Betul News: गंज की सीसी रोड निर्माण में फ्यूरी से डाल रहे कांक्रीट मटेरियल

Betul News: Concrete material is being poured furiously in the construction of CC Road in Ganj.

टेंडर में आरएमसी प्लांट से मिक्स मटेरियल डालने का था अनुबंध, नियमों की अनदेखी

Betul News: बैतूल। कई शिकायतों और उलझनों से दो-दो हाथ होने के बावजूद नपा के जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली सुधरते दिखाई नहीं दे रही है। ड्रेचिंग ग्राउंड में कचरा प्रणाली को लेकर इस समय जमकर सुर्खियां चल रही हैं। इस बीच गंज में तांगा स्टैंड से बाबू चौक तक बनने वाली सड़क की नियमों की अनदेखी कर निर्माण कार्य किया जा रहा है। बताया जाता है कि लगभग दो करोड़ की लागत से बनने वाली इस सीसी सड़क में भोपाल की फर्म ने टेंडर हासिल किए हैं। नियम से सीसी सड़क में फ्यूरी से कांक्रीट मटेरियल नहीं डाला जा सकता है, लेकिन नपा के अधिकारियों को ठेकदार को संरक्षण देने के कारण यह सब चल रहा है। इससे सड़क की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकार सूत्र बताते हैं कि गंज के मुख्य मार्ग पर बाबू चौक से तांगा स्टैंड तक उच्च गुणवत्ता की सड़क बनवाने का प्रस्ताव जवाहर वार्ड के पार्षद विकास प्रधान को परिषद में रखवाया था। इसकी मंजूरी मिलने के बाद परिषद ने टेंडर आमंत्रित किए। भोपाल की घरोंदा सरकार फर्म ने 1.90 करोड़ की लागत से बनने वाली सड़क के लिए उच्चतम बोली लागकर बनाने का जिम्मा लिया है। लेटलतीफी के कारण यह सड़क मीडिया में खूब सुर्खियां बटोरती रही। कुछ माह पहले हेमंत खंडेलवाल ने सीसी सड़क के लिए भूमिपूजन किया। बारिश में ठेकेदार ने सड़क खोदकर काम किया तो खूब आलोचना हुई। कई दिनों तक सड़क खोदने के बाद घरोंदा सरकार फर्म ने सीसी सड़क के लिए काम शुरू किया तो नया विवाद छिड़ गया है।

टेंडर की प्रक्रिया का खुला उल्लंघन

बताया जाता है कि नपा ने इस सड़क को बनाने के लिए टेंडर प्रक्रिया का खुला उल्लंघन किया है। जानकार बताते हैं कि नियम के अनुसार सड़क निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया के मुताबिक आरएमसी प्लांट से मिक्स मटेरियल के जरिए कांक्रीट डालना है। इसे सलिफार पेवर मशीन से बिछाना है, लेकिन ठेकेदार सीसी रोड बनाने में फ्यूरी से कांक्रीट मटेरियल डाल रहा है। एक तरफ की सीसी रोड बनने को तैयार है, लेकिन नपा के अधिकारियों ने ठेकेदार की इस गलती को पकड़ने के बजाए उसे फ्री हेंड दे दिया। नतीजा यह है कि ठेकेदार मन माफिक काम कर रहा है। यदि सड़क की गुणवत्ता खराब हुई तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा, बताने वाला कोई नहीं है।

स्थानीय ठेकेदार ने इसलिए हाथ खड़े किए

जानकार सूत्र बताते हैं कि स्थानीय ठेकेदारों ने गंज की इस प्रमुख सड़क निर्माण के लिए नगरपालिका ने जो टेंडर डाले थे, इससे दूरी बना ली। दरअसल आरएमसी प्लांट से सीसी सड़क में मिक्स मटेरियल डालना और सलिफार्म मशीन से बिछाने की शर्त के कारण ही स्थानीय ठेकेदार प्रक्रिया दूर हो गए। बताया जाता है कि अधिकांश ठेकेदारों के पास आरएमसी प्लांट नहीं है और पेवर मशीन का भी अभाव है। यदि इसे किराए पर लाए तो भारी भरकम भुगतान करना पड़ता। यही वजह है कि स्थानीय ठेकेदारों ने रूचि नहीं दिखाई तो भोपाल की घरोंदा सरकार ने बाजी मार ली, लेकिन ठेकेदार द्वारा जिस तरह नियमों की अनदेखी की जा रही है। यह कहीं न कहीं सत्तारूढ़ भाजपा के जनप्रतिनिधियों की भी आंखों में धूल झोंकी जाना जैसा है।

इनका कहना……

जो बात आप बता रहे हैं, यह टेंडर में नहीं है। लोगों को कांक्रीट की क्वालिटी से मतलब रहता है, न की पेवर ब्लाक मशीन से। नियम के अनुसार ठेकेदार यदि मशीन से काम करता है तो उसे 391 रुपए अतिरिक्त भुगतान किया जाता है। यदि सीसी सड़क की गुणवत्ता खराब होगी तो ठेकेदार ही भरपाई करवाएंगे।

नीरज धुर्वे, एई, नपा बैतूल 

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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