Betul Samachar: 33 केव्ही लाइन में शॉर्ट सर्किट का असर, शहर की 300 से अधिक स्ट्रीट लाइटें हुईं खराब

सड़कों पर पसरा अंधेरा, नगर पालिका को 3 लाख के नुकसान की आशंका
Betul Samachar: बैतूल। शहर में 33 केव्ही विद्युत लाइन में हुए शॉर्ट सर्किट और कथित हाई वोल्टेज के कारण नगर पालिका की 300 से अधिक स्ट्रीट लाइटें एक साथ खराब हो गई हैं। पिछले चार-पांच दिनों से शहर के कई प्रमुख मार्गों और चौराहों पर रात के समय अंधेरा पसरा हुआ है, जिससे आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर पालिका ने मामले को गंभीरता से लेते हुए युद्ध स्तर पर सुधार कार्य शुरू कर दिया है।
जानकारी के अनुसार शहर के प्रमुख क्षेत्रों में लगी एलईडी स्ट्रीट लाइटें अचानक बंद हो गईं। प्रारंभिक जांच में हाई वोल्टेज और विद्युत लाइन में आई तकनीकी गड़बड़ी को कारण माना जा रहा है। एमएलबी स्कूल से कलेक्टर निवास मार्ग, जिला न्यायालय परिसर से बस स्टैंड तक का क्षेत्र, शिवाजी चौक, मुला पेट्रोल पंप, लश्करे अस्पताल रोड सहित कई महत्वपूर्ण मार्गों पर लगी स्ट्रीट लाइटें प्रभावित हुई हैं।

4 दिनों से सड़कों पर सन्नाटा
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रात के समय मुख्य सड़कों पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने से दुर्घटना और असामाजिक गतिविधियों की आशंका बढ़ गई है। खासकर देर रात आने-जाने वाले वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को काफी परेशानी हो रही है। कई स्थानों पर अंधेरे के कारण लोगों को मोबाइल की रोशनी का सहारा लेना पड़ रहा है।
नपा और बिजली कम्पनी में मतभेद का असर
सूत्रों के अनुसार बिजली कंपनी और नगर पालिका के बीच लंबे समय से वोल्टेज संबंधी समस्याओं को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है। नगर पालिका का आरोप है कि विद्युत आपूर्ति में बार-बार आने वाले उतार-चढ़ाव से विद्युत उपकरणों को नुकसान पहुंच रहा है, जबकि बिजली कंपनी तकनीकी कारणों का हवाला देती रही है। अब एक साथ बड़ी संख्या में स्ट्रीट लाइटों के खराब होने से यह विवाद फिर चर्चा में आ गया है।
नगर पालिका अधिकारियों का कहना है कि खराब हुई लाइटों की गणना और तकनीकी परीक्षण कराया जा रहा है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार 300 से अधिक स्ट्रीट लाइटें प्रभावित हुई हैं, जिनके सुधार या प्रतिस्थापन पर करीब तीन लाख रुपये या उससे अधिक का खर्च आ सकता है। इससे नगर पालिका के बजट पर अतिरिक्त भार पड़ेगा।
लाइट बदलने का काम युद्ध स्तर पर जारी
नगर पालिका की टीम द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में नई ड्राइवर यूनिट, कंट्रोलर और अन्य आवश्यक उपकरण बदलने का कार्य किया जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि अगले कुछ दिनों में अधिकांश क्षेत्रों की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी।
वहीं नागरिकों ने मांग की है कि बिजली आपूर्ति व्यवस्था की तकनीकी जांच कर दोषियों की जिम्मेदारी तय की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। शहरवासियों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि आखिर 33 केव्ही लाइन में आई तकनीकी खराबी के लिए जिम्मेदार कौन है और नगर पालिका को हुए लाखों के नुकसान की भरपाई किस स्तर पर होगी।
इनका कहना…..
जिन लाइनों में नपा फाल्ट होने की बात कह रही है, वह हमारी नहीं है, बल्कि टाउन-1 की है। फाल्ट होकर लाइटें बंद हुई है तो इसकी जवाबदारी भी विद्युत कंपनी की नहीं है।
– सिद्धार्थ यदु, उप महाप्रबंधक, बिजली कंपनी, बैतूल टाउन-2
33 केव्ही सब स्टेशन में फाल्ट के कारण शहर के मुख्य मार्ग की करीब 300 लाइटें खराब हो गई। इसका नपा का 3 लाख का फटका बैठा है। दूसरी लाइट लगाने और मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है।
अमित सक्सेना, विद्युत शाखा प्रभारी, नपा बैतूल
चमगादड़ चिपकने से 33 केव्ही में तकनीकी परेशानी जरूर आई थी, लेकिन इससे स्ट्रीट लाइट बंद होने का कोई तालुकात नहीं है।
-कमलेश खोबरागड़े, उप महाप्रबंधक, बिजली कंपनी, बैतूल टाउन-1




