Betul Samachar: एकलव्य शाहपुर के भ्रष्टाचार में पूर्व कर्मचारी भी सहभागी!

Betul News: Former employees also involved in the corruption of Eklavya Shahpur!

अधीक्षिका- अधीक्षक पर भी कमिशन खोरी के आरोप, जीईएम पोर्टल पर बड़ी धोखाधड़ी, केंद्रीय राज्य मंत्री और विधायक बोले- होगी जांच

Betul Samachar: शाहपुर। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में विद्यार्थियों की शिकायतों और विरोध के बाद भ्रष्टाचार की कई परतें सामने आ रही हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री, स्थानीय विधायक और कलेक्टर के आदेश पर प्राचार्य पंकज शरण को भोपाल सोसाइटी अटैच कर दिया गया है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर दो पूर्व कर्मचारियों और छात्रावास के अधीक्षकों पर अब तक जिम्मेदारी तय नहीं की गई है। जबकि नर्स और एक अन्य कर्मचारी की सेवा समाप्त के आदेश हो चुके हैं। ऐसे में छात्रावास अधीक्षकों पर जिम्मेदारी तय नहीं करने पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप लग रहे हैं कि इन्होंने भी कमिशन बाजी कर जमकर धोखाधड़ी की है। यदि जांच टीम सूक्ष्म निरीक्षण करें तो बड़ा घोटाला सामने आ सकता है।

सूत्र बताते हैं कि एकलव्य आवासीय विद्यालय शाहपुर में हुए गड़बड़झाले में नए नियुक्त कर्मचारियों ने कलेक्टर के सामने अपना पल्ला झाड़ते हुए सभी दोषी प्राचार्य पंकज शरण पर डाल दिया। सूत्रों का दावा है कि पंकज शरण की नियुक्ति से पहले ही गणेश ट्रेडर्स के संचालक ने पूर्व कर्मचारी गुलाबराव बर्डे और पंकज मालवीय के साथ मिलकर आरोपित ठेकेदार आलोक सिंह की लॉबिंग शुरू कर दी थी।

मेस टेंडर में भी गड़बड़ी के आरोप

आरोप लगाए जा रहे हैं कि मेस टेंडर की प्रक्रिया में भी भारी गड़बड़ी की गई है। जानकारी के अनुसार पूर्व सहायक आयुक्त ने मां वैष्णो ट्रेडिंग एजेंसी के टेंडर को रोक दिया था, लेकिन नए सहायक आयुक्त विवेक पांडे और प्राचार्य पंकज शरण के आने के बाद टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई। फर्म राजा गुप्ता द्वारा करीब 3.27 लाख रुपए का किराना बिल जिला समिति और एसडीएम की अनुमति के बिना बनाया गया।

इसमें प्राचार्य पंकज शरण, अकाउंटेंट बिजेंद्र शिवहरे, अधीक्षक अमित सिंह और अधीक्षिका संपूर्णिमा भगोरिया शामिल थे। वहीं शासकीय राशन दुकान से उठाए गेहूं, चावल को साफ करवाने के नाम पर 4 हजार रुपए का बिल बनाकर केसिया भेजा गया और अनाज चुनने पर भी हजारों रुपए खर्च दिखाने के आरोप लग रहे हैं। इस मामले को जांच में शामिल नहीं किया गया। यदि इसे जांच में शामिल किया जाता है तो बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आ सकता है।

आलोक सिंह की फर्जी कंपनियों से लाखों की हेराफेरी!

सूत्रों के अनुसार ठेकेदार आलोक सिंह और उनकी फैमिली की कई फर्जी कंपनियों के जरिए स्कूल प्रबंधन को करोड़ों रुपए के बिल थमाए गए। 100 रुपए के सामान को हजारों में दिखाकर स्कूल से भुगतान कराया गया। इस खेल में जिन फर्मों का इस्तेमाल किया गया, इनमें मां वैष्णो ट्रेडिंग एजेंसी, महाकाल ट्रेडिंग एजेंसी, लक्ष्य ट्रेडिंग एजेंसी ङ्खद्गड्ढस्रशद्बस्र ञ्जद्गष्द्धठ्ठशद्यशद्दद्बद्गह्य आदि कंपनियां अलग-अलग कामों के लिए रजिस्टर्ड हैं, लेकिन हर महीने इन्हीं फर्मों के जरिए लाखों रुपए के बिल स्कूल में जमा किए गए।

ऑफलाइन भुगतान और मिलीभगत से लाखों का खेल

आरोप है कि भुगतान ऑफलाइन क्कस्नरूस् के जरिए किया गया, जिसमें अकाउंटेंट बिजेंद्र शिवहरे की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। सूत्र बताते हैं कि उसने बार-बार भुगतान प्रक्रिया को बायपास किया। वहीं दोनों फार्मों के साथ एक ही कमरे में बैठकर ऑनलाइन खरीदी की प्रक्रिया पूरी की जाती रही। सूत्रों के मुताबिक मेस टेंडर के लिए 25 प्रतिशत कमीशन की डील की गई थी। इस खेल में गुलाबराव बर्डे, पंकज मालवीय, अमित सिंह, संपूर्णिमा भगोरिया और प्राचार्य पंकज शरण तक शामिल बताए जा रहे हैं। मिलीभगत के तहत हर महीने लगभग 10 लाख रुपए के बिल निकालकर बांटे जाते रहे।

इनका कहना….

मेरे विभाग की जांच टीम ने प्रतिवेदन सौंप दिया है। जो दोषी पाए गए हैं, उन पर कार्रवाई तय कर दी गई है। भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति न होने के लिए प्रबंधन को चेतावनी दी गई है। आपके माध्यम से अधीक्षक, अधीक्षिका और फर्मों की जो शिकायत मिली है, इसके दस्तावेज मुझे उपलब्ध करा दें। इसे भी जांच में शामिल कर लिया जाएगा। यदि कोई दोषी मिलता है तो सौ प्रतिशत कार्रवाई होगी।

दुर्गादास उइके, केंद्रीय राज्य मंत्री

एकलव्य आवासयीय विद्यालय शाहपुर में इतनी बड़ी लापरवाही हुई है। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई भी हो चुकी है। यदि सप्लायर और अन्य लोगों पर भी कार्रवाई तय होना चाहिए, जिन पर आरोप लगे हैं। उनकी भी जांच करना चाहिए

गंगा उइके, विधायक घोड़ाडोंगरी

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

Related Articles

Back to top button