Betul News: भूमाफिया अचानक तहसील कार्यालय के काटने लगे चक्कर
Betul News: Land mafia suddenly started roaming around Tehsil office

अवैध कालोनी में नाम आने के भय से आरआई और पटवारियों की पूछ परख बढ़ी, सबकी नजर अधिकारियों पर
Betul News: बैतूल। बैतूल शहर में 22 अवैध कालोनाइजरों की सूची सांझवीर टाईम्स में प्रकाशित होने का असर है कि पूरे जिले के तहसील कार्यालयों में भूमाफियाओं की दस्तक तेजी से बढ़ गई है। जिला मुख्यालय के तहसील कार्यालय में सर्वाधिक भीड़ भूमाफियाओं की देखी जा रही है। यही हालात मुलताई, आमला, शाहपुर, घोड़ाडोंगरी, भीमपुर, भैंसदेही, आठनेर, चिचोली के एसडीएम-तहसील कार्यालय में देखे जा रहे हैं। दरअसल कलेक्टर के निर्देश पर अधिकारियों द्वारा अवैध कालोनियों की सूची तैयार की जा रही है। बस इस सूची में अपना नाम है या नहीं इसे देखने के लिए कालोनाइजर आरआई से लेकर पटवारियों तक अपनी एप्रोच लगा रहे हैं।
सूत्र बताते हैं कि 150 से अधिक अवैध कालोनियां जिले में या तो तैयार हो चुकी है या इनमें प्लाट बेचने का सिलसिला जारी है। चूंकि मुख्यमंत्री ने भूमाफियाओं पर नकेल कसने के लिए सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं। इसी आधार पर बैतूल कलेक्टर ने कुछ दिनों पहले ही अधिकारियों की बैठक लेकर दो टूक शब्दों में अवैध कालोनियों की जांच कर सभी एसडीएम और तहसीलदार से जांच प्रतिवेदन भेजने के लिए कहा है। हालांकि अब तक इक्का-दुक्का अधिकारियों को छोड़ किसी ने भी अवैध कालोनियों को लेकर कलेक्टर तक जानकारी नहीं दी है। कहा जा रहा है कि शहरी अंचलों की जानकारी सीधे कलेक्टर और ग्रामीण अंचलों की अपर कलेक्टर तक जानकारी जाएगी। इसके बाद अवैध कालोनियों पर एफआईआर के लिए कलेक्टर संबंधित एसडीएम या तहसीलदारों को निर्देशित करेंगे।
तहसील कार्यालयों में भूमाफियाओं का जमावड़ा
जिले के अलग-अलग तहसील कार्यालयों में सांझवीर की खबर के बाद अवैध कालोनाइजर अपने नाम सूची में तलाश रहे हैं। इसके लिए वे तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। हालांकि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कलेक्टर के सख्त निर्देश के बाद कोई भी बड़ा या छोटा अधिकारी-कर्मचारी अवैध कालोनियों के मामले में किसी को बख्शने के मूड में दिखाई नहीं दे रहे हैं। दरअसल कलेक्टर ने पहले ही कहा है कि अवैध कालोनियों की रिपोर्ट गलत आने पर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों पर भी कार्रवाई तय होगी। यही वजह है कि चक्कर काट रहे भूमाफियाओं को तहसील कार्यालय से मुंह लटकाकर वापस लौटना पड़ रहा है।
जिनके नाम छूटे, उन्हें भी जांच में लिया!
सूत्र बताते हैं कि राजस्व अमला अवैध कालोनियों का चि_ा तैयार कर रहा है। चूंकि बैतूल शहर के अंतर्गत तहसीलदार ने जो रिपोर्ट कलेक्टर को दी है, इसमें केवल 22 ही नाम है। कहा जा रहा है कि 22 के अलावा करीब एक दर्जन और नाम अवैध कालोनियों के छूट गए हैं, इन्हें भी जांच में लिए जाने की खबर है। इसके अलावा शेष ब्लाकों में आरआई और पटवारी एक -एक कालोनियों का मौके पर जाकर निरीक्षण कर संपूर्ण रिकार्ड बनाकर रिपोर्ट तहसीलदार को सौंप रहे हैं। इसी वजह अवैध कालोनियों की लिस्ट बनाने में देरी हो रही है।





