Today Betul News: अंबादेवी के दर्शन के लिए वर्षो पहले मशाल लेकर जाते थे श्रद्धालु
Today Betul News: Years ago, devotees used to carry torches to see Ambadevi.

अब बिजली की रोशनी से जगमग हो रहा धारूल अंबादेवी धाम
Today Betul News (आठनेर)। सतपुड़ा पर्वत के घने जंगलों में स्थित पत्थरों की गुफा में निकली अंबा मंदिर के चमत्कार और आस्था का केंद्र बिंदु इस देवी स्थल पर दर्शन करने हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन पहुंच रहे हैं। नवरात्रि पर्व मनाने यहां पर श्रद्धालु अपनी मन्नोती लेकर यहां पहुंचते हैं।
समिति से जुड़े भोजराज गायकवाड़ ने इसकी जानकारी देकर बताया है कि सैकड़ों वर्ष पहले इस देवी स्थल कि खोज की गई थी। पहले यहां पर घने जंगल होने से जंगली जानवरों का जमावड़ा रहता था, लेकिन आठनेर के समाजसेवी ने इस स्थल का कायाकल्प कर आज इसकी पूरे मध्यप्रदेश महाराष्ट्र में इस स्थान कि प्रसिद्धी दिलाई है।
जंगलों के रास्ते पहुंचते हैं अंबा मंदिर
इस पवित्र स्थल पर पहुंचने धारुल वाली छोटी मां से 3 किलोमीटर का जंगल रास्ते से पहाड़ों को पार कर पहुंच कर मां अंबा देवी दर्शन करना पड़ता है। वन क्षेत्र होने से यहां पर विकास कार्यों की अनुमति नहीं मिल पाई है, लेकिन आठनेर कि समिति ने यहां की मूलभूत सुविधाएं करने विशेष प्रयास किये गए है।
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मंगला मां की खोज से पहचान मिली (Today Betul News)
इस अद्भुत और प्राकृतिक घने जंगलों में मां अंबा देवी मन्दिर कि खोज अमरावती की 1 परम भक्त तपस्वी मंगला मां की खोज से इस स्थान की खोज हुई है। पहले वर्षों तक किसी को इस स्थान के बारे में जानकारी नहीं थी।
धारूल मानी पाट एवं अन्य जगहों पर इसका प्रचार प्रसार किया गया उसके बाद इस स्थान का कायाकल्प करने शोभराज घोडक़ी कन्हैयालाल आजाद ने मंगला मां की प्रेरणा के बाद इसकी देखरेख शुरू कि है। वर्तमान में आठनेर के स्थानीय समिति सदस्यों के माध्यम से मां अंबा देवी धाम धारूल मंदिर परिसर का संचालन किया जा रहा है।
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यहां पर दर्शनीय स्थल श्रद्धा का केंद्र बिंदु
आठनेर थाना क्षेत्र के इस प्रसिद्ध अंबा देवी मन्दिर स्थल की गुफा में दर्शनीय स्थल हैं। जिसमें मुख्य रूप से काली मां देवी प्रतिमा अन्नपूर्णा मां प्रतिमा दर्शन करने श्रद्धालु को रेंगते हुए पहुंचना पड़ता है। दूर-दूर से प्रतिदिन यहां पर श्रद्धालु पहुंचते हैं श्रद्धा भाव से मन्नोती मांगते हैं।
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मिट्टी तेल की मशाल की रोशनी में होते थे मां के दर्शन (Today Betul News)
अंबा देवी धाम धारूल की अगर वर्षों पुराने कहानी सुनकर आपको आश्चर्य होगा, लेकिन सच्चाई यह है कि इस गुफा में पहुंचने का मार्ग कठिन था। आठनेर नगर के खोजकर्ता स्व.शोभराज घोडक़ी और स्व.कन्हैयालाल आजाद यहां पैदल-पैदल चलकर हिडली पाट जंगल के रास्ते दाखिल हुआ करते थे। गुफा में पहुंचने मिट्टी तेल की मशाल जलाकर गुफा में प्रवेश करना होता था।
गुफा में प्रवेश से पहले जहरीले जीव जन्तु के बीच से जाना होता था। कठिनाइयों को पार कर मां अंबा देवी दर्शन हुआ करते थे। नवरात्रि पर्व पर यहां मेला आयोजन होता है, यहां पहुंचने आठनेर से वाहनों की बस सेवा निजी टेक्सियों से यहां पहुंचा जा सकता है।
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