Betul Samachar: नगरीय क्षेत्र के 22 अवैध कालोनियों पर कार्रवाई तय!
Betul Samachar: Action decided against 22 illegal colonies in urban area!

तहसीलदार ने आरआई की रिपोर्ट पर कलेक्टर को सौंपा जांच प्रतिवेदन, कई दिग्गजों की कालोनियों पर खतरा
Betul Samachar: बैतूल। प्लॉट और कॉलोनियों के नाम शहर और आसपास बेजा कारोबार चल रहा है। यहां लोगों न तो सुविधाएं मिल रही है और न ही कोई सौगात, कई मामले की कलेक्टर तक शिकायतें पहुंची हैं। इसके बाद उन्होंने बैतूल शहर और आसपास के करीब 22 से अधिक कालोनाइजरों पर कार्रवाई करने के लिए तहसीलदार से जांच करवाई गई। इस जांच में अधिकांश कालोनियां अवैध पाई गई है। तहसीलदार ने आरआई से मिले प्रतिवेदन के बाद मामला कलेक्टर के पास भेज दिया है। भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त कलेक्टर किसी भी समय इन कालोनियों पर कार्रवाई कर सकते हैं।
सूत्र बताते हैं कि पदभार ग्रहण करने के बाद ही कलेक्टर ने जिले की भूमाफियाओं की कुंडली तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए थे। उनके पदस्थापना को लगभग चार माह का समय बीत गया है। कहा जा रहा है कि कलेक्टर वर्किंग मोड में नजर आ रहे हैं। इसका उदाहरण कॉलेज चौक से होटल आभाश्री तक अतिक्रमण में सख्ती के बाद देखा जा सकता है। यहां हाथठेलों पर भी दुकान लगाने पर नगरपालिका के जिम्मेदारों को फटकार मिल रही है। इसके बाद अंदाजा लगाया जा सकता है कि कलेक्टर किसी भी हाल में भूमाफियाओं को बख्शने को तैयार नहीं है।
उन्होंने पहले ही बैठक लेकर सभी एसडीएम और तहसीलदारों को अवैध कालोनियों को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी है। क्षेत्र के एसडीएम और तहसीलदार भी अवैध कालोनियों की कुंडली बनाकर रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपते जा रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि इसके बाद पूरे जिले में कुकुरमुत्ते की तरह उग आई अवैध कालोनियों के कर्ताधर्ताओं पर कार्रवाई शुरू होगी।
बैतूल 22 कालोनाइजर रडार पर
बताया जाता है कि अप्रैल माह में कलेक्टर के निर्देश पर बैतूल तहसीलदार ने सभी राजस्व निरीक्षकों को अपने क्षेत्र की कालोनियों के मौका मुआयना के निर्देश दिए थे। उन्होंने प्रपत्र तैयार कर तहसीलदार को सौंप दिया। तहसीलदार द्वारा 12 मई को अवैध कालोनियों पर कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन कलेक्टर को सौंपा जा चुका है।
इनमें अमन पिता गंगा प्रसाद गौठाना, सुक्को पति बाबूराव गौठाना, सुंदरलाल पिता रामपत गौठाना, गणेश विहान फेस-1 की ओर से पार्टनर गणेश-राकेश पिता मनोहर नवघरे, दिलीप पिता रघुनाथ, आनंद पिता किशोरीलाल गौठाना, छब्बू बाई बेवा नानाराव गजानन, गनपत राव, भरत पिता मनाराम, कविता पति एलपी गढ़ेकर, अनिता पिता दिनेश टिकारी, राजेश पिता द्वारका प्रसाद टिकारी, मेसर्स बालाजी डेवलपर्स की ओर से सुंदरलाल पिता रामपत, अशोक पिता मदनलाल, सुदेश पिता संतोष, सुमित पिता श्यामसुंदर टिकारी, विकास पिता रमेशचंद, विक्रम पिता विनेंद्र टिकारी, धरमपाल पिता देवमन बिजवे टिकारी, शिवशंकर-रामदास पिता नत्थू खंजनपुर, राजीव कुमार पिता अशोक कुमार खंजनपुर, रामप्रसाद पिता बाबूलाल खंजनपुर, तौसीफ बेग पिता हनीफ बेग हमलापुर, बारिकराव पिता सखाराम बदनूरढाना, महाकाल डेवलपर्स बैतूल पार्टनर अमित पिता भारतचंद बदनूरढाना, गीता पिता संतोष कुमार बदनूरढाना, माया बाई बेवा कलीराम वगैरह बदनूरढाना, विजय कुमार पिता मानीकराम महस्की बदनूरढाना, भगतराम पिता तुकाराम हमलापुर, हंसराज पिता कामजीलाल वगैरह हमलापुर, सपना बेवा रवि ठाकुर वगैरह हमलापुर, आसमा राजा पिता शैफुद्दीन राजा हमलापुर और छुट्टन पिता गोरेलाल हमलापुर के नाम शामिल हैंं।
छोटे भूखंड देकर नामांतरण नहीं किए
जानकारी सामने आई है कि कालोनाइजरों ने लाखों-करोड़ों कमाने के चक्कर में नियमों को ताक पर रख दिया है। लाखों रुपए में प्लाट बेच दिए गए, लेकिन जांच में उल्लेख हुआ है कि अधिकांश कालोनाइजरों द्वारा छोटे भूखंड संबंधितों को दे दिए। इसकी वजह नामांतरण की प्रक्रिया अधिकांश कालोनियों में पूरी नहीं हो पाई। भूखंड खरीदने के बाद लोग नामांतरण नहीं होने से वर्षों से परेशान हो रहे हैं। कई के आरोप है कि चप्पलें घिसने के बाद नामांतरण के लिए कालोनाइजर उन्हें झूला रहे हैं। अधिकांश मामलों की शिकायत भी कलेक्टर और अन्य अधिकारियों तक पहुंची। बताया जा रहा है कि कलेक्टर को भेजे गए प्रतिवेदन तहसीलदार ने इन कालोनियों पर कार्रवाई करने का भी अनुरोध किया है।
अभी कई कालोनाइजरों के नाम भी आएंगे सामने
जानकारी सूत्रों ने बताया कि शहर और आसपास अभी बडोरा, बटामा में भी अवैध कालोनियां बनी है। इन कालोनाइजरों के नाम इस सूची में भले ही न आए, लेकिन अधिकारियों की माने तो अभी दर्जनों नाम और सामने आएंगे। जिन्होंने कालोनियां बनाने के लिए कई अनुमति नहीं ली है। इतना ही नहीं कई जगह शासकीय नदी और नालों पर कालोनाइजरों ने खुद के खर्च पर पुलिया बनाने के मामले भी सामने आ रहे हैं। यह रिकार्ड भी आरआई और पटवारियों को प्राथमिकता से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
बताया जा रहा है कि पूर्व कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस ने 9 कालोनाइजरों पर एफआईआर दर्ज कराई थी। अब नए कलेक्टर भी इस मामले में काफी सख्ती दिखा रहे हैं। इससे तय है कि अवैध कालोनियों के मामले में राजनीति करने वाले कालोनाइजरों की भी खैर नहीं होगी। इस संबंध में कलेक्टर ने बताया कि वे वीसी में व्यस्त है, लेकिन इस मामले में अधिकारियों को सख्त निर्देश दे रहे हैं।
इनका कहना….
कलेक्टर साहब के निर्देश पर कालोनियों का निरीक्षण करने के बाद जांच प्रतिवेदन सौंप दिया गया है। अब कलेक्टर साहब ही इस मामले में कार्रवाई तय करेंगे।
जीडी पाठे, तहसीलदार बैतूल।





