Betul News: ग्रामीण की हत्या करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास, 3 लोगों को पूर्व में हो चुकी है सजा
Betul News: Life imprisonment to the accused who murdered a villager, 3 people have been sentenced in the past

Betul News:(मुलताई)। आपसी विवाद में ग्रामीण की हत्या करने वाले आरोपी को द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रकरण में शामिल तीन आरोपियों को पूर्व में ही न्यायालय ने आजीवन कारावास से दंडित किया था। जबकि प्रकरण में शामिल एक आरोपी फरार चल रहा था। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद न्यायालय ने आरोपी को सजा सुनाई है।
सरकारी वकील राजेश साबले ने बताया थाना क्षेत्र के ग्राम अमरावती घाट निवासी मिट्ठू बीते 24 मई 2017 को रात में समीपस्थ ग्राम मंगोनाखुर्द में काम के लिए मजदूरो से मिलने गया था। रात 8.30 बजे के दरमियान उसे प्रेम हारले,उसका जवाई रणजीत मिले और और पूछने लगे की उनकी बहन कविता कहां है। मिट्ठू ने कविता के बारे में मालूम नहीं होने की बात कही। इस बात पर प्रेम, राजू,राजू के छोटे भाई प्रकाश और रंजीत ने मिट्ठू के साथ विवाद करते हुए अपशब्दों का प्रयोग किय। मिट्ठू के विरोध करने पर राजू और प्रकाश ने लकड़ी से और रणजीत और प्रेम ने हाथ मुक्के से मिट्ठू के साथ मारपीट कर जान से मारने की धमकी देकर चले गए थे।
मारपीट से मिट्ठू गंभीर रूप से घायल हो गया था। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचे डायल हंड्रेड वाहन से मिट्ठू को उपचार के लिए नगर के सरकारी अस्पताल लाया था। जहां उपचार करने के बाद हालत गंभीर होने से डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर किया था। उसके बाद परिजन नागपुर के मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए ले गए थे जहां 31 मई 2017 को मिट्ठू की मौत हो गई थी। घटना की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी प्रेमलाल,प्रकाश,राजू और रणजीत के खिलाफ धारा 302 सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर विवेचना उपरांत प्रकरण न्यायालय में पेश किया था। न्यायाधीश ने मंगलवार को पारित निर्णय में आरोपी रणजीत पिता बसंतराव बडोदे निवासी ग्राम रोशनखेड़ा तहसील वरुड जिला अमरावती महाराष्ट्र को धारा 302 के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन सश्रम कारावास और पांच हजार रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया है।
चार साल पहले तीन आरोपियों को हुई थी आजीवन कारावास की सजा
सरकारी वकील श्रीसाबले ने बताया द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने प्रकरण की सुनवाई उपरांत बीते 6 नवंबर 2019 को दिए गए निर्णय में आरोपी प्रकाश,राजू और प्रेमलाल को हत्या के आरोप में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और पांच पांच हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया था। विचारण के दौरान बीते 24 जुलाई 2019 को आरोपी रणजीत के अनुपस्थित होने पर उसके जमानत मुचलके निरस्त किए गए थे। बीते 22 अगस्त 2019 को आरोपी रणजीत को न्यायालय फरार घोषित कर उसके खिलाफ स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। बीते 30 अक्टूबर 2023 को स्थाई गिरफ्तारी वारंट के पालन में आरोपी रंजीत को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था।





