Registry Office Scam : जांच के आदेश के बाद अब एसडीएम के सामने खुलेगा जमीन के रिकॉर्ड का सच
कलेक्टर से नहीं हो सकी मुलाकात तो एडीएम ने शिकायत सुनकर भैंसदेही एसडीएम को सौंपी जांच, गुरुवार को शिकायतकर्ता को बुलाया

Registry Office Scam : बैतूल। भैंसदेही तहसील के ग्राम बल्लारपुर में आदिवासी परिवार की पुश्तैनी जमीन के नामांतरण और बंटवारे को लेकर उठे सवाल अब प्रशासनिक जांच के दायरे में आ गए हैं। कलेक्टर से मुलाकात नहीं होने के बाद शिकायतकर्ता रोशन सोनी ने एडीएम वंदना जाट के समक्ष दस्तावेज प्रस्तुत किए।
एडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भैंसदेही एसडीएम अजीत मरावी को जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम ने शिकायतकर्ता को गुरुवार को मुलाकात के लिए बुलाया है। ऐसे में अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि राजस्व रिकॉर्ड में नामांतरण और जमीन के बंटवारे की प्रक्रिया नियमानुसार हुई या इसमें किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई।
मामला भैंसदेही तहसील के ग्राम बल्लारपुर का है। शिकायत के अनुसार आदिवासी परिवार की पुश्तैनी जमीन के नामांतरण के बाद अब उसके बंटवारे की प्रक्रिया चल रही है। शिकायतकर्ता ने राजस्व रिकॉर्ड, पूर्व खातेदारों के नाम, वारिसों की जानकारी, रजिस्ट्री दस्तावेज, नामांतरण आदेश और संबंधित पटवारी प्रतिवेदन की जांच की मांग की है। आरोप है कि इन दस्तावेजों और रिकॉर्ड में कुछ ऐसे तथ्य हैं, जिनकी जांच किए बिना बंटवारे की कार्रवाई आगे बढ़ाने पर वास्तविक वारिसों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
20 दिन में नामांतरण के बाद बंटवारे की तैयारी पर सवाल
शिकायतकर्ता का कहना है कि 27 जनवरी 2026 को 0.669 हेक्टेयर जमीन का नामांतरण हुआ और महज 20 दिन बाद 16 फरवरी को संबंधित भूमि के बंटवारे की कार्रवाई शुरू हो गई। इसी प्रक्रिया को लेकर शिकायतकर्ता ने सवाल उठाए हैं। उसका कहना है कि बंटवारे से पहले जमीन की वास्तविक स्थिति, पूर्व खातेदार, वारिसों के नाम और रजिस्ट्री सहित पूरे रिकॉर्ड की जांच जरूरी है।
‘विपिन बिहारी’ नाम से भी उठे सवाल
शिकायत में राजस्व रिकॉर्ड में ‘विपिन बिहारीÓ नाम को लेकर भी आपत्ति दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता ने संबंधित व्यक्ति के नाम, जमीन पर अधिकार और रिकॉर्ड में उसके उल्लेख की जांच की मांग की है। अब एसडीएम स्तर पर राजस्व रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की जांच होने के बाद ही स्थिति साफ होगी।
शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित पक्षों को जारी नोटिस, पटवारी प्रतिवेदन, नामांतरण आदेश, रजिस्ट्री दस्तावेज और बंटवारा प्रकरण की पूरी फाइल की जांच की जाए। साथ ही यह भी देखा जाए कि नामांतरण की प्रक्रिया राजस्व नियमों के अनुरूप हुई थी या नहीं और बंटवारे की कार्रवाई शुरू करने से पहले आवश्यक दस्तावेजों एवं दावों का परीक्षण किया गया था या नहीं।
गुरुवार को एसडीएम के सामने रखे जाएंगे दस्तावेज
एडीएम के निर्देश के बाद अब मामले की जांच भैंसदेही एसडीएम करेंगे। शिकायतकर्ता को गुरुवार को बुलाया गया है। वह अपने पास उपलब्ध दस्तावेज और रिकॉर्ड जांच अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेगा। इसके बाद संबंधित राजस्व रिकॉर्ड और अधिकारियों-कर्मचारियों से जानकारी लेकर जांच प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा। जांच में यदि किसी स्तर पर नियमों की अनदेखी या रिकॉर्ड में अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदारी तय होने की संभावना है। फिलहाल पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।




