Betul Politics : मौसम हुआ ठंडा सियासत गर्म, भाजपा कांग्रेस में मोबाइल नंबर जुटाने की लगी होड़
Betul Politics: Weather becomes cold, politics becomes hot, BJP and Congress compete to collect mobile numbers.

दोनों ही राजनीतिक दल मोबाइल फोन के माध्यम से कर रही मतदाताओं को लुभाने का प्रयास
Betul Politics : (बैतूल)। मप्र में एक ओर जहां गिरते पारे के साथ मौसम में ठंडक का एहसास होने लगा तो चुनावी पारे ने सियासी गर्मी भी बढ़ा दी है। इसके साथ ही बैतूल जिले की सियासत अब अपने चरम पर है। यहां चुनावी शतरंज में सभी मोहरे सज चुके हैं। इंतजार अब सिर्फ 17 नवंबर का है, जब जनता अपना भविष्य चुनने वोटिंग करेगी। इसी बीच दोनों ही राजनीतिक दलों के एजेंट मतदाताओं को ताबड़तोड़ फोन लगाकर अपने-अपने प्रत्याशियों को सपोर्ट करने की अपील कर रहे हैं।
2018 के चुनाव में जिले की विधानसभा सीटों पर हार का सामना करने वाली भाजपा इस बार के चुनाव में समर्थन पाने की कोशिश में है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार 5 विधानसभा में इस बार यूथ का जादू देखने को मिलेगा। करीब 50 प्रतिशत से अधिक मतदाता 39 साल तक की उम्र के हैं। कहा जा रहा है कि इसी उम्र के लोग सोशल मीडिया पर ज्यादा एक्टिव हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों का टारगेट है कि किसी तरह इन्हें लुभाया जाए। ऐसे में जिस पार्टी और प्रत्याशी की सोशल मीडिया पर पकड़ मजबूत होगी, वही इन तक पहुंच बना सकेगा।
दूसरी ओर नेताओं के लिए महिला मतदाता तक अपनी बात पहुंचाना टेढ़ी खीर होगा। देहात एरिया में अधिकतर महिला मतदाता सोशल मीडिया से दूर हैं। युवा वोटर ही अपने परिवार की महिलाओं को अपने हिसाब से माइंड वास कर वोट डालने के लिए प्रेरित करेंगे। जिसके चलते महिला वोटर कहीं ना कहीं अपने वोट युवा वोटरों के भरोसे डालेंगे।
मोबाइल नंबर जुटाने की लगी होड़ (Betul Politics )
चुनाव की घोषणा होते ही वॉट्सएप, इंस्टाग्राम, फेसबुक, टि्वटर आदि पर कई पेज, ग्रुप आदि बन गए हैं। पार्टी और अपने नेताओं का प्रचार शुरू हो गया है। सरकार की उपलब्धियों और दावों की झड़ी लग गई है। लेकिन, इस बार एक और अनोखी बात दिखी है। पार्टियों के कार्यकर्ता घर-घर जाकर मोबाइल नंबर नोट कर रहे हैं। पार्टी और अपने नेता की बात पहुंचाने के लिए वॉट्सऐप का भी सहारा लिया जा रहा है।




