BJP News : संघ से जुड़े दो पदाधिकारी ने बढ़ाई भाजपा की मुसीबत!
BJP News: Two officials associated with the Sangh increased the troubles of BJP!

मुलताई में हेमंत देशमुख ताल ठोंकेंगे! भैंसदेही में बारस्कर के दाव से चिंता बढ़ी
BJP News : (बैतूल)। बैतूल में संघ और भाजपा में सबकुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है। यदि मतभेद और मनभेद नहीं रहते तो शायद संघ से जुड़े दो प्रमुख लोग भाजपा का गणित का शायद ही बिगाडऩे का प्रयास करते। फिलहाल जो स्थिति निर्मित हो रही है उसे देखे तो मुलताई से हेमंत देशमुख की नाराजगी अब तक दूर नहीं हो पा रही है। दूसरी तरफ संघ से ही जुड़े इटारसी में पदस्थ जीएसटी अफसर हेमराज बारस्कर ने नौकरी से इस्तीफा देकर भैंसदेही से चुनाव लडऩे का न सिर्फ ऐलान किया, बल्कि गुरुवार को नामांकन भी दाखिल कर दिया। संघ से जुड़े दोनों पदाधिकारियों की भाजपा से नाराजगी का आलम है कि वे मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। यदि ऐसा होता है तो दोनों सीट पर भाजपा के उम्मीदवारों को बड़ा नुकसान होने से इंकार नहीं किया जा सकता।
संघ और भाजपा का भले ही चोली-दामन का साथ न हो, लेकिन भाजपा के जिम्मेदार बड़े पदाधिकारियों की बात नकारते नहीं आ रहे हैं। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। यदि बैतूल की बात करें तो यहां पर भी संघ का खासा वर्चस्व दिखाई पड़ता है। संघ मुख्यालय नागपुर से सटा होने के कारण बैतूल का परिदृश्य कहीं न कहीं संघ की माटी से जुड़ा हुआ है।
बैतूल में भी संघ के खाटी कार्यकर्ताओं की लंबी फौज है। दशहरा पर जिस तरह पथ संचलन निकला था, इसे देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि संघ में कितनी बड़ी फौज तैयार कर रखी है। हालांकि संघ से जुड़े लोग अधिकांश भाजपा की विचारधारा का समर्थन करते आए हैं, इसलिए स्वाभाविक बात है कि बैतूल जिले में टिकट वितरण की बात आए तो संघ का दखल चलेगा, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से भाजपा में संघ की बातों को दरकिनार करने की चर्चा है।
यही वजह है कि संघ से जुड़े मुलताई के वरिष्ठ भाजपा ने हेमंत देशमुख और भैंसदेही के संघ से जुड़े हेमराज बारस्कर चुनाव लडऩे के लिए ताल ठोक चुके हैं। दोनों का ही मुलताई और भैंसदेही विधानसभा से दावेदारी करना और टिकट न मिलने पर नाराजगी जाहिर करना कहीं न कहीं उन्हें नजर अंदाज करने जैसा साबित हो रहा है।
देशमुख चुनाव लडऩे की तैयारी में
इधर जानकार सूत्रों ने बताया है कि हेमंत विजयराव देशमुख मुलताई से निर्दलीय चुनाव लडऩे की तैयारी कर चुके हैं। उनके समर्थक भी इस बात का खुलासा कर चुके हैं, लेकिन इसे सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं। सूत्र तो यही बताते हैं कि बड़े मैनेजमेंट के साथ वे निर्दलीय मैदान में कूदने की तैयारी कर चुके हैं। पिछले दिनों मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मुलताई आगमन पर भी उनकी नाराजगी देखने को मिली है।
सीएम ने मंच से उन्हें नाम लेकर बुलाया, तब जाकर वे मंच पर आए। इसी बात से उनकी नाराजगी का अंदाजा लगाया जा सकता है। सूत्र बताते हैं कि संघ से जुड़े क्षेत्र के कई लोग निर्दलीय मैदान में उतारने के लिए तैयारी करवा रहे हैं। कहा तो यह भी जा रहा है कि तगड़े मैनेजमेंट से चुनाव लड़कर वे मुलताई में भाजपा की फजीहत बड़ा सकते हैं। हालांकि अब तक उनकी मान-मनोव्वल चलने की खबर है। हालांकि श्री देशमुख ने चुनाव लडऩे को लेकर कहा है कि अभी उनकी किसी तरह की प्लानिंग नहीं है।
बारस्कर ताकत से मैदान में
भैंसदेही ब्लाक के निवासी और संघ से जुड़े हेमराज बारस्कर इटारसी में जीएसटी अफसर के पद पर थे। गत चुनाव में भी उन्होंने टिकट की मांग की थी, लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिल सकी। इस बार उन्हें भरोसा दिया था, लेकिन भाजपा संगठन ने एक बार फिर महेंद्र सिंह चौहान पर भरोसा जताया।
बस यही से बारस्कर की नाराजगी शुरू हुई। उन्होंने शासकीय सेवा से त्यागपत्र देकर परिजनों के साथ बकायदा नामांकन भी दाखिल कर दिया है। उनके मैदान में कूदने से भैंसदेही विधनसभा में रोचक स्थिति निर्मित हो गई है। संघ के करीबी होने के कारण बारस्कर को फायदा मिलेगा, लेकिन भाजपा को उनके मैदान में उतरने से तगड़ा नुकसान हो सकता है। हालांकि नामांकन वापसी के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी कि वे मैदान में होंगे या नहीं।




