Betul News: 10 दिन में 2 बार बंद हुई सतपुड़ा की 11 नंबर इकाई

पहले वॉटर वाल्व, अब बॉयलर ट्यूब में आया लीकेज
Betul News: सारणी। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के सतपुड़ा थर्मल पावर प्लांट की 11 नंबर बिजली इकाई बार-बार तकनीकी कारणों से बंद होने के चलते चर्चा में है। लगातार आ रही तकनीकी खामियों से न केवल बिजली उत्पादन प्रभावित हो रहा है, बल्कि पावर प्लांट की कार्यप्रणाली और हाल ही में हुए संधारण कार्य पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
गौरतलब है कि 250 मेगावाट क्षमता वाली 11 नंबर इकाई का करीब तीन माह पहले ही संधारण कार्य किया गया था। इसके बावजूद इकाई में बार-बार लीकेज जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। इसी माह 20 दिसंबर को वॉटर वाल्व ट्यूब में लीकेज के कारण यह इकाई बंद करनी पड़ी थी। मरम्मत कार्य के बाद 25 दिसंबर को इकाई को पुन: लाइटअप कर लोड पर लिया गया, लेकिन यह पूरी क्षमता से पांच दिन भी नहीं चल सकी। 30 दिसंबर को एक बार फिर बॉयलर ट्यूब में लीकेज पाए जाने के कारण 11 नंबर इकाई को बंद करना पड़ा। इससे सतपुड़ा पावर प्लांट के बिजली उत्पादन पर सीधा असर पड़ा है। सतपुड़ा थर्मल पावर प्लांट में 250-250 मेगावाट क्षमता की दो इकाइयां स्थापित हैं, जिनसे कुल 500 मेगावाट बिजली उत्पादन होता है।
11 नंबर इकाई बंद होने से 250 मेगावाट उत्पादन प्रभावित हो रहा है। उल्लेखनीय है कि इसी 11 नंबर इकाई ने पूर्व में 200 दिनों तक लगातार बिजली उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया था। इसी उपलब्धि के बाद सितंबर माह में इसका संधारण कार्य किया गया था।
हालांकि संधारण के बाद से अब तक यह इकाई विभिन्न तकनीकी कारणों से करीब पांच बार बंद हो चुकी है, जिससे रखरखाव की गुणवत्ता पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है। पावर प्लांट प्रबंधन को दोनों इकाइयों के संचालन के लिए प्रतिदिन लगभग 7500 मीट्रिक टन कोयले की आवश्यकता होती है। ऐसे में एक इकाई के बार-बार बंद होने से न केवल उत्पादन प्रभावित हो रहा है, बल्कि ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ रहा है।




