Trenching Ground: ट्रेचिंग ग्राउंड का काम करने वाली फर्म का 2.19 करोड़ का भुगतान अटका

नपा ने शासन से मांगी राशि, स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत लीगेसी वेस्ट डंप साइट रेमेडिएशन परियोजना का मामला
Trenching Ground: बैतूल। नगर पालिका परिषद बैतूल में ट्रेचिंग ग्राउंड का काम करने वाली फर्म का 2 करोड़ 19 लाख 69 हजार 221 रुपये का भुगतान अटका हुआ है। लंबित राशि के भुगतान के लिए कंपनी लगातार नगर पालिका से पत्राचार कर रही है। वहीं, नगर पालिका ने भी इस राशि की मांग को लेकर 13 अक्टूबर को फिर स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के मिशन संचालक को पत्र लिखा है। अब विभागीय स्तर से राशि मिलने के बाद ही फर्म का भुगतान किए जाने की बात कही जा रही है।
नगर पालिका परिषद बैतूल के मुख्य नगर पालिका अधिकारी नवनीत पांडेय के हस्ताक्षर से जारी पत्र के अनुसार, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत लीगेसी वेस्ट डंप साइट रेमेडिएशन परियोजना का कार्य मेसर्स ईकोस्टेन इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड, नोएडा (उत्तर प्रदेश) द्वारा किया गया है। फर्म ने जून 2026 में परियोजना का संपूर्ण कार्य पूरा करने के साथ 10 प्रतिशत अतिरिक्त कार्य भी पूर्ण करने का उल्लेख किया है। इसके बावजूद फर्म की शेष राशि का भुगतान लंबित है।
शासन से राशि मिलने के बाद होगा भुगतान
नगर पालिका ने मिशन संचालक, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी), नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, भोपाल को भेजे पत्र में बताया कि फर्म द्वारा प्रस्तुत देयकों के अनुसार अब तक 4 करोड़ 7 लाख 67 हजार 395 रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इसके बाद भी 2 करोड़ 19 लाख 69 हजार 221 रुपये की राशि शेष है।
नगर पालिका ने यह राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है, ताकि फर्म को भुगतान किया जा सके। इस संबंध में सीएमओ नवनीत पांडेय ने बताया कि भुगतान को लेकर विभागीय स्तर पर पत्राचार किया गया है। शासन से राशि प्राप्त होते ही संबंधित फर्म को भुगतान कर दिया जाएगा। फिलहाल कंपनी अपने लंबित भुगतान को लेकर नगर पालिका से लगातार संपर्क कर रही है।
काम में देरी को लेकर पहले भी रहे मतभेद
उल्लेखनीय है कि ट्रेचिंग ग्राउंड में लीगेसी वेस्ट के निष्पादन से जुड़े कार्य को लेकर संबंधित फर्म और नगर पालिका के बीच पहले भी मतभेद सामने आ चुके हैं। पूर्व में काम समय पर पूरा नहीं होने को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बनी थी। ऐसे में अब परियोजना का कार्य पूरा होने के दावे के बीच भुगतान की लंबित राशि का मामला सामने आया है। फिलहाल नगर पालिका को शासन से राशि मिलने का इंतजार है, जिसके बाद फर्म के बकाया भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।



