Betul JH College : जेएच कॉलेज में सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त, प्रबंधन की नाक के नीचे गुंडागर्दी!

शिक्षा के मंदिर में लगातार दूसरे दिन हंगामा, अवांछित तत्वों के प्रवेश पर रोक लगाने में नाकाम प्रबंधन

Betul JH College : बैतूल। जिले के सबसे बड़े पीएमश्री जेएच कॉलेज में पढ़ने वाले हजारों छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कॉलेज परिसर में लगातार दो दिनों तक सामने आई घटनाओं ने प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। पहले दिन एक नेता टाइप युवक और सुरक्षा गार्ड के बीच मारपीट हुई तो दूसरे ही दिन एबीवीपी पदाधिकारियों और कॉलेज प्रबंधन के बीच परिसर के भीतर ही तीखी बहस हो गई।

लगातार सामने आ रही इन घटनाओं से साफ है कि कॉलेज प्रबंधन परिसर में अनुशासन बनाए रखने और अवांछित लोगों के प्रवेश पर अंकुश लगाने के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था लागू नहीं कर पाया है। पूरे मामले को लेकर कालेज की प्राचार्य खुद विवादों में घिर गई है। वे कालेज की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट रूप से जानकारी नहीं दे पा रही है।

 

अपनी मानमानी के कारण वे अक्सर विवादों में रहती है।
कॉलेज परिसर में हुई यह घटनाएं कोई पहली घटना नहीं हैं। इससे पहले भी विवाद, हंगामे और बाहरी लोगों की दखलंदाजी के मामले सामने आते रहे हैं। इसके बावजूद प्रबंधन ने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कोई स्थायी और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था विकसित नहीं की। सवाल यह है कि जब जिले के सबसे बड़े कॉलेज में ही बाहरी तत्वों की आवाजाही और विवादों पर नियंत्रण नहीं है तो यहां पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन निभा रहा है?

विद्यार्थियों का पढ़ाई से वास्ता, फिर क्यों बन रहे विवादों का केंद्र?

कॉलेज में पढ़ने वाले अधिकांश छात्र-छात्राओं का इन विवादों से कोई लेना-देना नहीं है। वे यहां अपना भविष्य संवारने और शिक्षा हासिल करने आते हैं, लेकिन परिसर में लगातार हो रहे हंगामे और मारपीट जैसी घटनाएं उनके मन में असुरक्षा का माहौल पैदा कर रही हैं।

यदि समय रहते स्थिति पर नियंत्रण नहीं किया गया तो किसी दिन मामूली विवाद बड़ी घटना का रूप ले सकता है। कॉलेज परिसर में अनुशासन और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

व्यवस्था बनाने का दावा, लेकिन क्या किया यह बताने में असमर्थ प्राचार्य

लगातार दो दिनों तक कॉलेज का माहौल बिगड़ता रहा, लेकिन घटनाओं के बाद सुरक्षा के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए, यह स्पष्ट नहीं हो सका। इस संबंध में जब प्राचार्य से सवाल किया गया तो उन्होंने व्यवस्था बनाए जाने की बात तो कही, लेकिन यह नहीं बता पाईं कि आखिर सुरक्षा के लिए कौन-सी व्यवस्था लागू की गई है। प्राचार्य का यह अस्पष्ट जवाब भी प्रबंधन की गंभीरता और जवाबदेही पर सवाल खड़े करता है।

सीसीटीवी, सुरक्षा गार्ड और प्रवेश नियंत्रण की जरूरत

कॉलेज परिसर में अवांछित लोगों के प्रवेश पर प्रभावी रोक, सुरक्षा गार्डों की जवाबदेही, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और विवाद की स्थिति में तत्काल कार्रवाई जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना जरूरी है। आखिर कब तक कॉलेज प्रबंधन घटनाओं के बाद औपचारिकता निभाता रहेगा? क्या किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की सुध ली जाएगी?

शिक्षा का मंदिर कहे जाने वाले कॉलेज परिसर को विवादों और अराजकता का केंद्र बनने से रोकना प्रबंधन की जिम्मेदारी है। यदि समय रहते लापरवाही और अनदेखी का रवैया नहीं बदला गया तो भविष्य में होने वाली किसी भी गंभीर घटना की जवाबदेही से प्रबंधन बच नहीं पाएगा।

इनका कहना…
दोनो घटनाएं होने के बाद नए सिरे से व्यवस्था बनाई गई है। लेकिन क्या व्यवस्था बनाई गई है इसकी जानकारी बाद में दी जा सकती है।
डॉ मीनाक्षी चौबे, प्राचार्य पीएम श्री जेएच कालेज बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

Related Articles

Back to top button