Betul News: जीएम की समय सीमा और गुणवत्तापूर्ण काम करने की हिदायत

बैतूल और घोड़ाडोंगरी रेलवे स्टेशन का निरीक्षण, अमृत भारत योजना के कार्यों की ली बारीकी से समीक्षा
Betul News: बैतूल। रेलवे मुंबई जोन के जीएम राजीव श्रीवास्तव ने बुधवार को बैतूल और घोड़ाडोंगरी रेलवे स्टेशन का दौरा कर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे विकास कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ शब्दों में निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर हर हाल में पूरे किए जाएं, किसी भी तरह की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
घोड़ाडोंगरी स्टेशन पर लगभग 19 करोड़ की लागत से स्टेशन के कायाकल्प का कार्य चल रहा है। यहां पहुंचकर जीएम ने निर्माण कार्यों की बारीकी से समीक्षा की और अधिकारियों को चेताया कि काम केवल दिखावे के लिए नहीं, बल्कि गुणवत्ता के साथ होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
इसके बाद जीएम बैतूल रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां लगभग 21 करोड़ की लागत से स्टेशन का व्यापक पुनर्विकास कार्य चल रहा है। यहां उन्होंने करीब 18 से 20 मिनट तक विभिन्न निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया। प्लेटफार्म क्रमांक-1 पर चल रहे कार्य, नया फुट ओवरब्रिज निर्माण, तथा टिकट काउंटर के सामने शेड निर्माण सहित कई विकास कार्यों की उन्होंने गहन समीक्षा की।
जीएम ने संबंधित निर्माण एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य में तेजी लाई जाए और गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देना है, इसलिए हर काम को गंभीरता से पूरा किया जाए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कुछ कार्यों पर संतोष भी जताया, लेकिन साथ ही गति बढ़ाने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान बैतूल रेलवे स्टेशन मास्टर वीके वाकड़े सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
फोटो सेशन से दूरी बनी चर्चा का विषय
इस बार रेलवे जीएम के निरीक्षण दौरे में एक अलग ही नजारा देखने को मिला। आमतौर पर उच्च अधिकारियों के दौरे के दौरान फोटो सेशन, औपचारिक स्वागत और प्रचार-प्रसार का माहौल रहता है, लेकिन इस बार जीएम राजीव श्रीवास्तव ने सख्त रुख अपनाते पहले ही स्पष्ट निर्देश दे दिए थे कि किसी भी प्रकार का फोटो सेशन नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को केवल कार्य की गुणवत्ता, प्रगति और समयसीमा पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए।
जीएम के इस फैसले के बाद दौरे का पूरा माहौल बदला-बदला नजर आया। न तो औपचारिक फोटो सेशन हुआ और न ही अनावश्यक औपचारिकताएं निभाई गईं। निरीक्षण के दौरान केवल निर्माण कार्यों की बारीकी से समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उनका यह सख्त, सादगीपूर्ण और काम-केंद्रित अंदाज पूरे दौरे में चर्चा का विषय बना रहा। कई कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच भी यह चर्चा रही कि पहली बार किसी वरिष्ठ अधिकारी ने फोटो सेशन की परंपरा से दूरी बनाते हुए सीधे काम पर जोर दिया है। निरीक्षण पूरा करने के बाद जीएम आमला के लिए रवाना हो गए।




