Betul News: तबादला कागजों में, डबल चार्ज मैदान में, जंगल की निगरानी हाशिये पर?

तीन महीने बाद भी रिलीविंग नहीं, डिप्टी के प्रभार वाले इलाकों में कटाई-अतिक्रमण चरम पर
Betul News: बैतूल। वन वृत्त बैतूल के दक्षिण वन मंडल की ताप्ती रेंज में जंगल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। रेंज में लगातार सागौन कटाई और अतिक्रमण के मामले सामने आने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।
खास बात यह है कि एक डिप्टी रेंजर के दो-दो सर्किलों का प्रभार संभालने के बीच उन्हीं क्षेत्रों में वन कटाई और अतिक्रमण की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन कार्यवाही शून्य है बल्कि अफसरों की कार्यप्रणाली भी आ संदेहास्पद प्रतीत होने लगी है।
जंगलों की सुरक्षा कितनी गम्भीरता से की जा रही है। इसका उदाहरण है कि,ताप्ती रेंज की करीब चार बीटों में पिछले महीने सामने आई वन कटाई के मामलों की जांच अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। बताया जाता है कि डीएफओ स्तर से करीब 20 कर्मचारियों को संबंधित बीटों में जांच और मौका मुआयना करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके बावजूद जांच पूरी नहीं होने से विभागीय कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
केरपानी सर्किल में कटाई का ताजा मामला
ताजा मामला ताप्ती रेंज की केरपानी सर्किल के कंपार्टमेंट नंबर 1074 से जुड़ा है। आरोप है कि यहां सागौन के पेड़ों की कटाई के बाद कटे हुए ठूंठों पर आनन-फानन में हैमर लगाकर मामले को दबाने का प्रयास किया गया। इस मामले में डिप्टी रेंजर शिवनाथ वाघमारे की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की विभागीय जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी, लेकिन जांच होगी भी या नहीं इस पर भी संशय बरकरार है।
तबादला हुआ, फिर भी नहीं किया गया रिलीव
बताया जा रहा है कि डिप्टी रेंजर शिवनाथ वाघमारे का करीब तीन माह पहले केरपानी सर्किल से झल्लार सर्किल तबादला किया जा चुका है, लेकिन अफसरों की मेहरबानी के चलते उन्हें अब तक रिलीव नहीं किया गया है। इसके चलते वे दोनों सर्किलों का प्रभार संभाल मलाई खा रहे हैं। ऐसे में सवाल यह है कि एक अधिकारी को दो सर्किलों की जिम्मेदारी सौंपे जाने से मैदानी निगरानी कितनी प्रभावी ढंग से हो पा रही है।
अफसरों को जानकारी ना होने पर भी सवाल
चौंकाने वाली स्थिति यह है कि डिप्टी रेंजर के प्रभार वाले क्षेत्रों में कटाई और अतिक्रमण के मामले सामने आने के बावजूद उच्च अधिकारियों तक मैदानी स्थिति की पूरी जानकारी समय पर नहीं पहुंच रही है, मतलब अधिकारी चेम्बर से बाहर ही नहीं निकल पा रहे हैं। जब अधिकारियों के संज्ञान में मामला लाया गया तो उन्होंने संबंधित क्षेत्रों को दिखवाने और जांच कराने का भरोसा दिया है। अब देखना होगा कि विभागीय जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और जंगल की सुरक्षा में जिम्मेदारी तय होती है या मामला जांच के भरोसे ही आगे बढ़ता रहता है।
इनका कहना…
मेरे संज्ञान में मामला आया है, इसे चैक करवाते हैं।
अरिहंत कोचर डीएफओ, दक्षिण वन मंडल बैतूल
हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें
👇https://chat.whatsapp.com/KWRuTRhIWoXDiwhdwiCm29?mode=gi_t
बैतूल जिले की ताजा खबरें (Hindi News Madhyapradesh) अब हिंदी में पढ़ें| Trending और Viral खबरों के लिए जुड़े रहे snewstimes.com से| आज की ताजा खबरों (Latest Hindi News) के लिए सर्च करें snewstimes.com




