Betul News: जंगल के रास्ते 3 किमी रोज पैदल चल कर छात्राएं पहुंचती है स्कूल, आजादी के 75 साल बाद भी विकास से अछूता आठनेर ब्लॉक का ग्राम घोरपेंड

Betul News: Girl students reach school by walking 3 km daily through the forest, even after 75 years of independence, village Ghorpend of Aathner block untouched by development

Betul News: (बैतूल)। आठनेर क्षेत्र के सालबर्डी पंचायत से हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। देश आजादी का 75 वा अमृत महोत्सव मना रहा है, वहीं सालबर्डी पंचायत अंतर्गत आने वाला ग्राम घोरपेंड आज भी सडक़, पुल, पुलिया जैसी मूलभूत सुविधाओं से कोसों दूर है। हालात यह है कि जान जोखिम में डालकर यहां के बच्चों को स्कूल जाने की मजबूरी है। गांव के स्कूली बच्चों को गांव की नदी पर पुल नहीं होने की वजह से रोजाना 3 किलोमीटर खतरनाक जंगल के रास्ते स्कूल जाना पड़ता है, गांव वालों का कहना है कि इसके अलावा उनके पास कोई अन्य रास्ता नहीं है। इस रास्ते से ख़तरा है, लेकिन हमारे पास कोई विकल्प नहीं है, कोई भी वाहन हमारे गांव नहीं आ सकता, कोई पक्की सडक़ नहीं है। ग्रामीणों की मानें तो सडक़ का नदी पर पुलिया के अभाव में क्षेत्र की 500 से अधिक आबादी को परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। कई बार शासन-प्रशासन को भी अवगत करवाया गया लेकिन पुलिया निर्माण न होने से लोगों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।

बारिश के दिनों में जीव जंतुओं का खतरा

छात्रा रितिका, निहारिका ने बताया कि स्कूल से घर पहुंचते अंधेरा हो जाता है और यह मार्ग जंगल से होते हुए जाता है। जिसके चलते हमेशा इन्हें भय बना होता है। मॉ बाप की इतनी आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं है कि वे शहर में पढ़ा सकें। इसीलिए हम लोग रोजाना जान जोखिम में डालकर पैदल आना जाना करते है। ग्राम के अविनाश उईके ने सोमवार को इसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल की है। घोरपेंड के ग्रामीणों को कालापानी जैसी जिंदगी जीना पड रहा है।

पांचवी के बाद सालबर्डी के स्कूल में पढऩे जाते हैं बच्च

घोरपेंड में प्राथमिक शाला भवन है, 1 से 5 तक स्कूल की शिक्षा पूरी होने के बाद कक्षा 6 से 10 तक शिक्षा प्राप्त करने 3 किलोमीटर जंगल क्षेत्र के कठिन रास्ते से पैदल-पैदल चलकर बच्चें सालबर्डी स्कूल पहुंचते हैं। घोरपेंड से सटे आठनेर क्षेत्र के घने जंगलों से बच्चों को स्कूल जाना मजबूरी बन गया है। जंगली जानवरों का भय होने के बावजूद इन बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने सालबर्डी गांव के माध्यमिक शाला पहुंचना पड रहा है।

मांडू नदी पर पुलिया नहीं होने से परेशान है ग्रामीण

सालबर्डी पंचायत के ग्राम घोरपेंड में मांडू नदी पर पुलिया नहीं होने से जंगलों के रास्ते ब्लॉक मुख्यालय तक पहुंचना इन ग्रामीणों की मजबूरी बन गया है।सालबर्डी पंचायत के सरपंच गुलाब इवने का कहना है कि सालबर्डी पंचायत की ओर से कई बार उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर घोरपेंड माडू नदी पर पुलिया निर्माण की मांग की गई, लेकिन इस मामले में अब तक कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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