Betul Samachar : दुकानों के अलावा ठेकेदार गांव-गांव फेंक रहे अवैध शराब
Betul Samachar: Apart from shops, contractors are throwing illegal liquor from village to village

कोटा पूरा करने के लिए पूरी सेटिंग से हो रहा काम,नियमों की सरेआम उड़ रही धज्जियां
Betul Samachar : बैतूल। जिले में चल रहे अवैध शराब का कारोबार बिना किसी ख़ौफ़ के किस तरह अंजाम दिया जा रहा है। इसका ताजा उदाहरण तब सामने आया जब भैंसदेही में पुलिस ने थोड़ी बहुत नहीं बल्कि 5 लाख रुपए मूल्य की 107 पेटी अवैध शराब जब्त कर आबकारी विभाग के मुहं पर करारा तमाचा मारा है। शराब की तस्करी की जो सूचना आबकारी विभाग को मिलनी चाहिए थी। उसी सूचना पर भंैसदेही पुलिस ने कार्यवाही कर दी और आबकारी विभाग के जिला स्तर एवं वृत स्तर के अधिकारी सोते रहे।
हद तो तब हो गई, जब सोमवार दूसरे दिन दोपहर 12 बजे तक आबकारी के नुमाइंदों को यह तक पता नहीं था कि उनके इलाके में अवैध शराब परिवहन को लेकर पुलिस इतनी बड़ी कार्यवाही कर चुकी है। हालात यह हैं कि जिले के ठेकेदार खुलेआम गांव-गांव शराब सप्लाई कर अपना कोटा पूरा कर रहे हैं, लेकिन आबकारी विभाग की चुप्पी खुद अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही है। जिले में आबकारी विभाग की शह पर चल रहे शराब के खेल पर अब कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी की नजरें इनायत होना इसलिए जरूरी हो गया है कि पड़ताल में यह साफ-समझ मे आ रहा है कि शराब का यह खेल पूरी सेटिंग के साथ खेला जा रहा है। और नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
हर गांव में मिल जाएगी अंग्रेजी शराब, साहब जरा जाकर तो देखो
कहने को तो आबकारी विभाग ने अवैध शराब की बिक्री और परिवहन को रोकने के लिए व्रत स्तर पर अपना अमला तैनात कर रखा है पर जिस तरह से गांव-गांव में अंग्रेजी शराब बिक रही है। उसे चैक करना आबकारी के बड़े अधिकारी मुनासिब क्यों नहीं समझ रहे ये बड़ा सवाल है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ठेकेदार के कर्मचारी बोलेरो वाहनों के जरिये बकायदा ठिकानों तक आर्डर का माल खुद पहुंचाकर दे रहे हैं। यह पूरा गोरखधंधा रात में खेला जा रहा है जब आबकारी अधिकारी एसी, कूलर पंखों की हवा में गहरी नींद ले रहे होते हैं। जिले का शायद ही कोई ठेकेदार ऐसा होगा जो अपने क्षेत्र के आसपास स्थित गांवों में अवैध शराब की सप्लाई ना कर रहा हो, लेकिन शराब का काला खेक आबकारी के जेहन में क्यों नहीं उतर रहा ये जांच का विषय है।
एमएसपी और एमआरपी के बीच के रेट में दी जा रही सप्लाई
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ठेकेदार अपने मुनाफे के साथ साथ उन अवैध फुटकर व्यापारियों के भी मुनाफे का पूरा ध्यान रख रहे हैं। जो इन ठेकेदारों की शराब अपने गांव में बेच रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि नियम के मुताबिक ठेकेदार अपना माल एमएसपी से कम और एमआरपी से ज्यादा कीमत में नहीं बेच सकता है।
इसके लिए ठेकेदार एमएसपी से अधिक और एमआरपी के बीच का रेट तय कर अवैध शराब कारोबारियों तक अपना माल पहुंचा रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि ठेकेदार के मुनाफे में वह रकम भी शामिल होती है जो रकम स्वतंत्र रूप से काम करने के एवज में खर्च की जानी है। जो भी है लेकिन जिस तरह से जिले में ठेकेदारो द्वारा शराब का अवैध कारोबार किया जा रहा है यह कारोबार ने आबकारी विभाग पर कई सवाल खड़े कर रहा है। विभागीय अधिकारियों को यह बताना चाहिए कि आखिर इतने बेख़ौफ़ होकर ठेकेदार नियमों की धज्जियां कैसे उड़ा रहे हैं।
इनका कहना…..
अवैध शराब परिवहन को लेकर निरीक्षकों को सख्त निर्देश दे रखे हैं। नियमों का उलंघन हुआ तो बिल्कुल कार्यवाही होगी।
अंशुमान सिंह चढार, जिला आबकारी अधिकारी, बैतूल





