Betul News : अनुमति वाली खदान की रायल्टी पर खुलेआम सप्लाई हो रही गिट्टी
Betul News: Ballast is being supplied openly on royalty of permitted mine.

प्रशासन की आंखों में धूल झोंक रहे क्रेशर संचालक, प्रशासन फिर मौन
Betul News : (बैतूल)। मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशों की उड़ रही धज्जियों को काबू करने में खनिज विभाग नाकाम साबित हो रहा है तो कुछ रसूखदार सेटिंग के साथ अपना उल्लू सीधा कर रहे हैं। जानकारी मिली है कि जिन क्रेशर संचालकों के पास सिया की अनुमति नहीं है।
वे क्रेशर संचालक अनुमति वाली खदानों की रॉयल्टी पर धड़ल्ले से माल सप्लाई कर रहे हैं। जबकि खनिज विभाग को फ्रेश खनन पर रोक लगाने के बाद क्रेशर पर पड़े हुए मौजूद स्टॉक की माप जोख करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं करने से क्रेशर संचालक नए फंडे अपनाकर जहां प्रशासन की आंखों में सरेआम धूल झोंक रहे हैं तो वहीं आपसी तालमेल बनाकर शासन को भी राजस्व का चूना लगाया जा रहा है।
भीमपुर का क्रेशर चर्चा में, सांठगांठ कर चलाया जा रहा काम
इस पूरे गोरखधंधे में भीमपुर क्षेत्र में संचालित एक क्रेशर खासा चर्चा में है। बताया जा रहा है कि इस क्रेशर संचालक के पास सिया की अनुमति भी है । इस क्रेशर पर रोजाना पत्थर खनन किये जाने के साथ साथ गिट्टी फोड़ने की मशीनें भी चलाई जा रही हैं। वहीं दूसरी तरफ जिला मुख्यालय पर रहने वाले क्रेशर संचालकों ने भी फर्जीवाड़े का नया रास्ता निकाल लिया है। बताया जा रहा है कि इन संचालकों के पास रोक लगने के पहले जो स्टॉक मौजूद था उसे भी सुनियोजित तरीके से ठिकाने लगाया जा रहा है वो भी उन क्रेशर की रॉयल्टी पर जिनके पास सिया की अनुमति उपलब्ध है। ऐसे मे यदि पूछ ताछ होती है तो अनुमति प्राप्त क्रेशर खदान की रॉयल्टी दिखाकर संचालक साफ बच निकल रहे हैं। शहर में रोजाना देखने मे आ रहा है कि, गिट्टी डस्ट की सप्लाई कुछ इसी तरीके से की जा रही है।
खनिज की लापरवाही, क्यों नहीं किया गया स्टॉक वेरिफिकेशन (Betul News)
इस पूरे मामले में खनिज विभाग की बड़ी लापरवाही भी देखने को मिल रही है। मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन करवाने के लिए प्रतिबद्ध कलेक्टर अमन बीर सिंह बैंस ने खनिज विभाग को सख्त निर्देश जारी किए थे कि, बिना सिया की अनुमति किए खनन करने वाले क्रेशरों को बंद कराया जाए, संदिग्ध क्रेशर की बिजली सप्लाई काटी जाए, साथ ही बिना अनुमति लिए स्टॉक सप्लाई पर भी रोक लगाई गई थी। इसके बाद खनिज विभाग द्वारा केवल इसकी सूचना क्रेशर संचालकों को देकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली गई ।
हालांकि खनिज विभाग इसकी जानकारी पोर्टल पर होने की जानकारी दे रहा है, लेकिन इसके बावजूद परिणाम यह देखने को मिल रहा है कि क्रेशर संचालक फर्जी रॉयल्टी पर आखिर कितना माल सप्लाई कर रहे हैं। खनिज विभाग के पास इसकी कोई जानकारी नहीं है कि रोक लगाए जाने के वक्त किस क्रेशर संचालक के पास कितना मटेरियल स्टॉक में था। जबकि होना यह चाहिए था कि रोक के तत्काल बाद क्रेशर संचालकों के पास कितना स्टॉक मौजूद था इसकी माप जोंख कर ली जाती, लेकिन ऐसा नहीं किए जाने से क्रेशर संचालक मनमानी पर उतारू हैं।
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इनका कहना….
क्रेशरों पर मौजूद स्टॉक की जानकारी पोर्टल पर है। फर्जी रॉयल्टी पर सप्लाई की जानकारी मिली है। कार्यवाही करेंगे।
मनीष पालीवाल, जिला खनिज अधिकारी बैतूल
क्रेशर की बिजली अभी नहीं काटी गई है। क्योंकि संचालकों के कहना है कि इस अवधि का बिल जमा नहीं किया जाएगा। कलेक्टर साहब से मार्गदर्शन मांगा है।
बीएस बघेल, डीई




