Betul News: रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे सोने-चांदी के दाम, सराफा बाजार में रौनक गायब

बढ़ती महंगाई ने आम लोगों की तोड़ी कमर, जल्द शुरू होगा विवाह का सीजन
Betul News: बैतूल। बढ़ती महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। रोजमर्रा की जरूरतों के साथ-साथ अब सोना-चांदी भी आमजन की पहुंच से बाहर होता जा रहा है। विवाह सीजन शुरू होने में अब केवल कुछ ही दिन शेष हैं, लेकिन इसके बावजूद सराफा बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ है। आमतौर पर शादी से पहले सराफा बाजार में भारी चहल-पहल देखने को मिलती थी, लेकिन इस बार हालात बिल्कुल विपरीत नजर आ रहे हैं।
सोने और चांदी के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी ने ग्राहकों को खरीदारी से दूर कर दिया है। वर्तमान में सोने के दाम करीब 1 लाख 45 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच चुके हैं, वहीं चांदी की कीमत 3 लाख 5 हजार रुपए प्रति किलो से अधिक हो गई है। इन रिकॉर्ड कीमतों के कारण आम नागरिकों ने सराफा बाजार से लगभग किनारा कर लिया है। अब हालात ऐसे हैं कि सोने-चांदी के आभूषण खरीदना हर किसी के वश की बात नहीं रह गई है।
बाजार में केवल वही ग्राहक दिखाई दे रहे हैं, जिनके लिए आभूषण खरीदना बेहद जरूरी है। ऐसे लोग भी मजबूरी में कम वजन के आभूषण खरीदकर काम चला रहे हैं। जहां पहले भारी-भरकम हार, कंगन और सेट की मांग रहती थी, वहीं अब ग्राहक हल्की ज्वेलरी को प्राथमिकता दे रहे हैं। कुल मिलाकर लोगों को आभूषण के वजन और डिजाइन में समझौता करना पड़ रहा है।
मध्यम और गरीब वर्ग के लिए तो आभूषण खरीदना अब एक सपना बनकर रह गया है। शहर के बड़े-बड़े ज्वेलरी शोरूम, जहां आमतौर पर ग्राहकों की भीड़ लगी रहती थी, अब खाली नजर आ रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि बढ़ते दामों के कारण बिक्री में भारी गिरावट आई है। विवाह सीजन नजदीक होने के बावजूद बाजार में वह रौनक नहीं दिखाई दे रही, जो हर साल देखने को मिलती थी।

उधारी का गणित भी बदला
सोने-चांदी के बढ़ते दामों का असर उधारी के कारोबार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सराफा बाजार में पहले बड़े स्तर पर उधारी में लेन-देन होता था, लेकिन अब व्यापारी उधारी में आभूषण देने से बच रहे हैं। कई दुकानदारों ने साफ शर्त रख दी है कि ग्राहक जिस दिन भुगतान करेगा, उसी दिन के भाव से राशि तय की जाएगी। इससे उधारी का पूरा गणित ही बदल गया है और यह व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। इस स्थिति का सीधा असर विवाह की तैयारियों पर पड़ रहा है। विवाह का मुहूर्त नजदीक है, लेकिन लोग ज्वेलरी नहीं खरीद पा रहे हैं। जिन परिवारों ने पहले ही सोना-चांदी खरीदकर रख लिया था, वे ही वर्तमान में फायदे की स्थिति में हैं।
फरवरी से शुरू होंगे विवाह समारोह
फरवरी माह से विवाह समारोहों की शुरुआत होने जा रही है। फरवरी में 4, 5, 6, 10, 12, 14, 20, 24, 25 और 26 तारीख को विवाह के शुभ मुहूर्त हैं। विवाह की तारीखें नजदीक आने के साथ ही लोग तैयारियों में जुट गए हैं, लेकिन सोने-चांदी के बढ़ते दामों ने सभी का बजट बिगाड़ दिया है। ज्वेलरी को लेकर बढ़ती चिंता साफ तौर पर लोगों के चेहरों पर नजर आ रही है। कुल मिलाकर, रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे सोने-चांदी के दामों ने न केवल सराफा बाजार की रौनक छीन ली है, बल्कि आम लोगों की विवाह संबंधी खुशियों पर भी असर डाल दिया है।
इनका कहना…..
सोने-चांदी के दामों में भारी बढ़ोतरी होने के कारण खरीददारी कम हो गई है। ऐसा नहीं लग रहा है कि विवाह सीजन नजदीक है, महंगाई ने ग्राहक और व्यापारी दोनों की कमर तोड़ दी है।
नवीन तातेड़, संचालक मामाजी ज्वेलर्स, बैतूल




