Betul Circuit house : पुराने सर्किट हाउस की मरम्मत पर 85 लाख खर्च, अब 4 करोड़ के नए भवन की तैयारी
मरम्मत के नाम पर रंग-रोगन, टाइल्स और टीन शेड पर खर्च हुई बड़ी राशि, काम की गुणवत्ता पर उठे सवाल

बैतूल। सरकारी निर्माण कार्यों में खर्च और उपयोगिता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिला मुख्यालय स्थित पुराने सर्किट हाउस की मरम्मत पर करीब 85 लाख रुपए खर्च किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं अब इसी परिसर में करीब 4 करोड़ रुपए की लागत से नया सर्किट हाउस बनाने की तैयारी चल रही है।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब पुराने भवन की मरम्मत पर इतनी बड़ी राशि खर्च की गई, तो कुछ समय बाद नए भवन की आवश्यकता क्यों महसूस की जा रही है। जानकारी के मुताबिक 11 सितंबर 2025 को पुराने सर्किट हाउस की मरम्मत के लिए टेंडर जारी किया गया था।
टेंडर के बाद पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा भवन में विभिन्न मरम्मत कार्य कराए गए। इनमें दीवारों का रंग-रोगन, कुछ कमरों में टाइल्स लगाने, बाथरूम में टॉयलेट सीट बदलने तथा भवन के ऊपर टीन शेड लगाने जैसे कार्य शामिल बताए जा रहे हैं। इन कार्यों पर करीब 85 लाख रुपए खर्च होने की बात सामने आई है।
85 लाख खर्च, फिर भी भवन की हालत पर सवाल
मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद भी सर्किट हाउस की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि जिस स्तर की राशि मरम्मत पर खर्च की गई, उसके अनुरूप भवन का कायाकल्प नजर नहीं आ रहा है। कुछ स्थानों पर दीवारों की मरम्मत और रंग-रोगन के बाद भी भवन की स्थिति संतोषजनक नहीं होने की बात कही जा रही है। इससे मरम्मत कार्य की गुणवत्ता और खर्च की गई राशि के औचित्य पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि तत्कालीन प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान सर्किट हाउस की मरम्मत कराई गई थी। अब मरम्मत पर खर्च की गई राशि और किए गए कार्यों की गुणवत्ता को लेकर जांच की मांग उठने लगी है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अब 4 करोड़ से नया सर्किट हाउस बनाने का प्रस्ताव
एक तरफ पुराने सर्किट हाउस की मरम्मत पर लाखों रुपए खर्च किए गए हैं, वहीं दूसरी ओर जिला मुख्यालय पर नए सर्किट हाउस के निर्माण की तैयारी भी शुरू हो गई है। जानकारी के अनुसार नए भवन के लिए करीब 4 करोड़ रुपए का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा गया है। फिलहाल बजट स्वीकृति का इंतजार है। स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
बताया जा रहा है कि नया सर्किट हाउस भी वर्तमान सर्किट हाउस परिसर में ही बनाया जाना प्रस्तावित है। ऐसे में एक ही परिसर में पुराने भवन की मरम्मत पर 85 लाख रुपए खर्च करने और उसके बाद करीब 4 करोड़ रुपए से नया भवन बनाने की योजना को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
जांच हुई तो सामने आ सकता है खर्च का सच
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 85 लाख रुपए की मरम्मत में वास्तव में कितना काम हुआ और उसके मुकाबले राशि का उपयोग किस तरह किया गया। यदि नए भवन का प्रस्ताव स्वीकृत होता है तो पुराने सर्किट हाउस की हालिया मरम्मत और उस पर हुए खर्च का औचित्य भी जांच के दायरे में आ सकता है। स्थानीय स्तर पर मांग उठ रही है कि पूरे मामले में टेंडर, वर्क ऑर्डर, भुगतान और मौके पर हुए कार्यों का तकनीकी परीक्षण कराया जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सरकारी राशि का उपयोग निर्धारित मापदंडों के अनुसार हुआ है या नहीं।
इनका कहना
पुराने सर्किट हाउस की मरम्मत के लिए 85 लाख रूपए खर्च होने की मुझे जानकारी नहीं है। इसी परिसर में नए सर्किट हाउस बनाने को लेकर 4 करोड़ का प्रपोजल राज्य शासन को भेजा है। इसका निर्माण कार्य पीआईयू द्वारा किया जाएगा, हालांकि अभी स्वीकृति नहीं मिली है।
मनीष मरकाम, ईई, पीडब्ल्यूडी विभाग, बैतूल




