Betul Hindi Samachar: कलयुग के वाल्मीकि: खुद ने लिख दी रामायण

Betul Hindi Samachar: Valmiki of Kalyug: He himself wrote Ramayana

देवगांव के किसान का राम के प्रति अगाध स्नेह, सुंदरकांड के अलावा कई दोहे भी लिखे…

Betul Hindi Samachar:(बैतूल)। भगवान राम के प्रति आस्था किसी से छिपी नहीं है, लेकिन जिले के देवगांव के एक किसान की आस्था का आलम यह है कि राम नाम का स्मरण करते हुए महर्षि वाल्मीकि द्वारा लिखी रामायण को कलयुग में दोबारा रामायण लिख डाली है। इस रामायण की खासियत यह है कि एक-एक अक्षर सीता-राम नाम से बना हुआ है।(Betul Hindi Samachar) इस किसान की राम के प्रति इतनी श्रद्धा है कि वर्ष 1997 से अब तक करोड़ों बार सीता-राम लिख चुके है। इसके अलावा किसान ने अपने घर के हर कोने में रामायण की चोपाईयां लिखी है, यह अपने आप में राम भक्ति का श्रेष्ठ उदाहरण कहा जा सकता है।(Betul Hindi Samachar)

जैसे-जैसे अयोध्या में राम मंदिर में रामलला की प्रतिमा स्थापित करने की तिथि नजदीक आते जा रही है, वैसे-वैसे भगवान राम के भक्तों के बारे में जानकारी सामने आ रही है। ऐसे ही एक भक्त है देवगांव के किसान केदार सिंह। इनके बारे में कहा जाता है कि वर्ष 1997 से अब तक करोड़ों बार सीता-राम का नाम लिख चुके है। वे यहीं नहीं रूक महर्षिक वाल्मीकि द्वारा लिखी रामायण को दोबारा एक-एक अक्षर सीता-राम के नाम से लिखकर इतिहास रच दिया।(Betul Hindi Samachar) उन्होंने जीवन में गोस्वामी तुलसीदास जी के दोहे जो राम नाम के परायण है, राम नाम में ही जिसका प्रेम, विश्वास और भरोसा है, वह राम राम का स्मरण करते ही समस्त सदगुणों और मंगलों का खजाना बन जाता है। इस दोहे को अपने जीवन में चरितार्थ करते हुए किसान केदार सिंह ने पूरा जीवन राम नाम लिखने के लिए समर्पित कर दिया। आश्चर्य की बात यह है कि उन्होंने जो रामायण लिखी है, उसमें एक-एक अक्षर सीता-राम से बना हुआ है। इतना ही नहीं इसकी लकीरे और अक्षर सीता-राम से बना हुआ है।(Betul Hindi Samachar)

दोस्त से प्रेरणा लेकर रचा इतिहास(Betul Hindi Samachar)

Betul Hindi Samachar: कलयुग के वाल्मीकि: खुद ने लिख दी रामायण

किसान पटेल बताते है कि वर्ष 1997 में अपने एक दोस्त की प्रेरणा से सीता-राम लिखना शुरू किया था, फिर कभी नहीं रूके। वे बताते है कि सीता-राम का नाम लिखने के बाद दो महीने में सुंदरकांड भी लिख दिया। इसके बाद महज 6 वर्ष में वाल्मीकि रामायण सीता-राम के शब्दों से लिख दी।(Betul Hindi Samachar) वे बताते है कि खेती किसानी के पेशे से समय मिलते ही राम जी को लेकर जो बने लिखने बैठ जाते है। वाल्मीकि रामायण का एक-एक अक्षर सीता-राम से लिखने के लिए मेहनत और एग्राकरता की जरूरत पड़ती है, जो उन्हें रामजी के आशीर्वाद से मिली है। वे बताते है कि घर में भी कई चौपाईयां दीवारों पर अंकित है, इससे रामजी के प्रति अगाध श्रद्धा दिखाई पड़ती है।(Betul Hindi Samachar)

मंदिर बनने से राम नाम लिखना सार्थक हुआ(Betul Hindi Samachar)

किसान केदार पटेल ने बताया कि राम नाम लिखते हुए बुढ़ापे की दहलीज पर पहुंच गए, लेकिन यह सिलसिला अभी भी जारी है। उन्हें खुशी इस बात है कि अपने आराध्य भगवान राम का मंदिर बनते देख रहे है, उनका करोड़ों बार राम नाम लिखना मंदिर बनने के साथ पूरा हो गया है। उधर परिवार के लोग भी केदार पटेल के राम नाम लिखने से बेहद खुश है। दूसरी ओर गांव के लोग भी किसान केदार पटेल के राम भक्ति के मुरीद है।

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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