Registry Office Racket : रजिस्ट्री कार्यालय में वसूली का नया खेल!

बैंक लोन खत्म होने के बाद बंधक हटवाने की प्रक्रिया में भी रकम मांगने की चर्चा गर्म

Registry Office Racket :  बैतूल। रजिस्ट्री कार्यालय में कथित अवैध वसूली को लेकर लगातार सामने आ रहे आरोपों के बीच अब बंधक रजिस्ट्री के नाम पर भी रकम वसूले जाने का मामला सामने आया है। चर्चा है कि बैंक लोन से जुड़ी बंधक संपत्तियों की रजिस्ट्री से लेकर लोन समाप्त होने के बाद बंधक हटाने की प्रक्रिया तक में कथित तौर पर वसूली का खेल चल रहा है। हालांकि इन आरोपों की सांझवीर टाईमस पुष्टि नहीं करता है, लेकिन यदि ऐसा हो रहा है तो शासन को स्टाम्प ड्यूटी के रूप में मिलने वाले करोड़ो रुपए प्रति वर्ष का चूना तो लगाया ही जा रहा है, बल्कि अधिकारियों की तिजोरी भी गर्म हो रही है।

चर्चाओं के मुताबिक किसी बैंक या वित्तीय संस्था से संपत्ति के एवज में लोन लेने पर संबंधित संपत्ति को बंधक रखा जाता है। इसकी जानकारी नियमानुसार रजिस्ट्री कार्यालय में भी दर्ज होती है। जब लोन पूरी तरह चुका दिया जाता है तो बैंक द्वारा एनओसी जारी की जाती है। इसके बाद बंधक हटाने के लिए संबंधित प्रक्रिया रजिस्ट्री कार्यालय में पूरी करनी होती है। चर्चा है कि इसी प्रक्रिया को रजिस्ट्री कार्यालय में कथित अवैध वसूली का जरिया बनाया गया है। आरोप है कि बैंक से एनओसी मिलने के बाद बंधक हटवाने और रिकॉर्ड दुरुस्त कराने के लिए कार्यालय में आने वाले लोगों से कथित रूप से अतिरिक्त राशि की मांग की जाती है। राशि नहीं देने पर काम में अनावश्यक देरी या दूसरे बहाने बनाए जाने की भी चर्चा है।

हर काम के लिए रकम वसूली के आरोप

रजिस्ट्री कार्यालय को लेकर पहले भी अलग-अलग प्रक्रियाओं में कथित अवैध वसूली के आरोप सामने आते रहे हैं। अब बंधक रजिस्ट्री से जुड़ा मामला सामने आने के बाद कार्यालय की कार्यप्रणाली पर फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि आरोप सही हैं तो यह गंभीर विषय है, क्योंकि आम नागरिक पहले ही सरकारी शुल्क और दस्तावेजी प्रक्रिया के बीच उलझा रहता है।

इधर कार्यालय में पदस्थ अधिकारी कर्मचारी भी आय से अधिक संपत्ति अर्जित किये जाने को लेकर चर्चा में हैं। यदि कार्यालय में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों की संपत्ति तथा आय के स्रोतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कथित तौर पर आय से अधिक संपत्ति से जुड़े तथ्य सामने आ सकते हैं। रजिस्ट्री कार्यालय से जुड़े इन गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। यदि बंधक हटाने जैसे कार्य के लिए निर्धारित सरकारी शुल्क के अलावा कोई रकम ली जा रही है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई होना चाहिए। वहीं यदि आरोप निराधार हैं तो जांच के माध्यम से स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए, ताकि आम नागरिकों के बीच सरकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर बनी शंकाएं दूर हो सकें।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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