Betul News: जिस एसडीओपी को एसआईटी का जिम्मा दिया, उन्हीं का ढुलमुल रवैया
Betul News: The SDOP who was given the responsibility of SIT has a lax attitude

13.21 करोड़ के घोटाले में अब मीडिया से परहेज, पहले किया बड़ा दावा, अब टांय-टांय फिस्स
Betul News: बैतूल। आदिवासी अंचल भीमपुर और चिचोली में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण ) में 13.21 करोड़ के घोटाले में पुलिस के हाथ आज भी खाली है। इस बीच एक आरोपी को अग्रिम जमानत का लाभ भी मिल चुका है। एसपी ने मामले में शाहपुर एसडीओपी को एसआईटी का प्रमुख बनाया था। उन्होंने मीडिया से चर्चा में पहले बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन अब वे न तो मीडिया का फोन उठा रहे हैं और न ही किसी मैसेज का जवाब दे रहे हैं। उनके इस ढुलमुल रवैए पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। मामले में भाजपा के विधायकों ने भी नाराजगी जाहिर की है, जबकि एसपी ने भी मामले में जांच के लिए कहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन का पलीता जिले के भीमपुर और चिचोली में अधिकारियों ने खूब लगाया है। इस मामले में खुद कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ ने खुलासा किया, लेकिन जांच का दायरा आज भी सिमट कर रह गया है। प्रशासन की जांच कहां तक पहुंची, इस पर भी कई सवाल उठाएं जा रहे हैं। नर्मदापुरम से भी होने वाली जांच का आज तक खुलासा नहीं किया गया, इससे पूरा मामला संदेहास्पद लग रहा है। इधर पुलिस द्वारा बड़े दावे के साथ शाहपुर एसडीओपी के नेतृत्व में जिस तरह एसआईटी बनाई थी। यह एसआईटी जांच में खरी नहीं उतरी है। एसआईटी ने मामले में क्या कार्रवाई की? पुलिस ने दो माह बाद भी खुलासा नहीं किया है। छोटे-छोटे मामलों में वाहवाही लूटने के लिए प्रेसनोट जारी करती आई है, लेकिन करोड़ों के घोटाले में पुलिस ने एक भी बार अपडेट देना तक उचित नहीं समझा।

एसडीओपी ने पहले किए थे बड़े दावे
इस मामले में सांझवीर टाईम्स ने लगातार मामले को उजागर कर वास्तविकता सामने लाने का प्रयास किया। एसपी निश्चल एन झारिया ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जो एसआईटी बनाई थी, इसका जिम्मा शाहपुर के ईमानदार एसडीओपी मयंक तिवारी को सौंपा था। इसके बाद उम्मीद जागी थी कि मामले में एसआईटी जांच कर कार्रवाई को सार्वजनिक करेगी, लेकिन दो-ढाई माह में भी एसआईटी की जांच जिस तरह से कछुआ चाल चल रही है। इस पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। 14 अप्रैल को सांझवीर टाईम्स ने एसआईटी प्रमुख तिवारी से आखरी बार बात की थी, तब उन्होंने दावा किया था कि बैंक ने डिटेल नहीं दी है। हमारा उद्देश्य है कि बैंक से डिटेल मिल जाए तो क्रास चेक कर ले कि पैसा किन-किन खातों में ट्रांसफर किया गया है। उन्होंने दावा किया था कि बैंक से डिटेल मिलने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी करेंगे।
यदि अभी गिरफ्तारी करेंगे तो उन्हें बचने का मौका मिल जाएगा। चौकाने वाली बात यह है कि बैंक से एसआईटी को काफी देने पहले जानकारी दे जा चुकी है। इसके बावजूद एसआईटी ने आरोपियों के गिरफ्तारी के कोई प्रयास ही नहीं किए। यही नतीजा है कि मामले के एक आरोपी को एसबीएम कांड में हाईकोर्ट जबलपुर से अग्रिम जमानत का अवसर मिल गया है। इसके बाद से सांझवीर टाईम्स एसआईटी द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर एसडीओपी से लगातार उनके मोबाइल 9399271642 पर काल कर रहे हैं, लेकिन वे न तो मोबाइल रिसीव कर रहे हैं और न ही काल बैक कर रहे हैं। इतना ही नहीं, उन्हें इस महत्वपूर्ण घोटाले में चर्चा करने के लिए मैसेज भी किया पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
विधायकों को भी किया पूरी तरह नजरअंदाज
13 करोड़ के अधिक के घोटाले पर भाजपा के चार विधायक हेमंत खंडेलवाल, गंगा उइके, चंद्रशेखर देशमुख और महेंद्र सिंह चौहान ने भोपाल जाकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से मामले की जांच करने का पत्र सौंपा था। इसके बाद उम्मीद थी कि मामले के अन्य मास्टर माइंड सामने आएंगे और जांच में तेजी आएगी, लेकिन स्थानीय स्तर पर बनाई गई जांच कमेटी औपचारिक बनकर रह गई। विधायकों तक मामले में जांच की प्रगति रिपोर्ट की जानकारी नहीं दी गई। जबकि बैतूल और घोड़ाडोंगरी विधायक सबसे ज्यादा नाराज बताए जा रहे थे। प्रशासन और पुलिस द्वारा की गई जांच कहां तक आगे बढ़ी, इस बात की जानकारी तक विधायकों को नहीं है।
इनका कहना…
इस मामले में हमको किसी ने जानकारी नहीं दी है। 13 करोड़ का घोटाला काफी गंभीर है। शीघ्र ही अधिकारियों से मामले की प्रगति रिपोर्ट मांगी जाएगी और चर्चा की जाएगी।
हेमंत खंडेलवाल, विधायक बैतूल




