Betul News: बच्चों पर कोल्ड कफ का बड़ा अटैक, तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण अस्पताल की ओपीडी पटी पड़ी, डॉक्टरों ने बताए बचने के उपाए
Betul News: Big attack of cold cough on children, due to fluctuations in temperature the OPD of the hospital was filled,

Betul News:(बैतूल)। बदलते मौसम का सीधा असर 2 साल से 10 साल तक के बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। सुबह और रात में तापमान में लगातार गिरावट और दिन में पड़ रही गर्मी के कारण बच्चे असहज महसूस कर रहे हैं। यही वजह है कि पिछले कुछ दिनों से बच्चों में कोल्ड कफ, वायरल फीवर जैसी शिकायतें आने के बाद बड़ी संख्या में बच्चे अस्पताल पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का मानना है कि मौसम में आ रहे बदलाव की वजह से कोल्ड कफ और वायरल फीवर में तब्दील हो जा रहा है।
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. दीप साहू ने बताया कि दिन में पड़ रही गर्मी और रात में कड़ाके की ठंड की वजह से बच्चों में कोल्ड कफ और वायरल फीवर जैसी बीमारियां पनप रही हैं। यह घातक तो नहीं परन्तु इसका पर्याप्त उपचार बेहद आवश्यक है। इस बीमारी का सबसे ज्यादा असर 2 वर्ष से 10 वर्ष के बच्चों में देखा जा रहा है। आमतौर पर बच्चों को पूरी तरह स्वस्थ होने में 7 से 10 दिन का वक्त लगता है, लेकिन लगातार उपचार लेने की आवश्यकता जरूरी होती है। ऐसे समय पर बच्चों को खाने में फल देना बेहद लाभकारी होता है। हालांकि यह चिंताजनक इसलिए नहीं है कि बदलते मौसम में यह बीमारियां फैलना आम बात है। जिसमे हाथ पैर सिर दर्द,हल्का बुखार आदि लक्षण नजर आते हैं।
बच्चों से भरे पड़ेे अस्पताल
वायरल फीवर और कोल्ड कफ का जिले में कितना असर देखने को मिल रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सरकारी असप्ताल में जहां रोजाना बड़ी संख्या में पालक अपने बच्चों को इलाज के लिए लेकर आ रहे हैं तो वहीं निजी चिकित्सालयों मे भी लगभग यही स्थिति देखने को मिल रही है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.नितिन देशमुख ने बताया कि सबसे ज्यादा समस्या 2 वर्ष से लेकर 5 वर्ष तक के बच्चों में देखी जा रही है। प्राय: यह देखने मे आता है कि इन बच्चों की तासीर तेज ठंड बर्दाश्त नहीं कर पाती है। सर्दी की वजह से सीने में कफ जमा होने के कारण बच्चों को ज्यादा तकलीफ झेलनी पड़ती है। ऐसे में बच्चों को भर्ती कर उपचार देना ही पड़ता है। बच्चों को भाप देने के साथ साथ सिकाई भी करनी होती है। साथ ही दवाइयों का रेग्युलर डोज भी देना होता है। लगभग 10 दिनों के बाद ही बीमार हुआ बच्चा अपनी वास्तविक स्थिति में आ पाता है। पालकों को इस बदलते मौसम में इस बात का ध्यान रखने की जरूरत है कि बच्चों को ठंड से बचा कर रखें।





