Betul Ki Khabar : खेत ऊपर, नहर नीचे, किसानों को कैसे मिलेगा पानी?

Betul Ki Khabar: Fields above, canals below, how will farmers get water?

जलसंसाधन विभाग की कारगुजारी से नाराज किसानों ने बन्द कराया काम

Betul Ki Khabar : बैतूल। किसानों को राहत देने के लिए सरकार भले ही करोड़ों रुपए खर्च कर सुविधाएं मुहैया कराने का दावा करें, लेकिन सरकारी नुमाइंदे इस रकम को ठिकाने लगाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे। बिना किसी प्लानिंग और निरीक्षण के जलसंसाधन विभाग सापना जलाशय से किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो सके इसके लिए नहर का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन आंखे मूंदकर किए जा रहे नहर निर्माण के बाद किसानों को पानी मिल पायेगा या नहीं इस पर अधिकारियों का ध्यान बिल्कुल भी नहीं है।

जलसंसाधन विभाग की इसी लापरवाही और अनदेखी से गुस्साए किसानों ने आज नहर निर्माण का काम बंद करवा दिया। किसानों का आरोप है कि जलसंसाधन विभाग द्वारा बनाई जा रही नहर खेतों के समकक्ष ना बनाकर नीचे बनाई जा रही है। कई हिस्सों में खेतों की ऊंचाई ज्यादा है तो वहीं नहर नीचे बनाई जा रही है। इससे अधिकांश किसानों को सिंचाई के लिए पानी ही नहीं मिल पाएगा। किसानों का कहना है कि जब तक समस्या का समाधान नहीं हो जाता नहर का काम नहीं होने देंगे।

अनदेखी के चलते फूटा किसानों का गुस्सा

बैतूलबाजार के किसान लक्ष्मीनारायण पवार ने बताया कि सापना नहर के माध्यम से क्षेत्र के सैकड़ों किसानों को नहर से पानी दिया जाता है। मौजूदा हालातों में जलसंसाधन विभाग यहां नहर का निर्माण कर रहा है, लेकिन गुणवत्ता का ख्याल रखा जा रहा है और ना ही किसानों की सुविधाओं का। जो नहर यहां बनाई जा रही है, उसका कोई भी मापदंड तय नहीं है। कई किसानों के खेत ऊंचाई पर हैं जहां इसके समकक्ष नहर बनाई जानी चाहिए लेकिन नहर का निर्माण खेतों से लगे निचले हिस्से में किया जा रहा है। ऐसे में किसानों को नहर का पानी नहीं मिल जाएगा और पानी सीधा आगे बढ़ जाएगा।

समस्या का समाधान नहीं तो काम भी नहीं

जलसंसाधन विभाग की इस लापरवाही से किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। किसान नारायण पवार का कहना है कि सापना जलाशय से आसपास के क्षेत्र में नहर का काम मनमर्जी से किया जा रहा है। जबकि नहर निर्माण के पूर्व इलाके का निरीक्षण तक नहीं किया गया और काम चालू कर दिया गया है। कभी कोई अधिकारी यहां देखने तक नहीं आता कि काम गुणवत्ता से हो रहा है या नहीं। मॉनिटरिंग तक नहीं कि जा रही है।

इसका परिणाम यह सामने आ रहा है कि नहर बनाकर अधिकारी अपने कर्तव्यों की इतिश्री तो कर ले रहे हैं, लेकिन किसानों को भविष्य में इसका फायदा मिलेगा या नहीं इससे अधिकारियों को कोई सरोकार नहीं है। किसानों का साफ कहना है कि जब तक समस्या का समाधान नहीं किया जाता किसान नहर का काम नहीं होने देंगे।

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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