Betul Police Rustamji Award : रुस्तमजी पुरस्कार के लिए बैतूल के दो पुलिस अधिकारी चयनित
पूर्व एसडीओपी मयंक तिवारी और कोतवाली टीआई देवकरण डेहरिया को मिलेगी 50 की राशि

बैतूल। मध्यप्रदेश पुलिस के रुस्तमजी पुरस्कार-2025 के लिए बैतूल के दो पुलिस अधिकारियों का चयन हुआ है। इनमें शाहपुर के पूर्व एसडीओपी मयंक तिवारी और कोतवाली थाना प्रभारी देवकरण डेहरिया शामिल हैं। दोनों अधिकारियों को पुरस्कार के रूप में 50-50 हजार रुपए की राशि और प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। मयंक तिवारी का चयन शाहपुर में एसडीओपी रहते हुए एक जटिल मामले की जांच और खुलासे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए किया गया है।
शाहपुर क्षेत्र के जंगल में एक व्यक्ति की जली हुई लाश और खोपड़ी मिलने से सनसनी फैल गई थी। शव की स्थिति के कारण मृतक की पहचान करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा लिया और डीएनए जांच के माध्यम से मृतक की पहचान की। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और पुलिस की कार्रवाई के आधार पर मामले का खुलासा किया गया। इस पूरी कार्रवाई में तत्कालीन एसडीओपी मयंक तिवारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वहीं, कोतवाली थाना प्रभारी देवकरण डेहरिया का चयन खेड़ी के पास जली हुई लाश मिलने के एक अन्य मामले के सफल खुलासे के लिए किया गया है। वे जिले के सबसे बेहतरीन थानेदारों में गिने जाते हैं। उनकी पुलिसिंग की जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी मुक्तकंठ से प्रशंसा करते आ रहे हैं। पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी पुरस्कार सूची में उनका नाम निरीक्षक, थाना कोतवाली बैतूल के रूप में दर्ज है। दोनों अधिकारियों के चयन को बैतूल पुलिस के लिए उपलब्धि माना जा रहा है। जटिल मामलों में वैज्ञानिक जांच और बेहतर पुलिसिंग के लिए किए गए प्रयासों के सम्मान के रूप में उन्हें यह पुरस्कार दिया जाएगा।




