Betul Samachar: सवा तीन करोड़ की पार्किंग पर लापरवाही की दरार!

तराई में कंजूसी पड़ी भारी तो कमजोर हो सकता है स्ट्रक्चर, निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
Betul Samachar: बैतूल। गांधी चौक पर लगभग सवा तीन करोड़ की लागत से बनाई जा रही अंडरग्राउंड पार्किंग का निर्माण कार्य भले ही युद्ध स्तर पर चल रहा हो, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पार्किंग के बेस स्ट्रक्चर की दीवारें खड़ी होने के बाद उनकी पर्याप्त तराई नहीं किए जाने की शिकायत सामने आई है।
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि सीमेंट-कांक्रीट की दीवारों को जिस तरह पानी से तर किया जाना चाहिए, मौके पर वैसी प्रक्रिया नजर नहीं आ रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह निर्माण लंबे समय तक मजबूती बनाए रख पाएगा या नहीं।
गांधी चौक पर निर्माणाधीन पार्किंग के चारों ओर बेस की दीवारें खड़ी कर दी गई हैं। निर्माण के बाद कुछ स्थानों पर जूट के बारदाने लटकाए गए हैं, लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक दीवारों की पर्याप्त तराई नहीं की जा रही है।
मौके पर कुछ हिस्सों में सूखी दीवारें दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। यदि निर्माण के शुरुआती चरण में ही निर्धारित मानकों के अनुसार देखभाल नहीं हुई, तो भविष्य में इसकी मजबूती प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
तराई में चूक तो दीवारों में आ सकती हैं दरारें
निर्माण कार्य से जुड़े जानकारों के अनुसार, सीमेंट-कांक्रीट के स्ट्रक्चर में मजबूती बनाए रखने के लिए निर्धारित समय तक उचित क्योरिंग यानी पानी से तराई करना जरूरी होता है। पर्याप्त नमी नहीं मिलने पर कांक्रीट की मजबूती प्रभावित हो सकती है और उसमें सिकुड़न के कारण दरारें आने का जोखिम बढ़ जाता है।
गर्मी और तेज धूप के दौरान यह सावधानी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में पार्किंग के बेस स्ट्रक्चर की तराई और निर्माण प्रक्रिया की जांच जरूरी मानी जा रही है।
ऊपरी हिस्से पर भी पड़ सकता है असर
अंडरग्राउंड पार्किंग का बेस स्ट्रक्चर पूरे निर्माण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि शुरुआती चरण में ही कांक्रीट की गुणवत्ता और क्योरिंग पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में दीवारों के साथ-साथ ऊपर बनने वाले हिस्से पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि, वास्तविक स्थिति का पता तकनीकी निरीक्षण और निर्माण की गुणवत्ता की जांच से ही चल सकेगा।
नपा की निगरानी पर उठे सवाल
करोड़ों रुपये की लागत से बन रही पार्किंग में निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करना नगर पालिका की जिम्मेदारी है। ऐसे में सवाल है कि निर्माण स्थल पर जिम्मेदार अधिकारी नियमित निगरानी कर रहे हैं या नहीं। यदि तराई में लापरवाही की शिकायत सही पाई जाती है, तो समय रहते सुधार कराना जरूरी होगा।
अन्यथा भविष्य में मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च का बोझ नगर पालिका और अंतत: जनता पर पड़ सकता है। अब देखना होगा कि नपा के जिम्मेदार अधिकारी इन शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेते हैं और निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
इनका कहना….
पार्किंग की दीवारों की तराई नहीं हो रही है तो ठेकेदार को निर्देशित किया जाएगा। गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जा सकता है।
नवनीत पांडेय सीएमओ, नपा बैतूल




