Anokha Rakshabandhan: राखी की डोर में बंधी 100 साल की विरासत, एक छत के नीचे जुटा परिवार
250 से अधिक सदस्य शामिल पांच पीढ़ियों ने साथ मनाया रक्षाबंधन पर्व

Anokha Rakshabandhan: बैतूल। रक्षा बंधन भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व है, लेकिन बैतूल के गोठी परिवार ने इस बार इसे अपनी 100 वर्ष पुरानी पारिवारिक विरासत और संस्कारों से जोड़कर यादगार बना दिया। परिवार के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जैन दादावाड़ी में सुबह 11 बजे सामूहिक रक्षाबंधन समारोह आयोजित किया गया। इसमें परिवार की पांच पीढ़ियों सहित 250 से अधिक सदस्य एक साथ जुटे।
देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से करीब 50 बहन-बेटियां विशेष रूप से बैतूल पहुंचीं और भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा।
सामूहिक रक्षाबंधन समारोह में लंबे समय बाद परिवार के इतने सदस्यों के एक साथ मिलने से पूरे आयोजन स्थल पर उत्साह और आत्मीयता का माहौल दिखाई दिया। बहनों ने भाइयों को राखी बांधकर उनके सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना की। वहीं भाइयों ने भी बहनों के प्रति अपने स्नेह और सुरक्षा के संकल्प को दोहराया।
आयोजन केवल राखी बांधने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि परिवार के सदस्यों ने एक-दूसरे से मुलाकात कर पुरानी यादें साझा कीं। आयोजन को लेकर प्रफुल्ल गोठी ने बताया कि परिवार की करीब 50 बहनें और बेटियां इस विशेष अवसर पर देश-दुनिया के अलग-अलग स्थानों से बैतूल पहुंचीं। सभी ने सामूहिक रूप से भाइयों की कलाई पर राखी बांधी।
एक साथ इतने बड़े परिवार के सदस्यों का मिलना अपने आप में भावुक और सुखद अनुभव रहा। नई पीढ़ी के बच्चों को भी परिवार के इतिहास, रिश्तों और परंपराओं से परिचित कराने का अवसर मिला।
पांच पीढ़ियों का मिलन बना आकर्षण
गोठी परिवार के अमित गोठी ने बताया कि यह आयोजन गोठी परिवार के लिए महज रक्षाबंधन समारोह नहीं, बल्कि 100 वर्षों की पारिवारिक यात्रा, संस्कार और रिश्तों का उत्सव रहा। परिवार के प्रथम सदस्य सेठ लखमीचंद गोठी की स्मृतियों को याद करते हुए पांच पीढ़ियों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया। नई पीढ़ी को भी अपनी जड़ों और पारिवारिक विरासत से जोड़ने का संदेश दिया गया।
यादगार अध्याय बन गया सामूहिक रक्षाबंधन
गोठी परिवार का यह आयोजन इस बात की मिसाल बना कि समय और दूरियां भले ही रिश्तों को अलग-अलग जगहों तक ले जाएं, लेकिन पारिवारिक संस्कार उन्हें एक सूत्र में बांधे रखते हैं। 100 वर्ष की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मनाया। यह सामूहिक रक्षाबंधन समारोह परिवार के इतिहास में लंबे समय तक यादगार बना रहेगा।




