Betul News : टीआई को न हटाकर खुद बलि का बकरा बन गए एसपी
Betul News: SP himself became a scapegoat by not removing TI

जब विधायकों ने शिकायत की तो सरकार ने एसपी को हटाया, रिलीव होने के पहले कोतवाल समेत डेढ़ दर्जन तबादले किए
Betul News : (बैतूल)। बैतूल में एक सप्ताह के भीतर दो आदिवासी युवकों के साथ मारपीट के बाद प्रदेश में सरकार की जमकर किरकिरी हुई। इसके बावजूद एसपी ने कोतवाली टीआई को हटाने का प्रयास नहीं किया। नतीजा यह हुआ कि दूसरी घटना में आदिवासी युवक को नग्न कर पीटने के बाद कांग्रेसियों के आक्रोश के बाद भोपाल में जिले के पांचों विधायकों ने सीएम से मुलाकात कर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। किसी भी विधायक ने एसपी की शिकायत नहीं की थी। मतलब साफ जाहिर है कि एसपी सिद्धार्थ चौधरी पहले ही कोतवाली क्षेत्र के विवादित टीआई को हटा देते तो शायद उन्हें बलि का बकरा नहीं बनना पड़ता। देर रात पुलिस मुख्यालय से जारी हुई सूची में एसपी को आदिवासी युवकों से मारपीट के मामले में महज 11 माह में जिले से हटना पड़ा। हालांकि रिलीव होने के पहले उन्होंने भी आखिर विवादित टीआई को हटा दिया है। उनके साथ करीब डेढ़ दर्जन थाना और चौकी प्रभारियों समेत उपनिरीक्षकों के भी विभाग में तबादले किए गए।
बैतूल के कोतवाली थाना क्षेत्र में लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। इससे न सिर्फ पुलिस विभाग की बल्कि सत्तारूढ़ भाजपा की भी किरकिरी हो रही है। पिछले दिनों शहर में बढ़ रहे लूट, चोरी और अन्य वारदातों के बाद तीन विधायकों ने एसपी से मुलाकात कर कानून व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए भी कहा था, लेकिन सूत्र बताते हैं कि कोतवाली टीआई को प्रमोशन के बहाने नहीं हटाया गया। इसके तत्काल बाद कोतवाली थाना क्षेत्र के ही कोठीबाजार में एक आदिवासी युवक के साथ बजरंग दल के तथाकथित नेताओं ने मुर्गा बनाकर मारपीट की। पुलिस की उस समय भी काफी थू-थू हुई, जब पीड़ित ने शपथ पत्र देकर पुलिस ने दूसरे आरोपी को पकड़ने का आरोप लगा दिया। कोतवाली टीआई इस पर तर्क देते रहे कि पहचान के बाद मामला दर्ज करने पर आरोपी नहीं बदला जा सकता है। उनका यह बयान सुर्खियों में ही था कि तीन दिनों बाद एक और वीडियो वायरल होने से कोतवाली थाना क्षेत्र विवादों में बन गया। दरअसल एक आदिवासी युवक को नग्न कर उल्टा लटका कर पीटने के वीडियो से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। यह वीडियो भी कोतवाली थानाक्षेत्र के आजाद वार्ड का बताया जा रहा था। इस मामले में भी सरकार की जमकर किरकिरी हुई। कांग्रेसियों ने मामले में मुख्यमंत्री से तक इस्तीफा मांग लिया।
विधायकों के सीएम से मिलने के बाद तय माना जा रहा था बदलाव
सूत्र ने बताया कि जिले के पांचों विधायक हेमंत खंडेलवाल, महेंद्र सिंह चौहान, डॉक्टर योगेश पंडाग्रे, चंद्रशेखर देशमुख और गंगा उइके ने बुधवार की शाम मुख्यमंंत्री डॉ मोहन यादव से सीएम हाउस में मुलाकात की थी। पांचों विधायकों ने आदिवासी युवकों के साथ बढ़ रहे अत्याचार पर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। हालांकि विधायकों ने सीएम को सीधे तौर पर एसपी की नहीं बल्कि पुलिस की शिकायत की थी। यानी संबंधित थाना क्षेत्र के टीआई पर कार्रवाई करने का अनुरोध माना जा सकता है। हालांकि सरकार ने इसे गंभीर मामला मानते हुए एसपी सिद्धार्थ चौधरी को बैतूल से हटाकर आठवीं बटालियन छिंदवाड़ा का कमांडेट बना दिया गया है। उनके स्थान पर अभी किसी की नियुक्ति नहीं की है।
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टीआई हटते तो बच जाते एसपी (Betul News )
इधर जानकार सूत्र बताते हैं कि कोतवाली थाना क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक गतिविधियां और कोतवाल आशीष सिंह पवार के आए दिन विवादों में रहने के कारण जनप्रतिनिधियों में भी खासा आक्रोश था। करीब दस दिनों पहले भाजपा के तीन विधायकों ने एसपी से मुलाकात कर कोतवाली टीआई को भी हटाने का अनुरोध किया था, लेकिन पुलिस बल की कमी और संभावित प्रमोशन के कारण उन्हें अभयदान दे दिया गया। इसके बाद कोतवाली क्षेत्र में लगातार आपराधिक गतिविधियां बढ़ते ही गई। अंतत: विधायकों ने सीएम से मिलकर पुलिस की शिकायत कर दी। पुलिस की शिकायत में सीधे तौर पर एसपी को हटाए जाने की वकालत नहीं की गई थी, लेकिन सीएम ने बैतूल एसपी को हटाकर अपनी तेज-तर्रार कार्यप्रणाली जारी रखी है।
देरी से हटाए कोतवाल, डेहरिया को सौंपी जिम्मेदारी (Betul News)
इधर आदिवासी युवकों के साथ मारपीट के बाद एसपी सिद्धार्थ चौधरी ने आखिर रिलीव होने के पहले कोतवाल आशीष सिंह पवार को हटा दिया है। उनके साथ करीब 17 निरीक्षक और उपनिरीक्षकों को इधर से उधर किया गया है। गुुरुवार जारी तबादला सूची में गंज थाना प्रभारी देवकरण डेहरिया को नया कोतवाल बनाया गया है। गंज में ही पदस्थ उपनिरीक्षक संदीप परतेती को अस्थाई रूप से गंज थाने का जिम्मा सौंपा गया है। इसी तरह बीजादेही टीआई रविकांत डेहरिया को बैतूल बाजार टीआई, बैतूलबाजार टीआई बबीता उइके को महिला थाना प्रभारी बनाया है। लाइन में पदस्थ निरीक्षक को जयपाल इनवाती को शाहपुर थाना प्रभारी बनाया है।
इसी तरह उपनिरीक्षक चित्रा कुमरे को महिला थाना से मुलताई, आम्रपाली डहाट को मुलताई से चौकी प्रभारी घोड़ाडोंगरी, छत्रपाल धुर्वे को थाना चोपना से मुलताई, नरेंद्र उइके को चौकी प्रभारी घोड़ाडोंगरी से कोतवाली, विनोद मालवीय को भैंसदेही से महिला थाना, फतेह बहादुर को बैतूलबाजार से भैंसदेही, राकेश सरियाम को बैतूलबाजार, रवि साक्य को थाना प्रभारी बीजादेही, वंशज श्रीवास्तव को रक्षिक केंद्र से गंज, सुनील सरियाम को रक्षित केंद्र से मुलताई, एएसआई राजन सिंह राजपूत रक्षित केंद्र से यातायात और राजेश कलम को चिचोली से चोपना थाना भेजा गया है।
मुख्य आरोपी सोहराब भोपाल से गिफ्तार (Betul News)
आदिवासी युवक के साथ की मारपीट के मामले में एक और आरोपी ने पुलिस को भोपाल से गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक मुख्य आरोपी सोहराब को पुलिस ने भोपाल से गिरफ्तार किया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक आरोपियों की गिफ्तारी के लिए पुलिस की दो अलग-अलग टीमें बनाई गई थी। एक टीम मुख्य आरोपी कि तलाश में जुटी हुई थी। बताया जा रहा है कि पुलिस को मुख्य आरोपी सोहराब के भोपाल फरार होने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम तत्काल भोपाल रवाना की गई थी। जहां स्थानीय पुलिस की मदद से सोहराब को हिरासत में ले लिया गया। इस दौरान बुधवार रात एसपी सहित तमाम पुलिस अधिकारी कोतवाली थाने मे ही डेरा डाले रहे। जानकारी मिली है कि जब तक सोहराब की गिफ्तारी की सूचना अधिकारियों को नहीं मिली तब तक अधिकारी पुलिस टीम के सदस्यों के लगातार संपर्क में रही थी। गौरतलब है कि घटना में शामिल तीसरा आरोपी रिंकेश चौहान अभी भी फरार है, जिसकी सरगर्मी से पुलिस तलाश कर रही है।(Betul News )





