Betul ki khabar : सरकारी जमीन पर कॉलोनाइजर की मनमानी! बिना अनुमति खोद डाली ड्रेनेज, बिजली पोलों पर मंडराया खतर
विद्यासागर कॉलोनी में करीब 150 मीटर तक बिछाए पाइप, 8 से 10 चेंबर बनाए जाने का आरोप रहवासियों में आक्रोश

बैतूल। शहर के टिकारी स्थित प्रताप वार्ड में विकसित की जा रही विद्यासागर कॉलोनी के निर्माण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कॉलोनी विकसित कर रहे कॉलोनाइजर पर सरकारी जमीन पर बिना अनुमति ड्रेनेज निर्माण कराने के आरोप लगे हैं। आरोप है कि कमर्शियल एरिया छोड़कर सरकारी जमीन पर खुदाई कर बड़े-बड़े सीमेंट पाइप बिछा दिए गए और सीमेंट-कांक्रीट के चेंबर भी बना दिए गए। इस कथित मनमाने निर्माण से स्थानीय रहवासियों में नाराजगी है, वहीं आने-जाने का रास्ता बाधित होने की शिकायत भी सामने आई है।
स्थानीय स्तर पर उठ रहे सवालों के बीच मौके पर ड्रेनेज
निर्माण की स्थिति चर्चा का विषय बनी हुई है। आरोप है कि कॉलोनाइजर ने अपनी निर्धारित सीमा से बाहर जाकर सरकारी जमीन पर निर्माण कार्य करा दिया। यदि ड्रेनेज निर्माण के लिए सरकारी भूमि का उपयोग किया गया है, तो इसके लिए संबंधित नगर पालिका और सक्षम विभाग से अनुमति ली गई थी या नहीं, इसकी जांच जरूरी है। हैरानी की बात यह है कि स्थानीय लोगों के अनुसार निर्माण कार्य के दौरान जिम्मेदार विभागों का ध्यान इस ओर नहीं गया।
150 मीटर तक लगा दिये पाइप, सीमेंट के 8 से 10 चेंबर भी बनाए
मौके पर बिजली के पोल और ट्रांसफार्मर की सीध में करीब 150 मीटर लंबाई तक ड्रेनेज के पाइप और लगभग 8 से 10 चेंबर बनाए जाने की बात कही जा रही है। खुदाई के कारण आसपास की जमीन प्रभावित होने और बिजली के पोलों की नींव कमजोर पड़ने का आरोप भी रहवासियों ने लगाया है। उनका कहना है कि कुछ पोल आड़े-तिरछे दिखाई देने लगे हैं। यदि यह स्थिति सही है, तो बिजली व्यवस्था के साथ-साथ लोगों की सुरक्षा के लिहाज से भी मामले की जांच आवश्यक है।
मौखिक आपत्ति के बाद भी नहीं रुका काम
स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि उन्होंने सरकारी जमीन पर ड्रेनेज निर्माण को लेकर मौखिक आपत्ति दर्ज कराई थी, लेकिन इसके बावजूद खुदाई और पाइप बिछाने का काम जारी रहा। अब लोगों को रास्ते में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रहवासियों ने आशंका जताई है कि पोलों की नींव कमजोर होने से भविष्य में कोई गंभीर हादसा हो सकता है।
जिम्मेदार विभागों की भूमिका पर सवाल
मामले में नगर पालिका और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जरूरत है कि निर्माण की अनुमति, जमीन की सीमा और बिजली के पोलों की सुरक्षा की जांच कराई जाए। यदि सरकारी जमीन पर बिना अनुमति निर्माण हुआ है, तो कालोनाइजर के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिम्मेदार अधिकारी मौके का निरीक्षण कर रहवासियों की शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं।
इनका कहना….
मेरे संज्ञान में यह मामला आया है, यदि शिकायत हुई है तो इसे दिखवा कर वस्तुस्थिति की जानकारी ली जाएगी।
नवनीत पांडेय सीएमओ, नपा बैतूल




