमानी के लिए कुख्यात हो चुके एकलव्य विद्यालय में मनमाना राज चलाया जा रहा है और अधिकारी चुप्पी साधे हुए बैठे हैं। बताया जा रहा है कि यदि कोई अस्थाई कर्मचारी घरेलू काम करने से इनकार कर दे तो अपात्रों की त्योरियां चढ़ जाती हैं और कर्मचारी को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है।
स्कूल में नहीं, अपात्रों के घरों में सेवा दे रहे अस्थाईकर्मी
सूत्रों से मिली अंदरूनी जानकारी अनुसार विद्यालय संचालन के लिए कई अस्थाई स्थानीय कर्मचारियों को यहां रखा गया है, लेकिन पिछले लंबे समय से इन कर्मचारियों की मजबूरी का फायदा लेते हुए इन्हें दबाकर रखा जाता रहा है। कई कर्मचारी ऐसे हंै, जिन्हें अपात्रों के घरों का काम तक करना पड़ता है। सूत्र बताते हैं कि यदि कोई अस्थाई कर्मचारी घरेलू काम करने से इनकार करता है तो उसे सीधे बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है।
ऐसे कई बुजुर्ग कर्मचारियों को प्रभारी प्राचार्य के साथ मिलकर संस्थान से बिना नोटिस के निकाला भी जा चुका है, जबकि संबन्धित को नोटिस और स्पष्टीकरण के बिना निकालना नियम विरुद्ध है । पूर्व में 11 रसोइयों द्वारा मां वैष्णो ट्रेडिंग एजेंसी के ठेकेदार और प्राचार्य की गतिविधियों को लेकर जब रसोइयों ने न्यायालय का रुख किया था तो इनमे से 2 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। बताया जाता है कि वर्तमान में आवासीय विद्यालय में खर्च की जाने वाली राशियों में भी मिलीभगत कर हेरफेर का खेल बदस्तूर जारी है, बल्कि नियमों को भी दरकिनार किए जाने के भरसक प्रयास हो रहे हैं और अधिकारी चुप चाप तमाशा देख रहे हैं।





