Betul ki Khabar: स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, बिना पुलिस वेरिफिकेशन तैनात हो रहे सुरक्षा गार्ड

मासूम से दुष्कर्म की घटना के बाद खुली सुरक्षा व्यवस्था की पोल, स्कूलों में तैनात गार्डों के रिकॉर्ड की जांच की जरूरत
Betul ki Khabar: बैतूल। कोतवाली थाना क्षेत्र के एक निजी स्कूल में मासूम छात्रा के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद जिले के निजी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा गार्ड तो तैनात किए जा रहे हैं, लेकिन कई स्थानों पर इन गार्डों का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं होने की जानकारी सामने आ रही है।
ऐसे में स्कूल प्रबंधन के पास इस बात की पुख्ता जानकारी तक नहीं है कि बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहा व्यक्ति किसी आपराधिक गतिविधि में संलिप्त तो नहीं रहा है।
हाल ही में जिस निजी स्कूल में मासूम के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई, वहां भी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे गार्ड पर ही गंभीर आरोप लगे हैं। इस घटना ने स्कूल प्रबंधन द्वारा सुरक्षा के लिए अपनाई जा रही व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बच्चों की सुरक्षा के लिए तैनात कर्मचारी ही यदि उनकी सुरक्षा के लिए खतरा बन जाए तो यह पूरी व्यवस्था की गंभीर चूक मानी जाएगी।
जिले में सैकड़ों स्कूल, सुरक्षा की जिम्मेदारी निजी एजेंसियों पर
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में करीब 340 प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय हैं, जबकि हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों की संख्या 124 से अधिक है। इनमें बड़ी संख्या में निजी स्कूल संचालित हो रहे हैं। अधिकांश निजी स्कूलों में प्रवेश द्वार, परिसर और विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाते हैं।
कई स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था निजी सिक्योरिटी एजेंसियों के माध्यम से संचालित होती है। बताया जा रहा है कि कुछ एजेंसियों के माध्यम से स्कूलों में तैनात किए गए सुरक्षा गार्डों का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया गया है। ऐसे में उनके नाम, पते, पूर्व रोजगार और आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़ी जानकारी की पुष्टि नहीं हो पाती। स्कूल प्रबंधन भी कई बार केवल एजेंसी द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर गार्डों को ड्यूटी पर लगा देता है।
दस्तावेजों की जांच के साथ हो पुलिस वेरिफिकेशन
स्कूलों में सुरक्षा गार्ड की तैनाती महज औपचारिकता नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा से सीधे जुड़ा विषय है। ऐसे में प्रत्येक सुरक्षा गार्ड के पहचान संबंधी दस्तावेज, स्थायी पते, फोटो, आधार सहित उपलब्ध रिकॉर्ड और पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया अनिवार्य रूप से पूरी की जानी चाहिए।
इसके अलावा स्कूल प्रबंधन को समय-समय पर एजेंसी से जुड़े कर्मचारियों के रिकॉर्ड की भी समीक्षा करनी चाहिए। हालिया घटना के बाद अभिभावकों में भी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ी है।
जरूरत है कि शिक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन निजी स्कूलों में तैनात सुरक्षा गार्डों के सत्यापन की स्थिति की जांच करें। यदि किसी स्कूल या एजेंसी द्वारा बिना वेरिफिकेशन के गार्ड तैनात किए गए हैं तो जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी गंभीर घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
इनका कहना….
सुरक्षा की दृष्टि से सभी स्कूलों के सुरक्षा गार्डो का वेरीफिकेशन किया जाएगा। इस संबंध में जल्द ही स्कूलों को दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे। सुरक्षा के साथ किसी ने खिलवाड़ किया तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी
विरेन्द्र जैन, पुलिस अधीक्षक, बैतूल




