Today Betul News: आखिर मोबाइल की रोशनी में क्यों करना पड़ा अंतिम संस्कार? कारण जानकर हैरान रह जाएंगे आप
Today Betul News: Why did the last rites of the person injured in a road accident have to be performed in mobile light? You will be surprised to know the reason

Today Betul News:(बैतूल)। सोमवार की रात कोठीबाजार मोक्षधाम में शवयात्रा लेकर पहुंचे लोगों को उस समय विपरीत स्थिति का सामना करना जब वे सड़क हादसे में मौत होने के बाद अंतिम संस्कार के लिए कोठीबाजार मोक्षधाम पहुंचे थे। मोक्षधाम में अंधेरा होने की वजह से अंतिम संस्कार करने में जब व्यवधान उत्पन्न हुआ तो मजबूरी में परिजनों को मोबाइल और ट्रेक्टर की लाइट जलाकर अंतिम क्रिया सम्पन्न करना पड़ा। मामले का सबसे दुखद पहलू यह है कि शव का पोस्टमार्टम होने के चलते उसे रोका भी नहीं जा सकता था। यही वजह है कि परिजनों को तत्काल अंतिम संस्कार के लिए मोक्षधाम जाना पड़ा था। इस घटना से अब उन जिम्मेदारों को यह समझने की जरूरत है कि जिंदा इंसान भले परेशानी में अपना जीवन गुजार रहा हो पर मौत होने के बाद कम से कम उसका सुकून से अंतिम संस्कार तो होना चाहिए। इस तरफ स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ साथ प्रशासन को भी संज्ञान लेने की आवश्यकता है।
बमुश्किल हो सका अंतिम संस्कार
पूरे मामले को लेकर परिजन बबलू नागले ने बताया कि भोपाल में हुए सड़क हादसे में इलाज के दौरान उसके चाचा सुखदेव नागले (48) वर्ष की सोमवार मौत हो गयी थी। पोस्टमार्टम के बाद शव शाम को हमलापुर स्थित निवास पर पहुंचा था। चूंकि शव का पोस्टमार्टम हो चुका था। लिहाजा परिजनों की सलाह पर अंतिम संस्कार के लिए कोठीबाजार मोक्षधाम पहुंचे जहां मुख्य दरवाजे पर एक लाइट जल रहा था, लेकिन जैसे ही मोक्षधाम के अंदर पहुंचे अंदर सुर्ख अंधेरा पसरा हुआ था। इसके बाद अंतिम संस्कार करने में कठिनाई उत्पन्न हो गई। इस दौरान मोक्षधाम समिति से भी संपर्क किया गया, लेकिन कोई सकारात्मक उत्तर न मिलने के चलते ट्रेक्टर और संस्कार में शामिल लोगों के मोबाइल की रोशनी में अंतिम संस्कार करना पड़ा। बबलू का कहना है कि कई बार लोगों के साथ ऐसी विपरीत समस्या निर्मित हो जाती है। हमने तो जैसे तैसे अपना काम चला लिया पर मोक्षधाम समिति सहित जनप्रतिनिधियों ओर प्रशासन को मोक्षधाम में रोशनी की व्यवस्था करवानी चाहिए, ताकि दूसरे लोगों को परेशानी न हो और अंतिम समय का संस्कार भी बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सके।
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विवाहित बेटी ने मौके पर ही तोड़ दिया था दम
बबलू ने बताया कि 5 फरवरी को उनके चाचा सुखदेव की बड़ी बेटी सरिता (31) और भाई गुलाब नागले की बेटी ममता उम्र 29 वर्ष विवाह समारोह में शामिल होने भोपाल गए हुए थे। जेके रोड इनका ऑटो अनियंत्रित होकर आयशर वाहन से भिड़ गया था। जहां चाचा सुखदेव की बड़ी बेटी सरिता की मौके पर ही मौत हो गई थी और इलाज के दौरान चाचा सुखदेव ने भी हमीदिया अस्पताल में दम तोड़ दिया था। घटना में छोटी बेटी ममता कभी पैर टूट गया, इसका उपचार चल रहा है। जानकारी मिली है कि हादसे के बाद अब घर मे दिव्यांग बेटा और सुखदेव की पत्नी भर बची हुई हैं। चाचा मजदूरी किया करते थे, लेकिन अब घर का खर्च कैसे चल पाएगा यह समस्या बनी हुई है।
इनका कहना..
मोक्षधाम में निर्माण कार्य चलने के कारण लाइट बंद थी, लेकिन बिजली कंपनी के कर्मचारियों को सूचना दी गई है। जल्द ही बिजली की व्यवस्था हो जाएगी।
राकेश शर्मा, अध्यक्ष, मोक्षधाम समिति कोठीबाजार, बैतूल।





