Betul Samachar: रजिस्ट्री कार्यालय में लिफाफा सिस्टम का खेल!

60-70 रजिस्ट्रियों से हर माह लाखों की कथित उगाही, आखिर किसकी जेब में जा रही रकम?

Betul Samachar: बैतूल। जिले के रजिस्ट्री कार्यालय को लेकर एक के बाद एक गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कार्यालय से जुड़े लोगों और आम नागरिकों के बीच यह चर्चा जोरों पर है कि रजिस्ट्री के नाम पर निर्धारित शुल्क के अलावा कथित रूप से अतिरिक्त राशि वसूली जा रही है। आरोप है कि इस पूरे खेल में सर्विस प्रोवाइडरों को खुली छूट मिली हुई है और आम आदमी अपनी जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री समय पर कराने और दस्तावेज तैयार करने की फजीहत से बचने के लिए मजबूरी में अतिरिक्त रकम देने को विवश हो जाता है।

साल भर में लाखों तक पहुंच रहा फर्जीवाड़े की राशि का आंकड़ा

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कार्यालय में प्रतिमाह करीब 60 से 70 रजिस्ट्रियां होती हैं। यदि प्रत्येक रजिस्ट्री पर औसतन 3 हजार की भी कथित अवैध वसूली मानी जाए तो हर महीने लगभग 2 लाख 10 हजार रुपए का खेल सामने आता है। यही आंकड़ा सालभर में 20 से 25 लाख तक पहुंच जाता है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आखिर यह रकम किस-किस तक पहुंच रही है और इसका लाभ कौन उठा रहा है? सूत्रों का दावा है कि कार्यालय में शाम ढलते ही कथित तौर पर ‘लिफाफोंÓ के इंतजार की चर्चाएं शुरू हो जाती हैं। यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो यह पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

अधिकारियों- कर्मचारियों की आय और सम्पत्ति की होना चाहिए जांच

इधर रजिस्ट्री की आड़ में की जा रही वसूली को लेकर आम नागरिकों का कहना है कि सरकारी कार्यालय में निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त किसी भी प्रकार की राशि की मांग पूरी व्यवस्था की साख पर प्रश्नचिह्न लगाती है। लोगों की मांग है कि इस मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही रजिस्ट्री कार्यालय से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और इस प्रक्रिया में शामिल अन्य लोगों की आय और संपत्ति की भी जांच हो।

यदि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाए तो कथित अवैध वसूली की परतें खुल सकती हैं और यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायतों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार उठ रहे सवालों ने रजिस्ट्री व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर बहस जरूर छेड़ दी है। अब निगाहें जिला प्रशासन और शासन पर हैं कि वह इन शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेकर जांच कराता है और दोषी पाए जाने वालों पर क्या कार्रवाई होती है।

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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