New Voters In Betul 46 हजार से अधिक नए मतदाताओं पर भाजपा-कांग्रेस की नजर, निर्णायक भूमिका अदा कर सकते है, इसलिए दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता रिझाने में लगे
New Voters In Betul: BJP-Congress are eyeing more than 46 thousand new voters, they can play a decisive role, hence workers of both the parties are trying to woo them.


सांझवीर टाईम्स, बैतूल
मतदान का अधिकार मिलने के बाद पहली मर्तबा वोट डालने के लिए नव मतदाता बेसब्री से इंतजार कर रहे है। हालांकि उनका रूख किस ओर है, यह अंदाजा लगाया जाना इतना आसान नहीं है, जितना पार्टियां सोच रही है। अलबत्ता नव मतदाताओं को साधने के लिए भाजपा और कांग्रेस अपने स्तर पर काफी पहले से प्रयास कर रही है। निवार्चन कार्यालय से मिले आंकड़ों पर नजर दौड़ाए तो जिले में कुल 46 हजार 743 नव मतदाता अपने वोटों का पहली बार उपयोग करेंगे। लिहाजा इन पर सभी की नजर टिकी हुई है।
18 वर्ष की उम्र में भारत में मतदान का अधिकार दिया गया है। मतदाता सूची बनने के पहले बीएलओ और मतदान से जुड़े कर्मचारी 18 वर्ष के होने वाले नव मतदाताओं के नाम जोडऩे के लिए काफी पहले से प्रयास करते आ रहे है। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन के बाद जिले में नए मतदाताओं के नाम भी सामने आ गए है। यानी वे इसी माह होने वाले विधानसभा चुनाव में अपने मताधिकार का पहली बार उपयोग करेंगे। हालांकि अभी तक निर्वाचन कार्यालय से उन्हें मत पर्ची नहीं मिली है, लेकिन बीएलओ के द्वारा शीघ्र ही उन्हें उपलब्ध कराई जाएगी।
सर्वाधिक नव मतदाता घोड़ाडोंगरी में, सबसे कम आमला में
निर्वाचन कार्यालय द्वारा उपलब्ध आंकड़ों पर नजर दौड़ाए तो गत विधानसभा से अब तक जिले में कुल 46 हजार 743 नव मतदाता जुड़े है। सर्वाधिक नव मतदाता जोड़े जाने के मामले में जिले की सबसे बड़ी विधानसभा घोड़ाडोंगरी ने बाजी मारी है। यहां 11 हजार 351 नव मतदाता पहली बार मताधिकार का प्रयोग करेगी सबसे कम 7 हजार 862 मतदाता आमला विधानसभा में जुड़े है। मुलताई में 8 हजार 451, बैतूल में 9 हजार 98, भैंसदेही में 9 हजार 981 मतदाता जुड़े है। पूरे जिले में 23 हजार 345 पुरूष और 22 हजार 398 महिला नव मतदाता के नाम मतदाता सूची में प्रकाशन हुए है।
वोट डालने के प्रति खासा उत्साह
नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर नवमतदाताओं ने बताया कि वे अपना मताधिकार का प्रयोग पहली बार करने के लिए खासे उत्साहित है। किस पार्टी को वोट देंगे के सवाल पर अधिकांश बताने से इंकार कर रहे है, लेकिन अधिकांश का मानना है कि वे ऐसे प्रत्याशी को चुनना पसंद करेंगे जो उनके विधानसभा क्षेत्र का विकास कर सके। कुछ का कहना है कि पहली बार वोट डाल रहे है, इसलिए परिजनों की राय भी मायने रखेगी।
उच्च शिक्षा के लिए कई शहर से बाहर, वोट डालने आएंगे!
यह भी कटू सत्य है कि नव मतदाताओं के साथ पहली बार मताधिकार का प्रयोग करना किसी से चुनौती से कम नहीं है। दरअसल 18 वर्ष के होने के करीब अधिकांश नव मतदाता हायर सेकेण्डरी परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए महानगरों की ओर कूच कर जाते है। साईंस और मैथ्स विषय वाले 18 वर्ष के युवक, युवतियां ना सिर्फ बल्कि पूरे जिले से उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाने का चलन बढ़ा है। ग्रामीण अंचलों से भी किसानों के पुत्र पुत्रियां उच्च शिक्षा के लिए देश और विदेश जा रहे है। ऐसे में पहली बार वोट डालने का सपना चकनाचूर हो सकता है। इतना जरूर है भोपाल, इंदौर और आसपास रहने वाले नए मतदाता जरूर वोट डालने के लिए अपने शहर या गांव आ सकते है, लेकिन प्रदेश से बाहर रहने वाले नव मतदाताओं का रूख साफ नहीं है। कहा जा रहा है कि इन्हें मताधिकार का प्रयोग करने लाने के लिए भाजपा और कांग्रेस समेत अन्य पार्टियां भी प्रयास कर रही है। देखना है कि नवमतदाताओं को कौनसी पार्टी साधने में सफल होती है।




