Betul kotwal News: नए कोतवाल की पदस्थापना पर भी कई सवाल
Betul kotwal News: Many questions on the posting of new Kotwal

गंज टीआई रहते हुए उनके क्षेत्र में भी बढ़ी आपराधिक घटनाएं…
Betul kotwal News:(बैतूल)। आदिवासी युवकों के साथ मारपीट के मामले में पुलिस विभाग में इस समय हड़कंप मचा हुआ है। विधायकों की सीधी नाराजगी के बाद एसपी सिद्धार्थ चौधरी का तबादला हो चुका हैं तो कोतवाली टीआई आशीष सिंह पंवार को निलंबित किया जा चुका है। दूसरी ओर गंज टीआई देवकरण डेहरिया को कोतवाली जैसे प्रमुख थाने की कमान सौंपना किसी के गले नहीं उतर रहा है। दरअसल गंज थाने में उनका रिकॉर्ड भी उम्दा नहीं कहा जा सकता है, क्योंकि उनके क्षेत्र में भी कई आपराधिक घटनाएं हो चुकी है। ऐसे में उन्हें कोतवाल बनाए जाने से कई तरह की चर्चाएं चल रही है।
सूत्र बताते हैं कि समय रहते विवादित कोतवाली टीआई आशीष सिंह पंवार को जनप्रतिनिधियों के आग्रह पर एसपी द्वारा हटा दिया जाता तो आज पुलिस विभाग में इस तरह की स्थिति निर्मित नहीं होती। भले ही इसमें एसपी की अधीनस्थों के प्रति अपनत्व की भावना रही हो लेकिन टीआई की कार्यप्रणाली पर स्थानीय विधायक हेमंत खंडेलवाल कई बार नाराजगी जता चुके थे,लेकिन टीआई के प्रमोशन के चक्कर में संभवत: एसपी ने उन्हें कोतवाली से नहीं हटाया बस इसके बाद आदिवासियों के साथ पिटाई के मामले में ऐसा तूल पकड़ा की बैतूल से लेकर भोपाल तक की राजनीति गरमा गई। नतीजतन पांचों विधायकों को सीएम से मुलाकात कर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना पड़ा। सीएम ने सीधे एसपी को ही हटाकर आठवीं बटालियन छिंदवाड़ा पदस्थ कर दिया। भले ही बाद में एसपी सिद्धार्थ चौधरी ने कोतवाली टीआई आशीष सिंह पंवार को निलंबित कर दिया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
गले नहीं उतर रही नए कोतवाली की नियुक्ति
इधर, गंज थाना प्रभारी देवकरण डेहरिया को नया कोतवाल बनाया जाना किसी के गले नहीं उतर रहा है। खुद भाजपा के पदाधिकारियों के अलावा अन्य लोग कह रहे हैं कि डेहरिया के कार्यकाल में गंज थाना में भी अपराधों का ग्राफ बढ़ा है। उनकी वर्किंग पर भी कई सवाल उठ रहे हैं। सूत्र तो यह भी बताते है कि इस तरह के लोगों के साथ उनका उठना-बैठना है, इस पर भी चर्चाएं चल रही है। कोतवाली जिले का सबसे प्रमुख थाना रहता है इसलिए यहां सीनियर या तजुर्बे वाले टीआई को जिम्मेदारी सौंपे जाने की चर्चा थी, लेकिन गंज थाना प्रभारी को कोतवाली बना दिया है। उनके बारे में यह भी कहा जाता है कि वे कई लोगों से सीधे मुंह बात नहीं करते। कुछ भाजपा नेताओं की उनसे हॉट टॉक हो चुकी है। ऐसे में कोतवाली थाने में उनकी पदस्थापना में कोई विवाद होता है तो विभाग के अधिकारियों के लिए मुसीबत बन सकते हैं। हालांकि चर्चा है कि कोतवाल की नियुक्ति अस्थाई रूप से की है। नए थानेदारों की जिले में आमद होने पर किसी अच्छे टीआई को पदस्थ करने की भी बात कहीं जा रही है।





