Betul Samachar: घायल गोवंश को देखते थे तो मन में होती थी पीड़ा, पिछले 5 सालों से गौवंश की सेवा में जुटे युवाओं ने बेजुबानों की सेवा को बनाया जीवन का लक्ष्य
Betul Samachar: Seeing the injured cows, there was pain in the mind, for the last 5 years, the youth engaged in the service of cows, made the service of the voiceless the goal of life.

गौ सेवा के लिए समर्पित युवाओं की टीम सैकड़ों गौवंश का बचा चुके हैं जीवन
Betul Samachar: (बैतूल)। समाज सेवी संस्था स्प्रेडिंग स्माइल ग्रुप के युवाओं ने जीवन में कुछ ऐसा कर दिखाया जो सभी के लिए एक प्रेरणा स्वरूप है। ग्रुप के निक्की राजपूत ने अपना जीवन गौ-सेवा के लिए अर्पित करने का लक्ष्य रखा है। बड़ी बात यह है कि पिछले 5 सालों से गौवंश के सेवाकार्य में लगे स्प्रेडिंग इस्माइल ग्रुप के इन युवाओं ने अब तक किसी से एक भी रुपया नहीं लिया है, अपने ही दम पर वह इस कार्य को कर रहे हैं। निक्की राजपूत ने बताया कि इस सेवा कार्य में उनके साथ स्प्रेडिंग स्माइल ग्रुप के बिट्टू ठाकुर, मोनू यादव, मनीष मालवी, मयंक रसिया, अभिषेक यादव, अलकेश यादव, निर्मल यादव, प्रदीप तिलनते 24 घंटे तत्पर रहते हैं।
गोवंश के अलावा कोई भी बेजुबान मुसीबत में होता है तो यह युवा तत्काल सहायता के लिए पहुंच जाते हैं। इन युवाओं की टीम ने अब तक जहां सैकड़ों गोवंश की जान बचाई, वहीं अन्य बेजुबान जानवरों की भी तकलीफ दूर की है। निक्की राजपूत ने बताया कि कुछ महीने पहले जब लम्पी वायरस का प्रकोप चल रहा था उस समय भी टीम के मोनू यादव, बिट्टू ठाकुर एवं साथियों के सहयोग से लम्पी पीड़ित पशुओं का इलाज किया गया। कुछ पशुओं को तो इल्ली लग गई थी, लेकिन साथियों ने सेवाभावी विचारों के साथ हाथ में पन्नी लपेट कर एक-एक इल्लियों को निकाला। इस पूरे सेवा कार्य में उन्हें ग्रुप के संरक्षक अक्षय तातेड का पूरा मार्गदर्शन मिलते रहा।
बेजुबान की मदद से मिलता है बेहद सुकून
निक्की राजपूत ने बताया कि अक्सर जब भी सड़कों पर गाय और बैल को हादसे का शिकार या बीमार देखते थे तो उनके मन में बहुत पीड़ा होती थी। इसके बाद वह किसी न किसी तरीके से उन्हें उपचार पहुंचाने के बारे में सोचने लगे। इसके बाद उन्होंने स्प्रेडिंग स्माइल ग्रुप के माध्यम से गायों की मदद करने के लिए गौ सेवा की शुरुआत की। निक्की ने बताया कि ग्रुप के युवाओं को यह कार्य करने में बेहद सुकून मिलता है। उनका कहना है कि इंसानों की मदद करने के लिए सभी सामने आ जाते हैं, लेकिन जब गायों की बात आती है तब लोग पीछे हट जाते हैं, गाय को माता का दर्जा दिया गया है, हम अक्सर देखते हैं कि सड़कों पर तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से गाय घायल हो जाती हैं, उनकी पीड़ा को दूर करने के लिए वह इस प्रयास को जारी रखे हुए हैं, ताकि बेजुबान की मदद हो सके।
गौ सेवा के क्षेत्र में समर्पित है टीम
निक्की ने बताया कि कई बार रात के 12 बजे के बाद टीम को खबर मिलती है कि किसी वाहन से कोई पशु दुर्घटनाग्रस्त हो गया है तो टीम तत्काल घटनास्थल पर रवाना होकर घायल पशु को अति शीघ्र पशु चिकित्सालय लाकर उसका उपचार कराती है। कुछ माह पहले दादावाड़ी के सामने एक टांके में नन्दी गिर गया था। टांके में अंदर जाने के लिये बहुत कम स्थान था। ऐसी जटिल परिस्थितियों को विफल करते हुए टीम ने नन्दी का सफलतापूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन किया। कुछ दिनों पहले गोली मोहल्ले में स्थित कुएं में एक गाय गिर गई थी। उस समय भी ग्रुप के मोनू यादव ने नीचे उतरकर, साथियों के सहयोग से गाय को सुरक्षित निकाला।
गाय की दुर्दशा का कारण बन रहे पालक
निक्की राजपूत का कहना है कि जैसे ही गायों की उम्र बढ़ती है, वो दूध देना बंद कर देती हैं। यही वजह है कि लोग उन्हें सड़क पर मरने के लिए छोड़ देते हैं। जहां गाय या तो सड़क हादसे का शिकार हो जाती हैं, या फिर इन्हें कत्लखाने भेज दिया जाता है। या फिर पॉलिथीन खाकर बीमार पड़ जाती हैं। आम लोगों से निक्की यह अपील भी कर रहे हैं कि अगर कहीं पर भी किसी को घायल गाय दिखती है तो वह स्प्रेडिंग स्माइल ग्रुप के युवाओं को सूचना देकर उनके उपचार में मदद कर सकते हैं। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन से भी अपील की है कि सड़क पर लावारिस रूप से विचरण कर रहे गोवंश को गौशाला या कांजी हाउस भेजा जाए और इनके मालिकों पर कार्रवाई की जाए ताकि गोवंश की दुर्दशा ना हो।




