Betul Nagar Palika: नपा की हालत खस्ताहाल, फिर भी 10 और आउट सोर्स कर्मचारियों की नियुक्तियां

नपा को बैठेगा हर माह पांच लाख का फटका, पहले से तीस कर्मचारी मौजूद
Betul Nagar Palika: बैतूल। जिला मुख्यालय की नपा की वित्तीय हालत खराब करने के लिए कहीं न कहीं अधिकारी जिम्मेदार है। इस बात की बानगी पूर्व में भी देखी जा चुकी है। अब दोबारा इसी ढर्रे पर काम किया जा रहा है। कर्मचारियों को समय पर वेतन न मिलने के कारण नपा ने फिर 10 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों की ठेकेदार के माध्यम नियुक्ति कर नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है। भले ही कहा जा रहा है कि जलशाखा और अन्य स्थानों पर कर्मचारियों की कमी की वजह से यह नियुक्तियां की गई हैं, लेकिन नपा की वित्तीय स्थिति खराब होने के 30 के बाद 10 और कर्मचारी रखना कहां तक तर्क संगत है।
बैतूल नपा में नए सीएमओ नवनीत पांडे के करीब 40 दिन पहले कार्यवाह संभालने के बाद हालात काफी बदले दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने अपनी कार्यप्रणाली से सभी का दिल जीतने का प्रयास किया है। जैसे-तैसे नपा की स्थिति पटरी पर लाने के प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन कुछ दिनों पहले अचानक ऐसा क्या हुआ कि पटरी पर चल रहे सीएमओ ने कर्मचारियों की कमी के बहाने 10 और आउटसोर्स कर्मचारी रखने के लिए ठेकेदार को निर्देश दे दिए। सीएमओ के इस आदेश की सार्वजनिक तो नहीं, लेकिन अंदर ही अंदर विरोध शुरू हो गया है।
विरोध के कई कारण
बताया जाता है कि नपा में पिछले आठ माह से वेतन े के लाले पड़े हैं। केवल मार्च माह में वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर राजस्व वसूली बेहतर होने के कारण अप्रैल में कर्मचारियों को कई माह बाद समय पर वेतन मिला था। इसके पहले हालत यह थी कि कर्मचारियों को दो माह तक वेतन नहीं मिल रहा था। इसी वजह आउटसोर्स कर्मचारियों की लगातार नियुक्तियां से नपा का बजट गड़बड़ा गया।
सूत्र बताते हैं कि कई अधिकारी कर्मचारी दबी जुबान से इन आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्तियों को गलत बता रहे हैं। जबकि सत्तारूढ़ पार्टी के साथ विपक्षी पार्षद भी लगातार आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति का विरोध कर रहे हैं। कुछ पार्षदों ने जनप्रतिनिधियों को भी शिकायत की थी। अब खबर है कि दोबारा इस मामले में शिकायत की जा रही है।
नपा का अलग तर्क
इस मामले में नपा के जिम्मेदारों का अलग तर्क है। उनका मानना है कि जलशाखा समेत अन्य स्थानों पर कर्मचारियों के निधन के कारण अनुकंपा नियुक्ति नहीं हुई। इसलिए कमी के कारण जलशाखा में 5-6 और शेष शाखाओं में इतने ही कर्मचारियों को रखना मजबूरी बन गया है। जिम्मेदारों का तर्क कहां तक ठीक है, यह तो वे ही जाने, लेकिन यह बात दावे से कही जा सकती है कि इन कर्मचारियों को रखने से नपा का बजट फिर गड़बड़ाएगा और कर्मचारियों को वेतन के लाले पड़ेंगे।
हर माह नपा कर रही 4 लाख का भुगतान
सूत्र बताते हैं कि पहले से ही 30 आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए हर माह 3 से 4 लाख का भुगतान सूचिता प्रौद्योगिकी समिति को कर रही है। इसी फर्म ने नपा को आउटसोर्स कर्मचारी उपलब्ध कराए हैं। इन तीस कर्मचारियों में कुशल और अकुशल है, इन्हें 11 हजार से लेकर 14 हजार तक का वेतन दिया जा रहा है।
इन कर्मचारियों को नपा अपनी शाखाओं के अलावा विभिन्न पार्कों, जिपं समेत अन्य स्थानों पर उपयोग कर रही है। कई आउटसोर्स कर्मचारी तो नपा में आराम फरमाते भी देखे जा सकते हैं। इसके बावजूद नए कर्मचारियों की नियुक्ति के बाद नपा पर अतिरिक्त 1 लाख 30 हजार का अतिरिक्त हर माह भार आएगा। इससे नपा की स्थिति बिगड़ेगी। इस संबंध में स्थानीय विधायक और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से चर्चा करने का प्रयास किया, लेकिन व्यस्त होने के कारण उपलब्ध नहीं हो सके।
इनका कहना..
पूर्व में 40 कर्मचारियों को रखने पर सहमति बनी थी। 30 आउटसोर्स कर्मचारी नपा के पास मौजूद है, लेकिन जलशाखा समेत कुछ जगह कर्मचारियों की कमी के बाद पुराने टेंडर के आधार पर ठेेकेदार से कर्मचारी मांगें हैं। इसके लिए नया टेंडर नहीं लगाया गया है।
नवनीत पांडे, सीएमओ नपा बैतूल
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