Betul Hospital News: निजी हाथों में जाएगी अस्पताल की भोजन शाला

Betul Hospital News: Hospital's dining hall will go into private hands

टेंडर प्रक्रिया जारी, अस्पताल प्रबंधन करता रहेगा मॉनीटरिंग

Betul Hospital News: (बैतूल)। अस्पताल की भोजन शाला अब निजी हाथों में जाने वाली है। दरअसल भोजन शाला का एक निजी कंपनी को टेंडर दिया जाएगा। टेंडर की प्रक्रिया अभी जारी है। जिला अस्पताल बैतूल की भोजन शाला वर्षो से अस्पताल प्रबंधन द्वारा संचालित की जाती रही है, अब इस भोजन शाला को निजी हाथों में दिया जा रहा है। टेंडर होने के बाद कंपनी भोजन शाला की कमान संभालेंगी और मेनू के अनुसार मरीजों को भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 350 से 400 मरीजों का भोजन बनाया जाता है। भोजन में प्रत्येक दिन नाश्ते के अलावा अलग-अलग मेनू तय किया गया है। इस मेनू के अनुसार ही मरीजों को भोजन वितरित किया जाता है।

जानकारी के मुताबिक अस्पताल की यह भोजन शाला अब निजी हाथों में सौंपी जा रही है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा भोजन शाला के टेंडर को लेकर प्रक्रिया पूरी की जाएंगी। हालांकि अभी कोई भी टेंडर नहीं आए है। टेंडर आने और टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवेदनों पर गौर किया जाएगा। भोजन शाला भले ही निजी हाथों में चली जाएगी, लेकिन अस्पताल प्रबंधन द्वारा इसकी मॉनीटरिंग की जाएगी। यह देखा जाएगा कि मरीजों को मेनू के अनुसार और समय पर नाश्ता और भोजन दिया जा रहा है या नहीं। अधिकारी समय-समय पर इसे चेक करते रहेंगे। कई बार यह भी शिकायतें आती है कि भोजन गुणवत्तापूर्वक नहीं मिल पाता है और समय पर भोजन का वितरण नहीं होता है। अब निजी हाथों में जाने के बाद इस तरह की शिकायतें कम होने की संभावना है।

भोजन के लिए कतार में लगते मरीज (Betul Hospital News)

जिला अस्पताल में देखने में यह आता है कि जो भी मरीज भर्ती है, उन्हें भोजन के लिए कतार में लगना पड़ता है। ऐसे में मरीजों को असुविधाएं होती है। नियमों के मुताबिक मरीज को उसके बेड पर भोजना पहुंचाना अनिवार्य है, लेकिन अस्पताल में वार्ड के पास भोजन गाड़ी को खड़ा कर दिया जाता है और मरीजों को भोजन के लिए मरीजों को लाईन में खड़ा किया जाता है। कई बार मरीज से खड़े होते नहीं बनता, मरीज परेशान होते रहते है। जिन मरीजों के पास परिजन होते है वे भोजन ले लेते है और जिन मरीजों के पास कोई परिजन नहीं रहते। ऐसे मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार तो मरीज भोजन गाड़ी तक नहीं पहुंचने के कारण भोजन लेने से वंचित रह जाते है। नई टेंडर प्रक्रिया तो हो रही है, लेकिन इस कतार वाले सिस्टम को भी बदलना होगा, ताकि मरीजों को वार्ड में ही भोजन उपलब्ध हो सके।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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