Betul Ki Khabar: इस बार बारिश के कारण जलेगा वाटर प्रूफ रावण- कुंभकरण का पुतला
Betul Ki Khabar: इस बार बारिश के कारण जलेगा वाटर प्रूफ रावण- कुंभकरण का पुतला

55 फीट रावण और 50 फीट कुंभकरण पुतले तैयार
Betul Ki Khabar: बैतूल। पूरे जिले में इन दिनों दशहरे की तैयारियों का उत्साह चरम पर है। श्री कृष्ण पंजाब सेवा समिति बैतूल द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किए जाने वाले इस भव्य आयोजन में इस बार भी नई विशेषताएँ जोड़ी जा रही हैं। समिति की ओर से जानकारी दी गई कि आगामी 2 अक्टूबर को लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में रामलीला मंचन के साथ-साथ विशाल रावण और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया जाएगा। खास बात यह है कि इस बार बनाए गए पुतले सामान्य से बिल्कुल अलग होंगे, क्योंकि इन्हें वॉटरप्रूफ तकनीक से तैयार किया गया है।
समिति पदाधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष 55 फीट ऊँचे रावण और 50 फीट ऊँचे कुंभकरण के पुतलों का निर्माण किया गया है। अब तक परंपरागत ढंग से पुतले तैयार किए जाते थे, जिन पर बरसात का असर पड़ता था। कई बार तेज बारिश की स्थिति में पुतलों को नुकसान पहुँचने की आशंका रहती थी, लेकिन इस बार विशेष सामग्री का उपयोग कर पुतलों को वॉटरप्रूफ बनाया गया है। यानी अगर कार्यक्रम के दिन बारिश भी होती है तो भी दहन की भव्यता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
68वीं बार हो रहा आयोजन
श्री कृष्ण पंजाब सेवा समिति द्वारा बैतूल में पिछले 68 वर्षों से लगातार दशहरा पर्व मनाया जा रहा है। यह आयोजन न केवल शहर बल्कि पूरे जिले और आसपास के क्षेत्रों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुका है। समिति के सदस्य बताते हैं कि इस आयोजन की शुरुआत बड़े ही छोटे स्तर पर हुई थी, लेकिन धीरे-धीरे इसमें शामिल होने वाले लोगों की संख्या बढ़ती गई। आज स्थिति यह है कि दशहरा पर्व के दिन हजारों की संख्या में दर्शक स्टेडियम पहुँचते हैं और रावण-कुंभकरण के पुतलों के दहन का साक्षी बनते हैं।
भोपाल की टीम को मिली जिम्मेदारी
इस बार रावण और कुंभकरण के पुतलों का निर्माण करने की जिम्मेदारी भोपाल के राजेश उईके और उनकी टीम को सौंपी गई है। राजेश उईके लंबे समय से बड़े-बड़े पुतलों का निर्माण करते आ रहे हैं। उनकी टीम ने आधुनिक तकनीक का उपयोग कर ऐसे पुतले तैयार किए हैं, जो न केवल आकर्षक दिखते हैं बल्कि मौसम की विपरीत परिस्थितियों को भी झेलने में सक्षम हैं। समिति का कहना है कि दर्शक जब इन पुतलों को देखेंगे तो उनकी भव्यता से मंत्रमुग्ध हो जाएंगे।
शाम 6 बजे होगा दहन, आतिशबाजी बनेगी आकर्षण
कार्यक्रम का शुभारंभ शाम 6 बजे से होगा। रामलीला मंचन के बाद पुतलों का दहन किया जाएगा। इस दौरान जमकर आतिशबाजी की जाएगी, जिससे आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठेगा। आतिशबाजी को देखते हुए विशेष टीम को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। हर साल की तरह इस बार भी आतिशबाजी दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण होगी। समिति ने दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार विशेष इंतजाम किए हैं। स्टेडियम परिसर और आसपास की जगहों पर एलईडी टीवी स्क्रीन लगाई जाएंगी, ताकि दूर बैठे लोग भी पूरे कार्यक्रम का आनंद ले सकें। इसके साथ ही कार्यक्रम का सीधा प्रसारण (लाइव टेलीकास्ट) भी किया जाएगा। इससे वे लोग भी इस आयोजन को देख सकेंगे, जो किसी कारणवश स्थल तक नहीं पहुँच पाएंगे।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
इतने बड़े आयोजन में सुरक्षा भी एक बड़ी जिम्मेदारी है। प्रशासन और समिति ने मिलकर सुरक्षा की कड़े इंतजाम किए हैं। पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती होगी और भीड़ पर नियंत्रण रखने के लिए विशेष योजना बनाई गई है। इसके अलावा ड्रोन कैमरे से भी कार्यक्रम स्थल पर नजर रखी जाएगी, जिससे किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।




