Betul News: महाराष्ट्र बैंक पर घोटालों का साया! मुलताई क्षेत्र में ही तीन बड़े बैंकों में फर्जीवाड़ा

मोरखा में 1.14 करोड़ की हेराफेरी का खुलासा, कहीं फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तो कहीं पासवर्ड से खातों में सेंधमारी
Betul News: बैतूल। बैंक में जमा मेहनत की कमाई सुरक्षित रहने का भरोसा जब बैंकिंग व्यवस्था से ही डगमगाने लगे, तो खाताधारकों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। बैतूल जिले के मुलताई क्षेत्र में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की अलग-अलग शाखाओं से जुड़े तीन बड़े घोटाले सामने आने के बाद बैंकिंग व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
पहले मुलताई, फिर जौलखेड़ा और अब मोरखा शाखा में धोखाधड़ी के मामले ने इस चिंता को और गहरा कर दिया है। हैरानी की बात यह है कि तीनों मामलों का संबंध एक ही बैंक से बताया जा रहा है।
आमला ब्लॉक की मोरखा शाखा में खाताधारकों के साथ धोखाधड़ी के मामले में अब तक 1.14 करोड़ रुपये के फ्रॉड का खुलासा हुआ है। बोरदेही पुलिस ने छह खाताधारकों की शिकायतों पर छह अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए हैं। मामले में बैंक के सहायक प्रबंधक लुकेश गोखे और गौरव सूर्यवंशी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक विधि-विरुद्ध बालक के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
आरोप है कि नेट बैंकिंग के जरिए खाताधारकों के पंजीकृत मोबाइल नंबर बदलकर रकम निकाली गई। इसके अलावा जीवित खाताधारकों के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर एफडी तोड़ने और राशि गबन करने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने छह मोबाइल फोन, सोना-चांदी और कार सहित करीब 22.33 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है।
जौलखेड़ा में पासवर्ड से लगाया था करोड़ों का चूना
बैंक ऑफ महाराष्ट्र की जौलखेड़ा शाखा में वर्ष 2013 में गबन का मामला सामने आया था। जांच में मुख्य आरोपी अभिषेक रत्नम द्वारा बैंक अधिकारियों के पासवर्ड का इस्तेमाल कर आंतरिक बैंकिंग प्रणाली के जरिए गबन किए जाने की बात सामने आई।
इस मामले में पूर्व क्रिकेटर नमन ओझा के पिता विनय ओझा सहित अन्य बैंककर्मी भी सह-आरोपी बने। दिसंबर 2024 में मुलताई अपर सत्र न्यायालय ने अभिषेक रत्नम को 10 साल की सजा और 80 लाख रुपये जुर्माने से दंडित किया। वहीं सह-आरोपियों को सात-सात साल की सजा और सात-सात लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
मुलताई में भी पहले सामने आ चुका है घोटाला
मुलताई स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा में भी पहले खाताधारकों की रकम में गड़बड़ी का मामला सामने आया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बैंक मैनेजर और एक कर्मचारी पर खातों में तीन से पांच लाख रुपये तक की गड़बड़ी के आरोप लगे थे।
मामले में दोनों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई गई थी। लगातार सामने आए इन मामलों ने बैंक की आंतरिक निगरानी, खाताधारकों की जमा पूंजी की सुरक्षा और कर्मचारियों की जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि मोरखा मामले की जांच में कितनी रकम की हेराफेरी सामने आती है और खाताधारकों को उनकी राशि वापस दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें
👇https://chat.whatsapp.com/KWRuTRhIWoXDiwhdwiCm29?mode=gi_t
बैतूल जिले की ताजा खबरें (Hindi News Madhyapradesh) अब हिंदी में पढ़ें| Trending और Viral खबरों के लिए जुड़े रहे snewstimes.com से| आज की ताजा खबरों (Latest Hindi News) के लिए सर्च करें snewstimes.com




