Betul Samachar: 69 साल बाद अचानक अवतरित हुए 150 अज्ञात अतिक्रमणकारी

Betul Samachar: 150 unknown encroachers suddenly appeared after 69 years

जंगल की जमीन पर कर रहे अपना दावा, प्र्रुफरेंज को दी गई थी जमीन, वन विभाग औऱ प्रशासन सतर्क

Betul Samachar: बैतूल। जंगलों की जमीन पर बेजा अतिक्रमण करने और वनविभाग को इन्हें हटाने की जद्दोजहद करते हमेशा देखा और सुना जाता है, लेकिन इस बार मामला रोचक होने के साथ-साथ कुछ अलग है। उत्तर वनमंडल के भौंरा परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाली धार सर्किल में पिछले एक सप्ताह से लगभग 150 अतिक्रमणकारी जंगल की जमीन को अपनी बताते धरने पर बैठे हैं। यह वह अतिक्रमणकारी हैं, जिन्हें कोई नहीं जानता। इन अतिक्रमणकारियों का कहना है कि लगभग 69 साल पहले उनके पूर्वज इसी जमीन पर खेती किया करते थे। अब यह अतिक्रमणकारी वन विभाग के साथ प्रशासन के लिए भी सिरदर्द बने हुए हैं। हालांकि इसकी जानकारी वन अधिकारियों समेत राजस्व और प्रशासन को दे दी है। ऐसा माना जा रहा है कि अब इन लोगों को यहां से हटाने की तैयारी की जा रही है।

प्रुफ रेंज को दी थी जमीन, मुआवजे के साथ किया था विस्थापन

जानकारी के अनुसार नर्मदापुरम और बैतूल जिले की सीमा में सम्मलित सिरघाट ग्राम के जंगलों की यह जमीन आज से लगभग 69 साल पहले 1957 में इटारसी स्थित रक्षा विभाग के आर्डनेंस सेक्शन को वनविभाग ने ट्रांसफर की थी, ताकि उपयोगिता के हिसाब से रक्षाविभाग को पर्याप्त जमीन मुहैय्या कराई जा सके। इसके लिए यहां काबिज लोगों को मुआवजे के साथ खेती के लिए जमीनें दी जा सके, लेकिन एक सप्ताह पूर्व यहां अचानक लगभग 150 अतिक्रमणकारियों ने पहुंचकर झोपड़ियां बना ली और एलान कर दिया कि जमीन उनके पूर्वजों की है, जबकि आसपास के ग्रामों में रहने वाला कोई भी ग्रामीण इन्हें नहीं जानता।

Betul Samachar: 69 साल बाद अचानक अवतरित हुए 150 अज्ञात अतिक्रमणकारी

पु्रफ रेंज से वन विभाग को वापस हुई थी जमीन

इस पूरे मामले को लेकर धार सर्किल के डिप्टी रेंजर राजेन्द्र प्रसाद तिवारी का कहना है कि एक सप्ताह पूर्व यह सूचना मिली थी कि धार सर्किल के आरएफ कम्पार्टमेंट नम्बर 160 कोयलारी बीट में एक सैकड़ा से अधिक अतिक्रमणकारियों ने जंगल की जमीन पर कब्जा कर झोपड़ियां बना ली और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। जब इसकी जानकारी निकाली गई तो पता चला कि वन विभाग ने यह जमीन किसी समय प्रुुफ रेंज को ट्रांसफर की थी, लेकिन बाद में इसे रिजर्व फारेस्ट में मर्ज कर दिया गया था। जो अतिक्रमणकारी यहां बैठे हुए हैं, उन्हें समझाइश भी दी, लेकिन वे हटने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने इस संबंध में प्रशासन को ज्ञापन देकर अपनी बात रखी है। इसकी सूचना हमने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी है। रिजर्व फारेस्ट की जमीन खाली कराई जाएगी।

वन सुरक्षा समिति का भी विरोध आया सामने

मामले में जिस तरह अज्ञात अतिक्रमणकारियों द्वारा जबरन कब्जे की कोशिश की जा रही है। उससे वन सुरक्षा समिति के अलावा ग्रामीणों में भी आक्रोश है। इनका कहना है कि हमारे जंगलों पर हम बेजा कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वन सुरक्षा समिति अध्यक्ष भैयालाल बारस्कर का कहना है कि वन विभाग की जमीन और वनोपज से हमारे आदिवासियों भाइयों की रोजी रोटी चलती है। कोई अंजान आकर हमारे हक और अधिकार पर कब्जा करे यह बर्दास्त नहीं किया जा सकता। इसी जंगल से हम महुआ, तेंदूपत्ता और अन्य वनोपज के जरिए आर्थिक लाभ अर्जित करते हैं। जो लोग यहां आकर अपने हक और अधिकार की बात कर रहे हैं, जिन्हें कोई नहीं जानता, कौन हैं कहां से आए हैं, हम सभी इसका विरोध कर रहे हैं।

इनका कहना….

एक सप्ताह से अज्ञात अतिक्रमणकारी जमीन अपनी बताकर विरोध कर रहे हैं, इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी है। वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

राजेन्द्र प्रसाद तिवारी, डिप्टी रेंजर, वन परिक्षेत्र भौरा, सर्किल धार

जंगल की जमीन पर जो बैठे है, उन्हें हम लोग नहीं जानते। कोई कैसे आकर हमारी जमीन पर कब्जा कर सकता है। हम इसका विरोध कर रहे हैं।

भैयालाल बारस्कर, अध्यक्ष वनसुरक्षा समिति धार

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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