Betul News: ईफको कंपनी का जैविक खाद जांच सीमा से बाहर बताकर सैंपल लौटाया

Betul News: IFFCO company's organic fertilizer sample returned by saying it was out of the testing limit

एनसीईओएनएफ ने नहीं की जांच, खाद मानक है या अमानक, अब भी सवाल अधूरा

Betul News: बैतूल। जिले में यूरिया संकट के दौरान किसानों को वितरित की गई ईफको कंपनी की जैविक खाद की गुणवत्ता अब संदेह के घेरे में है। मुलताई क्षेत्र के एक कृषक द्वारा खाद को नकली बताए जाने के बाद जांच के लिए भेजा गया सैंपल राष्ट्रीय जैविक एवं प्राकृतिक खेती केंद्र (एनसीईओएनएफ) गाजियाबाद ने यह कहकर लौटा दिया कि उक्त खाद उनके परीक्षण अधिकार क्षेत्र में नहीं आती।

जानकारी के अनुसार, मुलताई निवासी किसान अनिल सोनी ने 13 जून को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मुलताई से ईफको कंपनी की सांगरिका ब्रांड की जैविक खाद खरीदी थी, जो नकली प्रतीत हो रही है। शिकायत के समर्थन में उन्होंने बिल और खाद का नमूना प्रस्तुत किया था।

यह है पूरा मामला

कृषक का दावा है कि राजस्थान सरकार के एक मंत्री द्वारा छापेमारी में इसी ब्रांड की खाद नकली पाई गई थी, जिसमें टाइल्स की डस्ट भरकर पैकिंग की गई थी। इस छापे के बाद फैक्ट्री सील कर दी गई थी। किसान का कहना है कि उसने स्वयं खाद को रगड़कर देखा, जिसमें सीमेंट जैसा बारीक चुरा मिला। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने कृषि उप संचालक को खाद के सैंपल जांच के निर्देश दिए थे। इसके तहत 14 जून को खाद का नमूना गाजियाबाद स्थित एनसीईओएनएफ को भेजा गया।

सेम्पल को लेकर बड़ी प्रशासनिक चूक उजागर

हालांकि, लगभग एक महीने बाद केंद्र के निदेशक डॉ. गगनेश शर्मा द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया कि यह सैंपल एफओसी (फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर) 1985 की अनुसूची 3, 4, 5 और 8 के अंतर्गत कवर नहीं होता, इसलिए उनकी प्रयोगशाला इसे परीक्षण के योग्य नहीं मानती। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो सका कि सांगरिका खाद मानक है या अमानक। इससे एक बड़ी प्रशासनिक चूक भी उजागर हुई है कि जिला विपणन संघ द्वारा ऐसी खाद का वितरण किया गया, जिसकी गुणवत्ता जांच का स्पष्ट प्रावधान ही नहीं है। किसान इसे नकली मान रहे हैं और अधिकारियों के सामने जवाबदेही का प्रश्न खड़ा हो गया है। अब सवाल यह है कि क्या जिले में वितरित की गई खाद किसानों के लिए सुरक्षित है? क्या कृषि विभाग बिना परीक्षण की संभावना वाले उत्पादों को स्वीकृति दे रहा है?

जिले में अब तक इतनी खाद आई

गुणवत्ता और शिकायतों के बीच जिला विपणन और कृषि विभाग दावा कर रहा है कि जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद मौजूद है। यदि यह बात सच है तो सोसाइटियों में किसान खाद के लिए सुबह से शाम तक कतार में लग रहे हैं। इसके बावजूद विपणन संघ ने अब तक यूरिया की पांच रैक आने का दावा किया है। जून में यूरिया की 2600 मीट्रिक टन की एक खेप, एनपीके की 1100 मीट्रिक टन की दो रेक, जुलाई में यूरिया की 2600 और 1500 मीट्रिक टन , डीएपी की 2688 मीट्रिक टन की एक रेक बैतूल पहुंचने का दावा किया गया है।

इनका कहना…

हमने प्रयोग के लिए खाद का सेंपल कृषि विज्ञान केंद्र बैतूलबाजार भेजा है। वहीं से इसका डेटा एनालीसिस करके जानकारी देंगे।

आनंद बड़ोनिया, उपसंचालक कृषि बैतूल।

कृषि विभाग ने हमको प्रयोग के लिए खाद दिया है। ट्रायल डालकर डेटा अर्ब्जवर करेंगे। इसके बाद ही कुछ जानकारी मिल पाएगी। इसमें पूरा सीजन भी लग सकता है।

डॉ विजय वर्मा, वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र बैतूल बाजार।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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